Geetanjali Shree: लेखिका गीतांजलि श्री का आगरा कार्यक्रम रद्द, इतिहासकार रामचंद्र गुहा बोले- यह शर्म की बात
लेखिका गीतांजलि श्री का जन्म मैनपुरी में हुआ था। 'रेत समाधि' उपन्यास पर उनको अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। आगरा में 30 जुलाई को गीतांजलि श्री के सम्मान में कार्यक्रम होना था, जो रद्द हो गया है।
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अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार से सम्मानित हिंदी कथाकार गीतांजलि श्री के सम्मान में आगरा में होने वाला अभिनंदन समारोह स्थगित कर दिया गया। आयोजकों ने उनके खिलाफ मुकदमों, विरोध प्रदर्शन की घटनाओं को देखते हुए कार्यक्रम स्थगित करने की जानकारी दी। ताजनगरी में गीतांजलि श्री का सम्मान समारोह स्थगित होने पर इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने चिंता जताई है।
इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने रविवार को ट्वीट किया, उत्तर प्रदेश उनका (गीतांजलि श्री) जन्मस्थान है। सरकार... मुख्यमंत्री को उनका अभिनंदन करना चाहिए था। इसके बजाय हमें इस आयोजन का रद्द करना पड़ रहा है। यह शर्म की बात है। बता दें कि लेखिका गीतांजलि श्री का जन्म मैनपुरी में हुआ था। 'रेत समाधि' उपन्यास पर उनका अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
आगरा में 30 जुलाई को होना था सम्मान समारोह
महात्मा गांधी की जीवनी लिखने वाले रामचंद्र गुहा देश के जाने माने साहित्यकार हैं। आगरा में 30 जुलाई को रंगलीला और आगरा थियेटर क्लब द्वारा अंतरराष्ट्रीय बुकर जीतने वाली पहली भारतीय महिला गीतांजलि श्री का अभिनंदन समारोह प्रस्तावित था। उनके उपन्यास रेत समाधि से धार्मिक भावनाएं आहत होने की हाथरस के युवक ने शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद आगरा में आयोजन रद्द करना पड़ा।
इसे लेकर एक तरफ आगरा के साहित्यप्रेमियों, रंगकर्मियों में रोष है, वहीं दूसरी तरफ रामचंद्र गुहा के ट्वीट से रविवार को सोशल मीडिया पर मामला तूल पकड़ गया। उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाने लगा। आगरा के साहित्यकारों का कहना है कि साहित्य और संस्कृति पर हमले रोके जाएं। वहीं, आयोजन रद्द होने पर गीतांजलि श्री का कहना है कि उनके इस उपन्यास को जबरन राजनीतिक विवाद में घसीटा जा रहा है। उपन्यास में किए गए उल्लेख भारतीय मिथकीय और शास्त्रीय साहित्य का अभिन्न अंग हैं।