{"_id":"5e3558d98ebc3e4b6613d661","slug":"budget-2020-no-any-announce-for-mainpuri-in-union-budget","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Budget 2020: खाली रही मुलायम के 'गढ़' मैनपुरी की झोली, योजनाओं ने बंधाई उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budget 2020: खाली रही मुलायम के 'गढ़' मैनपुरी की झोली, योजनाओं ने बंधाई उम्मीद
Sun, 02 Feb 2020 12:17 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 02 Feb 2020 12:17 AM IST
विज्ञापन
मैनपुरी रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरेद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शनिवार को संसद में पेश किया गया। बजट में मुलायम सिंह यादव के गढ़ कहे जाने वाले मैनपुरी की झोली खाली रही। न ही जिले के लिए उद्योग की बात की गई, न ही रेल सुविधाओं में सुधार की। हालांकि लोगों को उम्मीद जरूर बंधी है।
किसान सोलर पंप में मदद की आस देखने लगे हैं। वहीं खुदरा व्यापारियों को पेंशन की उम्मीद बढ़ी है। मिल्क प्रोसेसिंग क्षमता को दो गुना किए जाने से पशुपालकों की उम्मीद भी बढ़ी है। क्योंकि जिले में दो लाख से अधिक किसान पशुपालन करते हैं।
चार हजार खुदरा व्यापारी होंगे लाभांवित
जिले में करीब सात हजार पंजीकृत व्यापारी हैं। प्रधानमंत्री कर्मयोगी मानधन योजना के तहत डेढ़ करोड़ से कम कारोबार वाले खुदरा व्यापारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा। पात्रता की इस कसौटी पर करीब चार हजार खुदरा व्यापारियों के खरे उतरने की उम्मीद है। ऐसे में इन्हें इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान सोलर पंप में मदद की आस देखने लगे हैं। वहीं खुदरा व्यापारियों को पेंशन की उम्मीद बढ़ी है। मिल्क प्रोसेसिंग क्षमता को दो गुना किए जाने से पशुपालकों की उम्मीद भी बढ़ी है। क्योंकि जिले में दो लाख से अधिक किसान पशुपालन करते हैं।
विज्ञापन
चार हजार खुदरा व्यापारी होंगे लाभांवित
जिले में करीब सात हजार पंजीकृत व्यापारी हैं। प्रधानमंत्री कर्मयोगी मानधन योजना के तहत डेढ़ करोड़ से कम कारोबार वाले खुदरा व्यापारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा। पात्रता की इस कसौटी पर करीब चार हजार खुदरा व्यापारियों के खरे उतरने की उम्मीद है। ऐसे में इन्हें इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है।
विज्ञापन
दो लाख पशुपालक होंगे लाभांवित
जिले में करीब दो लाख पशुपालक हैं। मिल्क प्रोसेसिंग कैपेसिटी के दो गुना होने से दूध की मांग भी बढ़ेगी। ऐसे में पशुपालकों को सरकार की इस व्यवस्था से बेहतर भविष्य नजर आ रहा। क्यों कि जिले में संचालित डेयरी बंद होने से जिले में दुग्ध उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है।
चार लाख किसानों की आस बढ़ी
बजट में सरकार ने देश के 20 लाख किसानों को सोलर पंप में मदद का एलान किया है। ऐसे में जिले के चार लाख किसानों की उम्मीद बढ़ गई है। बिजली महंगी होने से किसानों का रुझान सोलर पंप की तरफ बढ़ रहा है। हालांकि जानकारों का कहना है कि मैनपुरी में लाभार्थी किसानों की संख्या हजार के आंकड़े के भीतर ही रहेगी।
10 हजार लोगों को मिला विकल्प
जिले में सरकारी कर्मचारियों की संख्या दस हजार के आसपास है। भले ही बजट में सरकार ने सीधे तौर पर कोई राहत नहीं दी है, लेकिन नया विकल्प दस हजार सरकारी कर्मचारियों को दे दिया है। अब कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार अपना आयकर दाखिल कर सकते हैं।
चार लाख किसानों की आस बढ़ी
बजट में सरकार ने देश के 20 लाख किसानों को सोलर पंप में मदद का एलान किया है। ऐसे में जिले के चार लाख किसानों की उम्मीद बढ़ गई है। बिजली महंगी होने से किसानों का रुझान सोलर पंप की तरफ बढ़ रहा है। हालांकि जानकारों का कहना है कि मैनपुरी में लाभार्थी किसानों की संख्या हजार के आंकड़े के भीतर ही रहेगी।
10 हजार लोगों को मिला विकल्प
जिले में सरकारी कर्मचारियों की संख्या दस हजार के आसपास है। भले ही बजट में सरकार ने सीधे तौर पर कोई राहत नहीं दी है, लेकिन नया विकल्प दस हजार सरकारी कर्मचारियों को दे दिया है। अब कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार अपना आयकर दाखिल कर सकते हैं।
लोगों की प्रतिक्रिया
आयकर में लगातार सुधार किया जा रहा है। लेकिन आज के समय में दस लाख तक की आय में ही परिवार का भरण पोषण संभव है। इसके लिए सरकार को विचार कर आगामी बजट में दस लाख रुपये तक की आय कर से मुक्त करनी चाहिए।- अनूप कुमार, व्यापारी
केंद्र सरकार ने अपने बजट में आयकर स्लैब को कम करके देश भर के सरकारी कर्मचारियों को राहत दी है। कहीं न कहीं ये एक बेहतर अर्थव्यवस्था की ओर सरकार का कदम है। आगामी बजट में इस स्लैब और बदलाव की उम्मीद है। - अरुण कुमार, शिक्षक
देश में व्यापारी एक बड़ा वर्ग है। ये ऐसा वर्ग है जो देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान करता है। लेकिन बदलते समय के साथ व्यापार में खर्च भी बढ़ रहे हैं। इसके अनुसार आयकर में छूट के प्रावधानों में भी सुधार होते रहना चाहिए। - नरेंद्र नाथ चतुर्वेदी, व्यापारी
बजट में युवाओं को रोजगार दिलाने का वादा तो हुआ है। योजना भी बनी है, लेकिन योजना को कब तक लागू किया जाए इस पर जोर देने की जरूरत है। कई भर्तियां लंबित चल रही हैं। समय से नियुक्ति कराने पर सरकार को जोर देना चाहिए।- छात्रा नेहा कुमारी
केंद्र सरकार ने अपने बजट में आयकर स्लैब को कम करके देश भर के सरकारी कर्मचारियों को राहत दी है। कहीं न कहीं ये एक बेहतर अर्थव्यवस्था की ओर सरकार का कदम है। आगामी बजट में इस स्लैब और बदलाव की उम्मीद है। - अरुण कुमार, शिक्षक
देश में व्यापारी एक बड़ा वर्ग है। ये ऐसा वर्ग है जो देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान करता है। लेकिन बदलते समय के साथ व्यापार में खर्च भी बढ़ रहे हैं। इसके अनुसार आयकर में छूट के प्रावधानों में भी सुधार होते रहना चाहिए। - नरेंद्र नाथ चतुर्वेदी, व्यापारी
बजट में युवाओं को रोजगार दिलाने का वादा तो हुआ है। योजना भी बनी है, लेकिन योजना को कब तक लागू किया जाए इस पर जोर देने की जरूरत है। कई भर्तियां लंबित चल रही हैं। समय से नियुक्ति कराने पर सरकार को जोर देना चाहिए।- छात्रा नेहा कुमारी