{"_id":"699c7b371c4b187661046fd3","slug":"body-of-district-coordinator-of-bsa-office-was-found-in-ambala-2026-02-23","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: बीएसए कार्यालय के जिला समन्वयक की अंबाला में मिली लाश, दो दिन से थे लापता; परिवार में मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: बीएसए कार्यालय के जिला समन्वयक की अंबाला में मिली लाश, दो दिन से थे लापता; परिवार में मचा कोहराम
Mon, 23 Feb 2026 09:37 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 23 Feb 2026 09:37 PM IST
सार
आगरा में शिक्षा विभाग में तैनात जिला समन्वयक का शव अंबाला में मिला है। युवक की माैत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
युवक का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के जिला समन्वयक (एमडीएम) आकर्ष अग्रवाल का शव अंबाला कैंट के रेलवे ट्रैक पर मिला है। उनकी मां ने अपने जेठ पर अपहरण कर हत्या का आरोप लगाया है। थाना हरीपर्वत पुलिस प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या मान रही है। पुलिस परिजन के साथ अंबाला रवाना हो गए हैं।
थाना हरीपर्वत के गांधी नगर निवासी आकर्ष अग्रवाल की मां शशि अग्रवाल ने बताया कि आकर्ष के पिता सुबोध अग्रवाल काफी समय से बीमार हैं। 10 दिनों तक एसएन मेडिकल काॅलेज में भर्ती होेने के बाद 20 फरवरी को आकर्ष ने उन्हें डिस्चार्ज कराया था। पिता को दिल्ली इलाज के लिए ले जाना था। अस्पताल से बेटे ने उन्हें एंबुलेंस में घर भेजा था।
खुद दवा लेकर घर पहुंचने की कहकर चला गया था। इसके बाद से कुछ पता नहीं चल रहा था। थाना हरीपर्वत में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बेटे का नंबर भी बंद था। सोमवार दोपहर आकर्ष का मोबाइल ऑन हुआ। कॉल करने पर दूसरी ओर से जीआरपी अंबाला के पुलिसकर्मी ने बात की। आकर्ष का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने की जानकारी दी। परिजन को शव के फोटो भेजे।
विज्ञापन
इकलौते बेटे का शव देखकर मां बेहोश होकर गिर पड़ीं। बहन शिवाली ने उन्हें संभाला। बीमार पिता की तबीयत और खराब हो गई। आकर्ष के साथ काम करने वाले साथियों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। मां ने थाना हरीपर्वत में जेठ मनोज अग्रवाल के खिलाफ तहरीर दी। आरोप लगाया है कि मकान हड़पने के बाद वह लगातार बेटे को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस टीम परिवार को लेकर अंबाला गई है। मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
थाना हरीपर्वत के गांधी नगर निवासी आकर्ष अग्रवाल की मां शशि अग्रवाल ने बताया कि आकर्ष के पिता सुबोध अग्रवाल काफी समय से बीमार हैं। 10 दिनों तक एसएन मेडिकल काॅलेज में भर्ती होेने के बाद 20 फरवरी को आकर्ष ने उन्हें डिस्चार्ज कराया था। पिता को दिल्ली इलाज के लिए ले जाना था। अस्पताल से बेटे ने उन्हें एंबुलेंस में घर भेजा था।
विज्ञापन
खुद दवा लेकर घर पहुंचने की कहकर चला गया था। इसके बाद से कुछ पता नहीं चल रहा था। थाना हरीपर्वत में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बेटे का नंबर भी बंद था। सोमवार दोपहर आकर्ष का मोबाइल ऑन हुआ। कॉल करने पर दूसरी ओर से जीआरपी अंबाला के पुलिसकर्मी ने बात की। आकर्ष का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने की जानकारी दी। परिजन को शव के फोटो भेजे।
विज्ञापन
इकलौते बेटे का शव देखकर मां बेहोश होकर गिर पड़ीं। बहन शिवाली ने उन्हें संभाला। बीमार पिता की तबीयत और खराब हो गई। आकर्ष के साथ काम करने वाले साथियों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। मां ने थाना हरीपर्वत में जेठ मनोज अग्रवाल के खिलाफ तहरीर दी। आरोप लगाया है कि मकान हड़पने के बाद वह लगातार बेटे को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस टीम परिवार को लेकर अंबाला गई है। मामले की जांच की जा रही है।
मकान खाली कराने का हुआ था आदेश
पुलिस प्रथम दृष्टया मामले को आत्महत्या मान रही है। आकर्ष पिता की बीमारी के कारण परेशान थे। उनका मकान उनके ताऊ के नाम है। हाईकोर्ट में मामला ताऊ के पक्ष में आने के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी ताऊ के पक्ष में फैसला सुनाया था। छह माह में मकान खाली करना था। उन्हें बीमार पिता और मां को रखने के लिए मकान का इंतजाम करना था। इससे वो अवसाद में थे।
साथी कर्मचारियों ने की मदद
आकर्ष का शव मिलने के बाद मां के साथ थाने जाने वाला कोई नहीं था। उन्होंने बीएसए कार्यालय में बेटे के साथ काम करने वाले दोस्तों को जानकारी दी। साथियों ने ही पुलिस को जानकारी दी। बेटी शिवाली प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। जानकारी मिलते ही वह घर पहुंच गईं। परिवार में दोनों महिलाओं के साथ अंबाला जाने के लिए कोई नहीं था। एक रिश्तेदार साथ जाने को तैयार हुए तब परिजन पुलिस के साथ अंबाला रवाना हुए।
पुलिस प्रथम दृष्टया मामले को आत्महत्या मान रही है। आकर्ष पिता की बीमारी के कारण परेशान थे। उनका मकान उनके ताऊ के नाम है। हाईकोर्ट में मामला ताऊ के पक्ष में आने के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी ताऊ के पक्ष में फैसला सुनाया था। छह माह में मकान खाली करना था। उन्हें बीमार पिता और मां को रखने के लिए मकान का इंतजाम करना था। इससे वो अवसाद में थे।
साथी कर्मचारियों ने की मदद
आकर्ष का शव मिलने के बाद मां के साथ थाने जाने वाला कोई नहीं था। उन्होंने बीएसए कार्यालय में बेटे के साथ काम करने वाले दोस्तों को जानकारी दी। साथियों ने ही पुलिस को जानकारी दी। बेटी शिवाली प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। जानकारी मिलते ही वह घर पहुंच गईं। परिवार में दोनों महिलाओं के साथ अंबाला जाने के लिए कोई नहीं था। एक रिश्तेदार साथ जाने को तैयार हुए तब परिजन पुलिस के साथ अंबाला रवाना हुए।