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बसपा के पूर्व मंत्री हो सकते हैं गिरफ्तार, इस नेता पर भी लटकी तलवार
चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 09 Jun 2018 05:49 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह यादव की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। उन पर 2007-12 तक की बसपा सरकार के दौरान मंत्री रहते पशु चिकित्सा केंद्रों के निर्माण में घोटाले के आरोप में विजिलेंस ने साक्ष्य जुटा लिए हैं।
उनकी गिरफ्तारी के लिए शासन ने अनुमति दे दी है। विजिलेंस ने एटा पुलिस को गिरफ्तारी की तहरीर दे दी है। अवधपाल एटा के अलीगंज के रहने वाले हैं। एटा जिला मुख्यालय पर भी उनका आवास है।
वो बसपा सरकार में पशुधन मंत्री रहे थे। आरोप लगा था कि उन्होंने एटा, फर्रुखाबाद समेत आठ जिलों में पशु चिकित्सा केंद्रों का जो निर्माण कराया, उनमें गोलमाल किया गया। इसकी जांच विजिलेंस को दी गई थी।
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उनकी गिरफ्तारी के लिए शासन ने अनुमति दे दी है। विजिलेंस ने एटा पुलिस को गिरफ्तारी की तहरीर दे दी है। अवधपाल एटा के अलीगंज के रहने वाले हैं। एटा जिला मुख्यालय पर भी उनका आवास है।
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वो बसपा सरकार में पशुधन मंत्री रहे थे। आरोप लगा था कि उन्होंने एटा, फर्रुखाबाद समेत आठ जिलों में पशु चिकित्सा केंद्रों का जो निर्माण कराया, उनमें गोलमाल किया गया। इसकी जांच विजिलेंस को दी गई थी।
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विजिलेंस ने दर्ज कराया केस
विजिलेंस ने उनके खिलाफ एटा में केस दर्ज करा दिया था। पिछले दिनों जांच पूरी हो गई। निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किए जाने और डॉक्टर्स को उन्हें टेकओवर किए जाने के आरोप साबित पाए गए।
विधानसभा के बाद वो विधान परिषद में चले गए थे। इस कारण विजिलेंस ने विधान परिषद के सभापति से उनकी गिरफ्तारी की अनुमति मांगी थी। यह मिल गई है। इसके बाद ही एटा पुलिस से उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कहा गया है।
इसी मामले में विजिलेंस ने डॉक्टर्स के खिलाफ भी जांच की। स्वास्थ्य विभाग के इन चिकित्सकों पर आरोप है कि उन्होंने घटिया निर्माण सामग्री से बने चिकित्सालयों को टेक ओवर किया।
इस पर डॉक्टर हाईकोर्ट चले गए थे। उनका कहना था कि निर्माण कैसी सामग्री से हुआ है, उसका परीक्षण वे कैसे कर सकते हैं? विजिलेंस के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि हाईकोर्ट ने डॉक्टरों पर कार्रवाई न करने का आदेश दिया है।
विधानसभा के बाद वो विधान परिषद में चले गए थे। इस कारण विजिलेंस ने विधान परिषद के सभापति से उनकी गिरफ्तारी की अनुमति मांगी थी। यह मिल गई है। इसके बाद ही एटा पुलिस से उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कहा गया है।
इसी मामले में विजिलेंस ने डॉक्टर्स के खिलाफ भी जांच की। स्वास्थ्य विभाग के इन चिकित्सकों पर आरोप है कि उन्होंने घटिया निर्माण सामग्री से बने चिकित्सालयों को टेक ओवर किया।
इस पर डॉक्टर हाईकोर्ट चले गए थे। उनका कहना था कि निर्माण कैसी सामग्री से हुआ है, उसका परीक्षण वे कैसे कर सकते हैं? विजिलेंस के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि हाईकोर्ट ने डॉक्टरों पर कार्रवाई न करने का आदेश दिया है।
चौधरी बशीर पर भी कस रहा शिकंजा
आगरा के चौधरी बशीर भी बसपा सरकार में मंत्री रहे हैं। उनके खिलाफ भी विधायक निधि में गबन का मामला है। आरोप है कि स्कूल में कराए गए निर्माण के लिए किए गए धन आवंटन में गड़बड़ी की गई।
इसमें विजिलेंस ने काफी साक्ष्य जुटा लिए हैं। जल्द ही गिरफ्तारी की अनुमति के लिए शासन में फाइल भेजी जा सकती है। इस पर चौधरी बशीर का कहना है कि स्कूल के लिए पैसा देने में उनकी कोई गलती नहीं थी। यह नियमों के अनुसार था या नहीं, इसे अधिकारियों को देखना होता है। उन्हीं की जिम्मेदारी बनती है।
एसपी विजिलेंस आगरा आनंद कुमार ने कहा कि पशु चिकित्सा केंद्रों के निर्माण में हुए घपले की जांच पूरी हो गई है। पूर्व मंत्री अवधपाल के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एटा पुलिस को लिखा गया है।
इसमें विजिलेंस ने काफी साक्ष्य जुटा लिए हैं। जल्द ही गिरफ्तारी की अनुमति के लिए शासन में फाइल भेजी जा सकती है। इस पर चौधरी बशीर का कहना है कि स्कूल के लिए पैसा देने में उनकी कोई गलती नहीं थी। यह नियमों के अनुसार था या नहीं, इसे अधिकारियों को देखना होता है। उन्हीं की जिम्मेदारी बनती है।
एसपी विजिलेंस आगरा आनंद कुमार ने कहा कि पशु चिकित्सा केंद्रों के निर्माण में हुए घपले की जांच पूरी हो गई है। पूर्व मंत्री अवधपाल के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एटा पुलिस को लिखा गया है।