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लय और ताल, उस पर भी संतुलन का कमाल
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Sun, 18 Oct 2015 01:53 AM IST
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सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष प्रदर्शन का अंतिम दिन बार्डर लाइन ड्रिल (बोल्ड्स) के नाम रहा। नीली-सफेद वर्दी में सजे 24 जवानों के दल ने लय-ताल के साथ संतुलन और आपसी समन्वय का अद्भुत नमूना पेश किया। साढ़े पांच किलोग्राम वजनी थ्री नॉट थ्री राइफल राइफल को लय के साथ कभी एक तो कभी दोनों हाथों से घुमाना तो कभी आपस में इनकी अदला-बदली और यह सब परेड के साथ करते हुए उन्होंने हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शनिवार को सुबह 45 मिनट तो शाम सवा घंटे प्रदर्शन के साथ रोमांच का यह मेला खत्म हुआ।
जीत सिंह स्टेडियम में शनिवार शाम आखिरी शो में विशिष्ट अतिथियों केंद्रीय मंत्री डा. रामशंकर कठेरिया, मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर व डीआईजी लक्ष्मी सिंह का स्वागत बीएसएफ के एडीजी शैलेंद्र सिंह तोमर ने किया। बता दें, बीएसएफ के जवान यहां बुधवार से प्रदर्शन कर रहे थे। इंस्पेक्टर पूरन सिंह के नेतृत्व में पेश बार्डर लाइन ड्रिल के बाद मोटरसाइकिल दस्ते जांबाज के करतब देख रोमांच से दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए। टीम की अगुवाई इंस्पेक्टर अवधेश सिंह ने की। जोखिम भरे ‘म्यूजिकल राइड’ में अंतिम दिन जांबाजों ने बेहतरीन टाइमिंग पेश की। सेकेंडों में एक बाइक का दूसरी बाइक से लयबद्ध होकर चलना और फिर दूसरे को कट मारते निकलना देखने वाले शायद ही भूल पाएंगे। कुछ नए करतबों के साथ उन्होंने पिछले दो दिन किए गए प्रदर्शन दोहराए। अंत में जांबाज टीम के सहायक उपनिरीक्षक केएम कल्याण के साथ 39 जवानों ने बीएसएफ के झंडे और तिरंगे के साथ प्रदर्शन करके संदेश दिया कि देश की सरहदें बीएसएफ की निगहबानी में सुरक्षित हैं।
इसके पूर्व इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह की अगुवाई में हुए सात प्रशिक्षित डॉग्स के शो को बच्चों ने बहुत सराहा। कमेंटरी इंस्पेक्टर उमेश यादव ने की। आसमान पर ग्लाइडर से निगरानी करता बीएसएफ जवान भी आकर्षण का केंद्र बना। इस मौके पर कमांडेट बीएसएफ मुकेश त्यागी, सेकेंड इन कमांड मुकुंद ओझा, अजब सिंह आदि मौजूद रहे।
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‘जांबाज’ ने पेश किए ये करतब
बार्डर मैन सेल्यूट, एयरो पोजीशन, 3 मैन बैलेंस, नैक राइडिंग, लैग गार्ड, मिनी लोटस, लोटस, लैडर, लैडर डबल, मोटरसाइकिल टू, बैक राइडिंग, फिश राइडिंग, एक्सरसाइज (बाइक पर शीर्षासन), हॉर्स राइडिंग, मंकी राइडिंग, लायन जंप, म्यूजिकल राइड, टी-पोजीशन, योगासन, फ्रंट एंड रीयर, ट्यूब बॉल जंप, जांबाज वन जंप, पोल जंप।
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जीत सिंह स्टेडियम में शनिवार शाम आखिरी शो में विशिष्ट अतिथियों केंद्रीय मंत्री डा. रामशंकर कठेरिया, मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर व डीआईजी लक्ष्मी सिंह का स्वागत बीएसएफ के एडीजी शैलेंद्र सिंह तोमर ने किया। बता दें, बीएसएफ के जवान यहां बुधवार से प्रदर्शन कर रहे थे। इंस्पेक्टर पूरन सिंह के नेतृत्व में पेश बार्डर लाइन ड्रिल के बाद मोटरसाइकिल दस्ते जांबाज के करतब देख रोमांच से दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए। टीम की अगुवाई इंस्पेक्टर अवधेश सिंह ने की। जोखिम भरे ‘म्यूजिकल राइड’ में अंतिम दिन जांबाजों ने बेहतरीन टाइमिंग पेश की। सेकेंडों में एक बाइक का दूसरी बाइक से लयबद्ध होकर चलना और फिर दूसरे को कट मारते निकलना देखने वाले शायद ही भूल पाएंगे। कुछ नए करतबों के साथ उन्होंने पिछले दो दिन किए गए प्रदर्शन दोहराए। अंत में जांबाज टीम के सहायक उपनिरीक्षक केएम कल्याण के साथ 39 जवानों ने बीएसएफ के झंडे और तिरंगे के साथ प्रदर्शन करके संदेश दिया कि देश की सरहदें बीएसएफ की निगहबानी में सुरक्षित हैं।
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इसके पूर्व इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह की अगुवाई में हुए सात प्रशिक्षित डॉग्स के शो को बच्चों ने बहुत सराहा। कमेंटरी इंस्पेक्टर उमेश यादव ने की। आसमान पर ग्लाइडर से निगरानी करता बीएसएफ जवान भी आकर्षण का केंद्र बना। इस मौके पर कमांडेट बीएसएफ मुकेश त्यागी, सेकेंड इन कमांड मुकुंद ओझा, अजब सिंह आदि मौजूद रहे।
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‘जांबाज’ ने पेश किए ये करतब
बार्डर मैन सेल्यूट, एयरो पोजीशन, 3 मैन बैलेंस, नैक राइडिंग, लैग गार्ड, मिनी लोटस, लोटस, लैडर, लैडर डबल, मोटरसाइकिल टू, बैक राइडिंग, फिश राइडिंग, एक्सरसाइज (बाइक पर शीर्षासन), हॉर्स राइडिंग, मंकी राइडिंग, लायन जंप, म्यूजिकल राइड, टी-पोजीशन, योगासन, फ्रंट एंड रीयर, ट्यूब बॉल जंप, जांबाज वन जंप, पोल जंप।