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आरटीआई के बदले सचिव को रुपये मांगना पड़ा भारी, वीडियो वायरल होते ही हुई कार्रवाई
Wed, 08 Jul 2020 12:13 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 08 Jul 2020 12:13 AM IST
सार
- डीपीआरओ ने की कार्रवाई
- बीडीओ को सौंपी जांच
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Bribe
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विस्तार
कासगंज में सिढ़पुरा ब्लॉक की एक ग्राम पंचायत के सचिव का आरटीआई के बदले पांच हजार रुपये मांगने का वीडियो वायरल हो गया। मामले की शिकायत के बाद डीपीआरओ ने सचिव को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की जांच सिढ़पुरा की बीडीओ को सौंपी है।
सिढ़पुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत अनंगपुर के योगेंद्र शाक्य ने ग्राम पंचायत के विकास संबंधी सूचनाएं विकास विभाग से मांगी। विभागीय उच्चाधिकारियों ने सूचना की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत सचिव सत्येंद्र वर्मा को सौंप दी। इसके बाद योगेंद्र शाक्य संबंधित सूचना के प्रपत्र लेने पंचायत सचिव के पास पहुंचे। करीब 2500 पेज की सूचना के लिए सचिव ने पांच हजार रुपये का खर्चा शिकायतकर्ता को देने के लिए कहा। लेकिन शिकायतकर्ता रुपये देने को तैयार नहीं था।
ये भी पढ़ें : Vikas Dubey: राजस्थान-हरियाणा सीमा पर अलर्ट, एक्सप्रेसवे पर लगे हिस्ट्रीशीटर के बड़े-बड़े पोस्टर
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शिकायतकर्ता ने इसका वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया। साथ ही डीपीआरओ से मिलकर इसकी शिकायत की। डीपीआरओ शहनाज अंसारी ने सचिव को निलंबित कर दिया और सिढ़पुरा के बीडीओ को मामले की जांच सौंपी है। विभागीय लोग शिकायतकर्ता के वीडियो को गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि जो पांच हजार रुपये मांगे जा रहे थे वह आरटीआई सूचना की दी जाने वाली प्रतियों का शुल्क था जो सरकारी कोष में जमा होता है।
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सिढ़पुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत अनंगपुर के योगेंद्र शाक्य ने ग्राम पंचायत के विकास संबंधी सूचनाएं विकास विभाग से मांगी। विभागीय उच्चाधिकारियों ने सूचना की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत सचिव सत्येंद्र वर्मा को सौंप दी। इसके बाद योगेंद्र शाक्य संबंधित सूचना के प्रपत्र लेने पंचायत सचिव के पास पहुंचे। करीब 2500 पेज की सूचना के लिए सचिव ने पांच हजार रुपये का खर्चा शिकायतकर्ता को देने के लिए कहा। लेकिन शिकायतकर्ता रुपये देने को तैयार नहीं था।
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शिकायतकर्ता ने इसका वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया। साथ ही डीपीआरओ से मिलकर इसकी शिकायत की। डीपीआरओ शहनाज अंसारी ने सचिव को निलंबित कर दिया और सिढ़पुरा के बीडीओ को मामले की जांच सौंपी है। विभागीय लोग शिकायतकर्ता के वीडियो को गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि जो पांच हजार रुपये मांगे जा रहे थे वह आरटीआई सूचना की दी जाने वाली प्रतियों का शुल्क था जो सरकारी कोष में जमा होता है।
की है कार्रवाई
वीडियो वायरल होने के मामले में सचिव को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच बीडीओ से कराई जा रही है। जांच के बाद ही अग्रिम निर्णय लिया जाएगा- शहनाज अंसारी, डीपीआरओ।
मैंने नियमानुसार मांगे रुपये
आरटीआई में नियम है कि हार्डकॉपी की यदि फोटो स्टेट लेनी है तो सूचना मांगने वाले को फोटो स्टेट के रुपये देने होते हैं। ग्राम पंचायत अनंगपुर से संबंधित 2500 पेज की हार्डकॉपी है। इसलिए मैंने दो रुपये प्रति कॉपी के हिसाब से रुपये मांगे- सत्येंद्र वर्मा, पंचायत सचिव।
वीडियो वायरल होने के मामले में सचिव को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच बीडीओ से कराई जा रही है। जांच के बाद ही अग्रिम निर्णय लिया जाएगा- शहनाज अंसारी, डीपीआरओ।
मैंने नियमानुसार मांगे रुपये
आरटीआई में नियम है कि हार्डकॉपी की यदि फोटो स्टेट लेनी है तो सूचना मांगने वाले को फोटो स्टेट के रुपये देने होते हैं। ग्राम पंचायत अनंगपुर से संबंधित 2500 पेज की हार्डकॉपी है। इसलिए मैंने दो रुपये प्रति कॉपी के हिसाब से रुपये मांगे- सत्येंद्र वर्मा, पंचायत सचिव।