Buddha Purnima 2022: कासगंज में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया गंगा सन्नान, सुबह से शाम तक रही भीड़
तीर्थनगरी कासगंज में बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर सोमवार को सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई। इस दिन सोरों, लहरा, कछला गंगाघाट पर स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। स्नान से पहले विभिन्न गंगा घाटों पर पूजन शुरू हो गया था।
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बुद्ध पूर्णिमा पर कासगंज जिले में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर स्नान कर पुण्य लाभ कमाया। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए और मंदिरों में देवदर्शन कर दान पुण्य किया। सोरोंजी की हरि की पौड़ी, लहरा गंगाघाटा, कछला गंगाघाट एवं कादरगंज गंगाघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान को पहुंचे। सोमवार सुबह से शुरू हुआ गंगा स्नान का सिलसिला शाम तक चलता रहा।
गंगा स्नान करने के लिए रविवार की शाम से घाटों पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। तीर्थनगरी सोरोंजी में भी श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। सोमवार को भोर के साथ ही श्रद्धालु गंगा घाटों पर हर हर गंगे जयकारों के साथ गंगा स्नान करने लगे। सुबह के समय आसपास के इलाकों से भी हजारों लोगों का गंगा स्नान के लिए पहुंचे। गंगा घाटों पर दोपहर तक भीड़ बनी रही। चैत्र पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इसी श्रद्धा भाव से लोगों ने गंगा स्नान करके दान पुण्य किया। कई श्रद्धालुओं ने गंगा की धारा का दूध से अभिषेक किया। कछला गंगा घाट पर खासी रौनक रही।
बच्चों के मुंडन संस्कार कराए
चैत्र पूर्णिमा के मौके पर श्रद्धालुओं ने जहां धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए, वहीं कई श्रद्धालुओं ने अपने छोटे बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया। गंगा घाटों पर प्रसाद की खूब बिक्री हुई। श्रद्धालु इलायची दाने का प्रसाद मां गंगा की धारा को अर्पित कर रहे थे। इसके लिए इलायची दाना के प्रसाद के पैकेटों की बिक्री हो रही थी। तीर्थनगरी सोरोंजी में भी हरि की पौड़ी के किनारे प्रसाद की दुकानें लगीं थीं। जहां से श्रद्धालु प्रसाद खरीद रहे थे।
वराह मंदिर सहित अन्य मंदिरों में किए दर्शन
तीर्थनगरी सोरोंजी में हरि की पौड़ी में गंगास्नान करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवदर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचे। भगवान वराह के पौराणिक मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। वराह मंदिर के अलावा लड्डू वाले बालाजी मंदिर में भी श्रद्धालु उमड़े। सीताराम मंदिर, सोमेश्वर महादेव मंदिर, लहरेश्वर महादेव मंदिर, बटुकनाथ मंदिर, भूतेश्वर महादेव मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, सीताराम मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।