{"_id":"6980280942eca7693c0dafac","slug":"budget-2026-brings-relief-to-middle-class-families-health-and-education-get-major-boost-2026-02-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Budget 2026: दवाइयां सस्ती, पढ़ाई और इलाज में राहत; आम परिवारों ने बताया 'सुकून देने वाला' बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budget 2026: दवाइयां सस्ती, पढ़ाई और इलाज में राहत; आम परिवारों ने बताया 'सुकून देने वाला' बजट
Mon, 02 Feb 2026 09:58 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 02 Feb 2026 09:58 AM IST
सार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में बजट 2026 पेश किया। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का यह दूसरा पूर्ण बजट है। वित्त मंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण का यह नौवां बजट है। इस बजट में समाज के तीन मुख्य स्तंभों- महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों के विकास पर खास जोर दिया गया है। जानें क्या कहते हैं लोग...
विज्ञापन
केंद्रीय बजट 2026-27
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बजट में मध्यम वर्ग और आम भारतीय परिवारों को राहत देने के लिए कुछ कदम उठाए गए हैं। बीमार और बुजुर्गों का ख्याल रखने के कदमों का परिवारों ने स्वागत किया है। आम परिवार सबसे ज्यादा खर्च स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा पर कर रहा है। ऐसे में बजट प्रावधानों से उन्हें राहत मिलेगी।
अमर उजाला ने राम नगर कॉलोनी में रहने वाले संयुक्त परिवार से बजट के प्रावधानों पर चर्चा की। घर के मुखिया डॉ. विष्णु देव सारस्वत के साथ पुत्र सोमदेव, पुत्र वधू कामना, पौत्र सूर्यदेव, पौत्री जाह्नवी और पौत्र वधु मोहिनी ने एक साथ टीवी पर बजट देखा। सभी का मानना है कि यह बजट आम आदमी को राहत पहुंचाने वाला है। लड़कियों के लिए हॉस्टल व्यवस्था से उनकी सुरक्षा, पढ़ाई और तरक्की के रास्ते खुलेंगे तो महिला, युवा और दिव्यांगजन को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ने राम नगर कॉलोनी में रहने वाले संयुक्त परिवार से बजट के प्रावधानों पर चर्चा की। घर के मुखिया डॉ. विष्णु देव सारस्वत के साथ पुत्र सोमदेव, पुत्र वधू कामना, पौत्र सूर्यदेव, पौत्री जाह्नवी और पौत्र वधु मोहिनी ने एक साथ टीवी पर बजट देखा। सभी का मानना है कि यह बजट आम आदमी को राहत पहुंचाने वाला है। लड़कियों के लिए हॉस्टल व्यवस्था से उनकी सुरक्षा, पढ़ाई और तरक्की के रास्ते खुलेंगे तो महिला, युवा और दिव्यांगजन को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।
विज्ञापन
परिवार के मुखिया डॉ. विष्णुदेव सारस्वत कहते हैं कि कैंसर समेत सात अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती करने से हर परिवार पर असर पड़ेगा। सबसे ज्यादा बोझ महंगी दवाओं का है। गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज में आम आदमी की जमापूंजी निकल जाती है, इससे हर वर्ग को राहत मिलेगी। सरकार वरिष्ठ नागरिकों को पहले ही आयुष्मान कार्ड के दायरे में ला चुकी है। अब दवाइयां सस्ती होने से और राहत मिलेगी।
नए संस्थान खोलेंगे तरक्की के नए रास्ते
वित्त मंत्री ने चिकित्सा से लेकर डिजाइनिंग तक के नए संस्थान, पांच नए विवि खोलने की घोषणा की है। सोमदेव कहते हैं कि आयकर नियमों का सरलीकरण, खेती के साथ उद्योगों को बढ़ावा देने के कदम अच्छे हैं। इस बजट के परिणाम आने वाले वर्षों में नजर आएंगे।
वित्त मंत्री ने चिकित्सा से लेकर डिजाइनिंग तक के नए संस्थान, पांच नए विवि खोलने की घोषणा की है। सोमदेव कहते हैं कि आयकर नियमों का सरलीकरण, खेती के साथ उद्योगों को बढ़ावा देने के कदम अच्छे हैं। इस बजट के परिणाम आने वाले वर्षों में नजर आएंगे।
शी-मार्ट जैसी योजनाएं बनाएंगी महिलाओं को आत्मनिर्भर
कामना के अनुसार शी-मार्ट जैसी योजनाएं उनके आर्थिक उन्नयन की राह खोलेगी। बेटियों के लिए गर्ल्स हॉस्टल खुलेंगे तो उन्हें बाहर पढ़ने भेजने के खर्चे में भी राहत मिलेगी। बेटियों को सशक्त बनाने में इससे मदद मिलेगी।
कामना के अनुसार शी-मार्ट जैसी योजनाएं उनके आर्थिक उन्नयन की राह खोलेगी। बेटियों के लिए गर्ल्स हॉस्टल खुलेंगे तो उन्हें बाहर पढ़ने भेजने के खर्चे में भी राहत मिलेगी। बेटियों को सशक्त बनाने में इससे मदद मिलेगी।
विदेश यात्रा होगी आसान
सूर्यदेव कहते हैं कि विदेश यात्रा पर टीसीएस में कटौती से विदेश में पढ़ाई की इच्छा रखने वाले युवाओं को सहूलियत होगी। परिवार का आर्थिक बोझ कुछ कम होगा। जो परिवार विदेश यात्रा करना चाहते हैं, उनकी जेब पर भी बोझ कम हो जाएगा।
सूर्यदेव कहते हैं कि विदेश यात्रा पर टीसीएस में कटौती से विदेश में पढ़ाई की इच्छा रखने वाले युवाओं को सहूलियत होगी। परिवार का आर्थिक बोझ कुछ कम होगा। जो परिवार विदेश यात्रा करना चाहते हैं, उनकी जेब पर भी बोझ कम हो जाएगा।