Agra: कारोबारी ने पिता की रिवाल्वर से खुद को मारी गोली... मौत, सदमे में परिजन; बोले-परिवार में नहीं थी कोई रार
ताजनगरी में व्यापारी ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मां से बोला कि चाय बना दो। इसके बाद कमरे जाकर खुद को शूट कर लिया।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में ट्रांस यमुना कॉलोनी बी ब्लॉक में बृहस्पतिवार सुबह कारोबारी अतुल गुप्ता (40) ने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से माथे पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। अतुल ने अपनी मां से चाय बनाने के लिए कहा। फिर पहली मंजिल पर बने कमरे में जाकर जान दे दी। गोली की आवाज सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे, तब तक मौत हो चुकी थी। कारोबारी ने पहली पत्नी से तलाक के बाद 2 साल पहले ही दूसरी शादी की थी।
परिजन ने बताया कि अतुल गुप्ता ने कुछ दिन पहले ही एक ब्रांडेड कंपनी के आटे की एजेंसी ली थी। बृहस्पतिवार को ब्रांडेड कंपनी की एनर्जी ड्रिंक की फ्रेंचाइजी की डील करनी थी। रोजाना की तरह वह सुबह 5 बजे बल्केश्वर में मंदिर पहुंचे। व्हाट्सएप ग्रुप में महाकाल का फोटो और संदेश भेजा। करीब साढ़े छह बजे मंदिर से घर लौटे। उस वक्त मां सिया कुमारी और पिता रामप्रकाश चाय पी रहे थे।
अतुल कुमार ने मां को प्यार किया। उनसे कहा कि उन्हें भी चाय दे दें। अकेले क्यों चाय पी रही हैं। मां उठकर चाय बनाने चली गईं। वह अपने कमरे में गए। पत्नी सुरुचि बाथरूम में थीं, तभी अचानक गोली की आवाज आई। पिता रामप्रकाश गुप्ता दौड़कर कमरे में पहुंचे। कमरे में बेटा खून से लथपथ पड़ा था। सिर से खून बह रहा था। पिता की चीख निकल पड़ी।
अतुल को अस्पताल तक ले जाने का मौका नहीं मिला। रिवाल्वर पलंग के पास ही पड़ा था। पिता ने वहां से रिवाल्वर हटाई। बेटे के सिर पर कपड़ा बांधा। पुलिस को सूचना दी। एसीपी छत्ता हेमंत कुमार ने बताया कि खुदकुशी की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। परिजन अभी बात करने की स्थिति में नहीं हैं।
भाजपा विधायक के रिश्तेदार थे अतुल
अतुल गुप्ता उर्फ शिवहरे भाजपा के एमएलसी विजय शिवहरे के बड़े भाई के रिश्तेदार थे। एमएलसी विजय शिवहरे घटनास्थल पर आए। रिश्तेदार और पड़ोसी यही बता रहे हैं कि अतुल बहुत जिंदादिल थे। परिवार में कोई रार और परेशानी नहीं थी। कारोबार को लेकर भी कोई दिक्कत नहीं थी। पता नहीं इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। यह भी नहीं सोचा कि उनके बाद माता-पिता का ध्यान कौन रखेगा?
फ्रोजन फूड्स का करना चाहते थे काम
अतुल गुप्ता ने आटा की एजेंसी ली थी। इसमें उन्हें ज्यादा मुनाफा नहीं हो रहा था। हाल ही में उन्होंने फ्रोजन फूड्स का काम शुरू किया था। वह अपने साथियों से कहते थे कि यह काम अच्छा है। इस काम को ही बढ़ाना है। धीरे-धीरे आटे का काम बंद कर देंगे। अतुल भगवान शिव के भक्त थे। अपने शरीर पर कई टैटू बनवा रखे थे।