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UP: व्हाइट कैटेगरी में अब ये 86 उद्योग हुए शामिल, प्रदूषण नियंत्रण की अनुमति से मिली छूट
Sat, 25 Oct 2025 08:39 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 25 Oct 2025 08:39 AM IST
सार
साइकिल, बेबी कैरिज, छोटे गैर मोटर चालित वाहनों की असेंबलिंग 86 तरह के उद्योग व्हाइट कैटेगरी में शामिल किए गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
पर्यावरण मंत्रालय ने व्हाइट कैटेगरी यानी प्रदूषण रहित उद्योगों की श्रेणी में 36 की जगह अब 86 उद्योग शामिल किए हैं। इन्हें जल और वायु प्रदूषण नियंत्रण कानूनों की अनिवार्य सहमति से छूट दी गई है। मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी की है।
इससे ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में 50 और उद्योगों को लगाने का रास्ता आसान हो जाएगा, लेकिन इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में 11 नवंबर को होने वाली सुनवाई का इंतजार है। टीटीजेड में किसी भी तरह के उद्योग लगाने पर कोर्ट ने रोक लगा रखी है। मंत्रालय ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत अधिसूचना जारी की है।
इसमें व्हाइट कैटेगरी यानी श्वेत श्रेणी के उद्योगों की संशोधित सूची जारी की गई है। अब इस श्रेणी का कारोबार स्थापित करने या संचालित करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इस श्रेणी में अब तक 36 उद्योग ही शामिल थे, लेकिन अब 50 उद्योग और बढ़ा दिए गए हैं।
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इसमें साइकिल, बेबी कैरिज, छोटे गैर मोटर चालित वाहनों की असेंबलिंग, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की असेंबलिंग, बिजली के बल्ब और सीएफएल का निर्माण, फोटोवोल्टिक सेल और पवन ऊर्जा के माध्यम से सौर ऊर्जा उत्पादन और सौर मॉड्यूल के निर्माण के साथ साबुन निर्माण, डिटर्जेंट पाउडर निर्माण (हस्तनिर्मित) शामिल हैं।
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इससे ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में 50 और उद्योगों को लगाने का रास्ता आसान हो जाएगा, लेकिन इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में 11 नवंबर को होने वाली सुनवाई का इंतजार है। टीटीजेड में किसी भी तरह के उद्योग लगाने पर कोर्ट ने रोक लगा रखी है। मंत्रालय ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत अधिसूचना जारी की है।
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इसमें व्हाइट कैटेगरी यानी श्वेत श्रेणी के उद्योगों की संशोधित सूची जारी की गई है। अब इस श्रेणी का कारोबार स्थापित करने या संचालित करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इस श्रेणी में अब तक 36 उद्योग ही शामिल थे, लेकिन अब 50 उद्योग और बढ़ा दिए गए हैं।
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इसमें साइकिल, बेबी कैरिज, छोटे गैर मोटर चालित वाहनों की असेंबलिंग, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की असेंबलिंग, बिजली के बल्ब और सीएफएल का निर्माण, फोटोवोल्टिक सेल और पवन ऊर्जा के माध्यम से सौर ऊर्जा उत्पादन और सौर मॉड्यूल के निर्माण के साथ साबुन निर्माण, डिटर्जेंट पाउडर निर्माण (हस्तनिर्मित) शामिल हैं।