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एम.ए करने वाले छात्रों के लिए बड़ी छूट, अब किसी भी संकाय का छात्र ले सकेगा प्रवेश
Tue, 08 Sep 2020 12:05 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 08 Sep 2020 12:05 AM IST
सार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब बीएससी करने वाला छात्र राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र, इतिहास समेत अन्य से एमए कर सकता है, प्रायोगिक विषय होने के कारण मनोविज्ञान में प्रवेश नहीं ले पाएगा।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अब किसी भी संकाय से स्नातक करने वाला छात्र एमए में प्रवेश ले सकता है। साहित्य और प्रायोगिक परीक्षा वाले विषय में यह छूट नहीं मिलेगी। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में सभी संकाय अध्यक्ष के साथ बैठक कर कुलपति ने यह तय किया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब बीएससी करने वाला छात्र राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र, इतिहास समेत अन्य से एमए कर सकता है, प्रायोगिक विषय होने के कारण मनोविज्ञान में प्रवेश नहीं ले पाएगा। कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में छात्रों को अपनी रुचि के तहत विषय चुनने की स्वतंत्रता दी है।
पहले ही पढ़ाई में दो साल के अंतराल के बाद भी आगे की पढ़ाई की सुविधा दी गई है। इसी कड़ी में किसी भी संकाय का छात्र एमए में पढ़ाई कर सकता है। बैठक में कुलसचिव अंजनी मिश्र, हरिवंश सिंह, डॉ. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. जीडी गुप्ता, डॉ. प्रताप सिंह, प्रो. लवकुश मिश्रा, अनिल वर्मा, प्रो. मनुप्रताप सिंह, सहायक सचिव अजय गौतम रहे।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब बीएससी करने वाला छात्र राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र, इतिहास समेत अन्य से एमए कर सकता है, प्रायोगिक विषय होने के कारण मनोविज्ञान में प्रवेश नहीं ले पाएगा। कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में छात्रों को अपनी रुचि के तहत विषय चुनने की स्वतंत्रता दी है।
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पहले ही पढ़ाई में दो साल के अंतराल के बाद भी आगे की पढ़ाई की सुविधा दी गई है। इसी कड़ी में किसी भी संकाय का छात्र एमए में पढ़ाई कर सकता है। बैठक में कुलसचिव अंजनी मिश्र, हरिवंश सिंह, डॉ. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. जीडी गुप्ता, डॉ. प्रताप सिंह, प्रो. लवकुश मिश्रा, अनिल वर्मा, प्रो. मनुप्रताप सिंह, सहायक सचिव अजय गौतम रहे।
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380 केंद्रों पर होगी 98 हजार छात्रों की परीक्षाएं
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की स्नातक और परास्नातक के अंतिम वर्ष की परीक्षा 380 केंद्रों पर होगी। 32 नोडल केंद्र भी बनाए हैं। प्रवेश पत्र आज से छात्र वेबसाइट से अपलोड कर सकते हैं।
बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमकॉम, एमएससी और सेमेस्टर कोर्स के अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं 11 सितंबर से होंगी। इनमें 750 कॉलेजों के 98 हजार छात्र शामिल हाेंगे। परीक्षा की तैयारियों के लिए कुलपति ने सोमवार को परीक्षा नियंत्रक और कुलसचिव के साथ बैठक कर केंद्रों के बारे में रिपोर्ट मांगी। इसमें कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक ने केंद्र और नोडल केंद्रों की सूची कुलपति को सौंपते हुए तैयारियों के बारे में जानकारी दी।
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि अंतिम वर्ष के छात्रों की मुख्य परीक्षा की पूरी तैयारी हो चुकी है। 380 केंद्र और 32 नोडल केंद्र बना दिए हैं, इन पर उत्तर पुस्तिका समेत अन्य सामग्री भी पहुंचाना शुरू कर दिया है।
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कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि अंतिम वर्ष के छात्रों की मुख्य परीक्षा की पूरी तैयारी हो चुकी है। 380 केंद्र और 32 नोडल केंद्र बना दिए हैं, इन पर उत्तर पुस्तिका समेत अन्य सामग्री भी पहुंचाना शुरू कर दिया है।