यूपी पुलिस तत्काल FIR दर्ज नहीं करती: मोबाइल लूट का केस दर्ज कराने में छूटे छात्र के पसीने, लग गए 17 दिन
यूपी पुलिस आसानी से मुकदमा दर्ज नहीं करती है। ये हम नहीं कर रहे, बल्कि आगरा में एक ऐसा ही मामला आया है, जहां बीटेक के छात्र को मोबाइल लूट का मुकदमा लिखाने में 17 दिन लग गए। जानें पूरा मामला...
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आगरा के थाना ताजगंज में पंचवटी चौराहे से शंकर ग्रीन के रास्ते पर बीटेक छात्र से बाइकर्स गैंग ने उसका 26 हजार का मोबाइल लूट लिया। छात्र ने 112 पर काॅल किया। थाने में भी तहरीर दी लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत के बाद पुलिस ने थाने बुलाया। नई तहरीर लेकर 17 दिन बाद लूट का केस दर्ज किया। पुलिस की हीलाहवाली का यह कोई पहला मामला नहीं है।
ओमश्री सिल्वर वैली, ताजनगर फेज-2 निवासी आनंद पोरवाल ने बताया कि वह परचून व्यापारी हैं। बेटा शिवांश बीटेक छात्र है। 15 जुलाई को रात नौ बजे पैदल जा रहा था। पीछे से बाइक सवार दो बदमाश आए। मोबाइल लूट ले गए। आनंद का आरोप है कि घटना की सूचना तुरंत 112 पर दी गई। पुलिस पहुंच गई। उन्हें चौकी जाने के लिए बोल दिया। वह चौकी पर गए। पुलिस ने गुम होने की तहरीर देने के लिए कहा। वो तैयार नहीं हुए। अगले दिन थाने गए। तहरीर दी। थाना प्रभारी ने जांच के लिए कहा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
थक कर दो दिन बाद सीएम पोर्टल पर शिकायत कराई। बुधवार को काॅल आने पर वो थाने गए। पुलिस ने नई तहरीर ली। मुंशी ने लिखवाया कि लूट के बाद अपने स्तर से भी मोबाइल खोजने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने तहरीर लेने के बाद बृहस्पतिवार को केस दर्ज होने की नकल दी।
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पहले भी 30 दिन बाद हुई थी कार्रवाई
मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि थाने आने वाले पीड़ित की पुलिस शिकायत सुनें। तत्काल केस दर्ज कर कार्रवाई करे। मगर, पुलिस केस लिखने में ही देरी कर रही है। हाल में थाना ताजगंज में ही एडीए हाइट्स निवासी आरती सिंह से बैग लूट हुई थी। पुलिस ने 2 जुलाई की घटना में 31 जुलाई को केस दर्ज किया था। वह पुलिस आयुक्त से मिली थीं।