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नोटबंदी की वजह से कर्ज में डूबे ग्वालियर के व्यापारी ने आगरा में किया सुसाइड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 09 Jan 2018 10:14 AM IST
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आगरा के शाहगंज के ईदगाह की पीएनटी कॉलोनी स्थित होटल परिजात पैलेस के कमरा संख्या 202 में सोमवार को ग्वालियर के संतोष कुमार गुप्ता (45) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को कमरे से चार पेज का सुसाइड नोट मिला है।
जिसमें लिखा है कि नोटबंदी के दौरान 65 लाख के पुराने नोट बदलने के लिए दूसरे कारोबारियों से ले रखे थे। एक भाजपा नेता और परिचित ने उसे इन्हें बदलवाने का झांसा दिया और सारी रकम हड़प ली। इससे वह कर्ज में डूब गया। नोट देने वाले रकम वापस मांग रहे थे। इससे परेशान होकर ही यह आत्मघाती कदम उठाया।
ऊषा कालोनी, डबरा, ग्वालियर (एमपी) निवासी संतोष कुमार गुप्ता पुत्र स्व. किशोरीलाल गुप्ता व्यापारी था। घाटा होने पर कारोबार छूट गया था। नोटबंदी में नोट बदलने का काम पकड़ा। सोचा, कमीशन मिलेगा तो परेशानी दूर हो जाएगी। इसी चक्कर में कई कारोबारियों से पुराने नोट उठा लिए। कर्मचारियों ने बताया कि वह एक जनवरी को होटल में आया था।
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उन्होंने काम से आने की बात कही थी। सोमवार सुबह नौ बजे होटल के कर्मचारी ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन जवाब नहीं मिला। इस पर लौट गया। दोपहर एक बजे तक जब दरवाजा नहीं खुला तो मालिक को जानकारी दी। कर्मचारी ने कमरे की खिड़की से झांककर देखा तो अंदर संतोष पंखे से लटका था। इसकी जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे में सुसाइड नोट मिला।
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जिसमें लिखा है कि नोटबंदी के दौरान 65 लाख के पुराने नोट बदलने के लिए दूसरे कारोबारियों से ले रखे थे। एक भाजपा नेता और परिचित ने उसे इन्हें बदलवाने का झांसा दिया और सारी रकम हड़प ली। इससे वह कर्ज में डूब गया। नोट देने वाले रकम वापस मांग रहे थे। इससे परेशान होकर ही यह आत्मघाती कदम उठाया।
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ऊषा कालोनी, डबरा, ग्वालियर (एमपी) निवासी संतोष कुमार गुप्ता पुत्र स्व. किशोरीलाल गुप्ता व्यापारी था। घाटा होने पर कारोबार छूट गया था। नोटबंदी में नोट बदलने का काम पकड़ा। सोचा, कमीशन मिलेगा तो परेशानी दूर हो जाएगी। इसी चक्कर में कई कारोबारियों से पुराने नोट उठा लिए। कर्मचारियों ने बताया कि वह एक जनवरी को होटल में आया था।
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उन्होंने काम से आने की बात कही थी। सोमवार सुबह नौ बजे होटल के कर्मचारी ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन जवाब नहीं मिला। इस पर लौट गया। दोपहर एक बजे तक जब दरवाजा नहीं खुला तो मालिक को जानकारी दी। कर्मचारी ने कमरे की खिड़की से झांककर देखा तो अंदर संतोष पंखे से लटका था। इसकी जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे में सुसाइड नोट मिला।
मेरी पत्नी और बच्चों का ख्याल रखना....
सीओ लोहामंडी चमन कुमार चावड़ा ने बताया कि सुसाइड नोट में संतोष कुमार ने आर्थिक तंगी से परेशान होने की बात कही है। यह भी लिखा है कि एक साल पहले नोटबंदी के दौरान पुराने नोट बदलने के लिए कई लोगों ने पैसा दिया था। इसके बदले में उनका कमीशन तय था।
ग्वालियर के ही परिचित एक भाजपा नेता को 40 लाख रुपये दे दिए। इसके अलावा अपने परिचित दोस्त को भी 25 लाख रुपये दिए थे। मगर, उक्त लोगों ने रकम लेने के बाद वापस नहीं की। इस कारण लोग संतोष के घर के चक्कर काट रहे थे। रकम देने के लिए दबाव बना रहे थे।
कुछ लोगों का पैसा भी चुकाया। इससे संतोष आर्थिक तंगी में आ गए। काफी मानसिक तनाव से गुजर रहा था। इसी के चलते आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में पत्नी और बच्चों का ख्याल रखने की बात कही है। पुलिस ने परिवारीजनों सूचना दी।
ग्वालियर के ही परिचित एक भाजपा नेता को 40 लाख रुपये दे दिए। इसके अलावा अपने परिचित दोस्त को भी 25 लाख रुपये दिए थे। मगर, उक्त लोगों ने रकम लेने के बाद वापस नहीं की। इस कारण लोग संतोष के घर के चक्कर काट रहे थे। रकम देने के लिए दबाव बना रहे थे।
कुछ लोगों का पैसा भी चुकाया। इससे संतोष आर्थिक तंगी में आ गए। काफी मानसिक तनाव से गुजर रहा था। इसी के चलते आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में पत्नी और बच्चों का ख्याल रखने की बात कही है। पुलिस ने परिवारीजनों सूचना दी।
कई लोगों के पास हो सकते हैं पुराने नोट
पुराने नोट अब गुल खिला रहे हैं। उस समय कई लोगों ने जल्दबाजी में इधर-उधर ठिकाने लगा दिए। सोचा, जो मिले, सो सही। अभी तक चुप्पी भी साधे रहे। मेरठ में तो हाल में ही 25 करोड़ के पुराने नोट मिले हैं। ऐसे मामले आगरा में और भी हो सकते हैं। पिछले साल जुलाई में यमुना में एत्माददौला में 1000-500 के पुराने नोट बहाए गए थे। बोरियां की बोरियां फेंक दी गई थी।
बता दें कि मई 2017 में भी एक युवक ने होटल परिजात पैलेस में आत्महत्या कर ली थी। वह राजस्थान के जोधपुर का रहने वाला था। तब आत्महत्या का कारण पता नहीं चल सका था। पिछले साल शहर के होटलों में पांच लोगों ने खुदकुशी की थी।
बता दें कि मई 2017 में भी एक युवक ने होटल परिजात पैलेस में आत्महत्या कर ली थी। वह राजस्थान के जोधपुर का रहने वाला था। तब आत्महत्या का कारण पता नहीं चल सका था। पिछले साल शहर के होटलों में पांच लोगों ने खुदकुशी की थी।