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बोदला जमीन प्रकरण: सीबीसीआईडी 50 से अधिक लोगों से करेगी पूछताछ, सूची तैयार और प्रश्न तय...जुटाई जाएगी जानकारी
Tue, 19 Nov 2024 10:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 19 Nov 2024 10:00 AM IST
सार
आगरा में बेशकीमती जमीन पर कब्जे के मामले में सीबीसीआईडी की जांच शुरू हो गई है। सीबीसीआईडी ने 50 लोगों के नामों की सूची तैयार की है, जिनसे पूछताछ की जाएगी।
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बोदला जमीन प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के बोदला जमीन प्रकरण में सीबीसीआईडी ने विवेचना शुरू कर दी है। 50 से अधिक लोगों की सूची तैयार की गई है। किससे क्या प्रश्न पूछे जाने हैं, इसका पूरा ब्योरा तैयार किया गया है। यह भी देखा जा रहा है कि पुलिस ने विवेचना कर आरोपपत्र लगाया तो क्या साक्ष्य जुटाए गए?
जनवरी में जगदीशपुरा में विवादित भूमि पर कब्जे का मामला सामने आया था। चार बीघा में टहल सिंह का बाड़ा था। पुलिस ने पूर्व में बाड़े में रहने वाले रवि कुशवाहा, उसके भाई शंकरिया सहित 3 को जेल भेजा था। बाद में रवि की पत्नी और बहन को शराब की बिक्री के मामले में जेल भेजा गया। जेल से जमानत पर आने के बाद पीड़ित ने डीजीपी से शिकायत की थी। उन्होंने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इस पर जमीन के कथित वारिस उमा देवी ने तहरीर दी। तत्कालीन एसओ जगदीशपुरा जितेंद्र कुमार, बिल्डर कमल चाैधरी, उनके बेटे धीरू चाैधरी सहित 15 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने थानाध्यक्ष सहित 4 को जेल भेजा। बिल्डर को हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी।
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जनवरी में जगदीशपुरा में विवादित भूमि पर कब्जे का मामला सामने आया था। चार बीघा में टहल सिंह का बाड़ा था। पुलिस ने पूर्व में बाड़े में रहने वाले रवि कुशवाहा, उसके भाई शंकरिया सहित 3 को जेल भेजा था। बाद में रवि की पत्नी और बहन को शराब की बिक्री के मामले में जेल भेजा गया। जेल से जमानत पर आने के बाद पीड़ित ने डीजीपी से शिकायत की थी। उन्होंने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इस पर जमीन के कथित वारिस उमा देवी ने तहरीर दी। तत्कालीन एसओ जगदीशपुरा जितेंद्र कुमार, बिल्डर कमल चाैधरी, उनके बेटे धीरू चाैधरी सहित 15 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने थानाध्यक्ष सहित 4 को जेल भेजा। बिल्डर को हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी।
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मामले में विवेचना जुलाई में सीबीसीआईडी ट्रांसफर कर दी गई थी। विवेचक ने साक्ष्य और अन्य जानकारी जुटा ली है। अब जमीन प्रकरण में सामने आए लोगों के बयान दर्ज होंगे। 50 से अधिक की सूची तैयार की गई। विवेचक ने प्रश्नावली तैयार की है। किससे क्या पूछा जाना है? किन साक्ष्य के बारे में जानकारी लेनी है? यह सब पता किया जा रहा है।
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उमा देवी बनी थी जमीन की फर्जी मालकिन, पुलिस ने भेजा था जेल
मामले में डीसीपी सिटी सूरज राय के नेतृत्व में बनी एसआईटी ने जांच की थी। उमा देवी को गिरफ्तार किया था। विवेचना में सामने आया कि उमा देवी ने फर्जी तरीके से वारिस बनकर मुकदमा दर्ज कराया था। नगर निगम से टहल सिंह का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया था, जबकि वह जिंदा थे। पुलिस ने फर्जीवाड़े में रवि कुशवाहा, उसके भाई शंकरिया, उमा देवी, धर्मेंद्र वर्मा, मोहित कुशवाहा और राजू को जेल भेजा था।
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मामले में डीसीपी सिटी सूरज राय के नेतृत्व में बनी एसआईटी ने जांच की थी। उमा देवी को गिरफ्तार किया था। विवेचना में सामने आया कि उमा देवी ने फर्जी तरीके से वारिस बनकर मुकदमा दर्ज कराया था। नगर निगम से टहल सिंह का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया था, जबकि वह जिंदा थे। पुलिस ने फर्जीवाड़े में रवि कुशवाहा, उसके भाई शंकरिया, उमा देवी, धर्मेंद्र वर्मा, मोहित कुशवाहा और राजू को जेल भेजा था।
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अलग-अलग धाराओं में बनाए गए आरोपी
एसआईटी में शामिल विवेचक थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक आनंदवीर सिंह ने बिल्डर कमल चाैधरी, पुरुषोत्तम पहलवान, भूपेंद्र पहलवान, किशोर बघेल, अमित अग्रवाल, आनंद जुरैल, नेम कुमार जैन के खिलाफ डकैती की धारा में आरोपपत्र लगाया। तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार को आपराधिक षड्यंत्र का आरोपी बनाया। वहीं उमा देवी, रवि कुशवाहा, शंकरिया, धर्मेंद्र, मोहित उर्फ किशन कुमार और राजू को धोखाधड़ी कूटरचित प्र्रपत्र तैयार करने का आरोपी बनाया। आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया गया।
एसआईटी में शामिल विवेचक थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक आनंदवीर सिंह ने बिल्डर कमल चाैधरी, पुरुषोत्तम पहलवान, भूपेंद्र पहलवान, किशोर बघेल, अमित अग्रवाल, आनंद जुरैल, नेम कुमार जैन के खिलाफ डकैती की धारा में आरोपपत्र लगाया। तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार को आपराधिक षड्यंत्र का आरोपी बनाया। वहीं उमा देवी, रवि कुशवाहा, शंकरिया, धर्मेंद्र, मोहित उर्फ किशन कुमार और राजू को धोखाधड़ी कूटरचित प्र्रपत्र तैयार करने का आरोपी बनाया। आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया गया।