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आगरा: रेणुकाधाम से यमुना पर बनेगा 450 मीटर लंबा पुल, एक लाख लोगों को होगा फायदा
Tue, 01 Sep 2020 04:15 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 01 Sep 2020 04:15 PM IST
सार
- रैपुरा जाट की जगह रुनकता होकर बलदेव की तरफ जा सकेंगे वाहन, 12 किमी का फेर बचेगा
- पुल वर्ष 2022 तक आम लोगों की आवाजाही के लिए तैयार हो जाएगा
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यमुना नदी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के रुनकता में शनिदेव मंदिर रेणुकाधाम से यमुना पार जाने के लिए राज्य सेतु निगम करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से साढ़े सात मीटर चौड़ा, 450 मीटर लंबा डबल रोड पुल बनाएगा। प्रोजेक्ट को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। 25 सितंबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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रुनकता घाट पर प्रस्तावित इस पुल के बनने से बलदेव क्षेत्र के एक लाख लोगों को फायदा होगा। अभी बलदेव और दाऊजी जाने के लिए फरह स्थित रैपुरा जाट गांव में होकर यमुना पर बने पीडब्ल्यूडी पुल से होकर गुजरना पड़ता है। रेणुकाधाम पर पुल बनने से करीब 12 किमी की दूरी कम होगी।
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यहां के ग्रामीणों को होगा फायदा
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के सहायक अभियंता सगीर अहमद ने बताया इस पुल से रुनकता व बलदेव क्षेत्र के दो लाख से ज्यादा ग्रामीणों को राहत मिलेगी। पिछले प्रोजेक्ट की डीपीआर वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन में भेजी गई थी।
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उन्होंने बताया कि वित्तीय कमेटी में प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग पर सहमति बन गई है। 25 से 30 सितंबर तक टेंडर प्रक्रिया व अन्य औपचारिकताएं पूर्ण कर ली जाएंगी। मार्च 2022 तक पुल आम लोगों की आवाजाही के लिए तैयार हो जाएगा।
अभी आने जाने को नाव का सहारा
शनिदेव मंदिर रुनकता में यमुना घाट पर स्थित है। यहीं महर्षि परशुराम मंदिर है। बलदेव व रुनकता से यमुना पार जाने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। नाव नहीं मिलने पर घंटों इंतजार करना पड़ता है।
आपात स्थिति में लोगों को रैपुरा जाट होकर वाहन से आना-जाना पड़ता है। नदी पार करते समय कई बार नाव से हादसे हो गए। रुनकता निवासी रामवीर सिंह ने बताया कि पिछले साल यहां पुल निर्माण की मांग उठाई थी। जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं के लिए पुल निर्माण का प्रस्ताव भेजा था।
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अभी आने जाने को नाव का सहारा
शनिदेव मंदिर रुनकता में यमुना घाट पर स्थित है। यहीं महर्षि परशुराम मंदिर है। बलदेव व रुनकता से यमुना पार जाने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। नाव नहीं मिलने पर घंटों इंतजार करना पड़ता है।
आपात स्थिति में लोगों को रैपुरा जाट होकर वाहन से आना-जाना पड़ता है। नदी पार करते समय कई बार नाव से हादसे हो गए। रुनकता निवासी रामवीर सिंह ने बताया कि पिछले साल यहां पुल निर्माण की मांग उठाई थी। जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं के लिए पुल निर्माण का प्रस्ताव भेजा था।
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