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बुखार से एक और मौत, डेंगू के अब तक 45 मरीज

Sat, 01 Oct 2016 01:22 AM IST
बुखार से एक और मौत, डेंगू के अब तक 45 मरीज
बुखार से एक और मौत, डेंगू के अब तक 45 मरीज Updated Sat, 01 Oct 2016 01:22 AM IST
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bukhar maut
बुखार से एक और मौत, डेंगू के अब तक 45 मरीज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बुखार का प्रकोप अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को एक और मरीज ने दम तोड़ दिया। इस तरह जिले में मरने वालों की संख्या 56 पहुंच गई है। एसएन मेडिकल कालेज के डेंगू वार्ड में सात और नए मरीज भर्ती हुए। इसमें पांच मरीजों में डेंगू की संभावना जताई जा रही है। इनके रक्त के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। बासौनी के बरहा गांव में शुक्रवार को राधा (17) पुत्री राजवीर सिंह की वायरल बुखार से मौत हो गई। इसका इलाज फतेहाबाद में चल रहा था, यहां हालत बिगड़ने पर आगरा के निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों का कहना कि डाक्टर ने डेंगू बताया था। 
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16 मरीजों में चिकनगुनिया
चिकनगुनिया के मरीजों में भी बढ़ोत्तरी हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने 168 मरीजों के सैंपल जुटाए हैं। इसमें 16 मरीजों की पुष्टि हुई है। संक्रामक रोग विभाग की डा. प्रियंका चौहान बताती हैं कि 578 मरीजों के सैंपल में से 46 डेंगू के मिले हैं, 16 को चिकनगुनिया। चिकित्सकीय मानीटरिंग में अधिकांश दुुरस्त हो चुके हैं, कुछेक का इलाज चल रहा है। 58 मरीज मलेरिया के हैं। 
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414 लोगो का स्वास्थ्य परीक्षण एवं 15 लोगो के रक्त के नमूने लिये।
अछनेरा। गांव सांधन में इस साल वायरल बुखार और डेंगू आदि से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। तमाम शिकायतों के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे। उन्होंने शिविर लगाकर लगभग 414 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं वितरित कीं। इस दौरान 15 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए। शिविर के दौरान विधायक ठाकुर सूरजपाल सिंह ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। वहीं, गुरुवार को सांसद चौधरी बाबूलाल ने भी गांव में पहुंचकर स्वास्थ्य अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई थी। जबकि स्वास्थ्य अधिकारी गांव में होने वाली मौतों को वायरल बुखार और डेंगू से होना नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि लोगों की मौत अन्य बीमारियों के कारण हुई है। पीएचसी के डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि परिवारीजनों ने मृतकों के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। ऐसे में मौतों को वायरल बुखार और डेंगू से होना नहीं माना जा सकता है। डॉक्टर के बयान पर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त किया है। सांसद और विधायक ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में लगातार टीम रखकर ग्रामीणों के इलाज की मांग की है। 
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पिनाहट में टीम न पहुंचने पर भड़के ग्रामीण
पिनाहट। क्षेत्र के गांव टीकतपुरा, खादरिया, खादर, बीच का पुरा, क्यौरी हार, उमरैठा, सेहा, सियापुरा, मनौना, नयाबांस, सेरव, अमर सिंह पुरा, विप्रावली आदि में बीमारियों का प्रकोप फैला है। लोग वायरल बुखार से मर रहे हैं। हर घर में लोग बीमार पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग से कोई मदद न मिलने के कारण लोग झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। क्षेत्र में कई लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचसी बसई अरेला, जगतूपुरा, करकौली, भदरौली, उमरैठा, पडुआपुरा आदि में कोई भी स्वास्थ्य कर्मी तैनात नहीं है। ऐसे में लोगों को भटकना पड़ रहा है। वहीं, सरकार की ओर से सीएचसी और पीएचसी पर भेजी जाने वाली लाखों रुपये की दवा गरीब और बीमारी से ग्रसित लोगों को नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों ने दवा को मेडिकल स्टोरों पर सप्लाई करने का आरोप लगाया है। वहीं, तमाम शिकायतों और मांगों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंच रही है। इसे लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीण जतिन पाराशर, नरायन दुबे, विनोद, पंकज, अशोक, राजू, रामसनेही, संजय, मुकेश, वीरेन्द्र आदि ने प्रशासन से गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने की मांग की है। 
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