फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Blood Donation For Patients Many Time Cam Will Organized By Amar Ujala Foundation On October 1st In Agra

दूसरों की जिंदगी बचाने को बढ़ाए कदम: दिन देखा न रात, रक्त की बात आई तो लगा दी दौड़, आप भी कर सकते हैं रक्तदान

Wed, 29 Sep 2021 12:23 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 29 Sep 2021 12:23 PM IST
सार

अमर उजाला फाउंडेशन ऐसे ही महादानियों से एक अक्तूबर को फाउंडेशन की ओर से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर लगाए जाने वाले अमर उजाला कार्यालय गुरुद्वारा गुरु का ताल, एसएन मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक और जिला अस्पताल ब्लड बैंक में रक्तदान की अपील कर रहा है। इस रक्त का एनमिक, कैंसर, लावारिस और गर्भवती महिलाओं के इलाज में उपयोग किया जाएगा। 

विज्ञापन
Blood Donation For Patients Many Time Cam Will Organized By Amar Ujala Foundation On October 1st In Agra
आगरा: रक्तदान करने वाले युवक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपनों को खोया तो रक्तदान की महत्ता समझी। उसी दिन से मन में ठान लिया कि जब भी रक्त की जरूरत पड़ेगी, वह पीछे नहीं हटेंगे। शहर में ऐसे कई महादानी हैं जो औरों की जान बचाने के लिए 20 से 30 बार तक रक्तदान कर चुके हैं। ऐसे महादानियों से लोग सबक लें और रक्तदान जरूर करें। 

विज्ञापन

अमर उजाला फाउंडेशन ऐसे ही महादानियों से एक अक्तूबर को फाउंडेशन की ओर से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर लगाए जाने वाले अमर उजाला कार्यालय गुरुद्वारा गुरु का ताल, एसएन मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक और जिला अस्पताल ब्लड बैंक में रक्तदान की अपील कर रहा है। इस रक्त का एनमिक, कैंसर, लावारिस और गर्भवती महिलाओं के इलाज में उपयोग किया जाएगा। 
विज्ञापन

 
दोस्त को खोया तो अब तक 21 बार किया रक्तदान
आवास विकास कॉलोनी के 33 साल के अंकुर शंकर गौतम ने बताया कि 2007 में दिल्ली में उनके दोस्त प्रतीक की डेंगू से मौत हो गई थी। उस वक्त मैंने पहली बार रक्तदान किया, लेकिन उसकी जान नहीं बच पाई। तभी से रक्तदान की ठानी और 21 बार रक्तदान और 20 बसा प्लेटलेट्स दान कर चुका हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कैंसर ने ताऊ की ले ली जान, तब से करने लगा रक्तदान
नेहरू नगर निवासी अंकित वर्मा ने बताया कि ताऊजी को कैंसर था और रक्त की जरूरत पड़ती थी। 18 साल की उम्र पूरी होने पर ताऊजी के लिए रक्तदान किया। उनकी मौत हो गई, लेकिन तब से खासतौर से कैंसर मरीजों के लिए वह दिन-रात देखे बिना रक्तदान के लिए दौड़ पड़ते हैं। अब तक 23 बार रक्तदान कर चुका हूं। 

1987 में सबसे पहले एसएन में खुली ब्लड बैंक
ताजनगरी में सबसे पहले एसएन मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक खोली गई। प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि ब्लड बैंक की स्थापना 1987 को हुई। तब रक्त देने के लिए बमुश्किल 10 से 15 लोग ही आते थे। ऐसे में मरीजों के इलाज के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती थी। उस वक्त भी आपात स्थिति में मेडिकल छात्र और जूनियर डॉक्टर ही रक्तदान करते थे। निजी ब्लड बैंक की बात करें तो 1996 में समर्पण ब्लड बैंक स्थापित हुई। यह आधुनिक ब्लड बैंक थी। निदेशक बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि शुरूआत में दूसरे राज्यों के मरीज भी रक्त लेने आते थे।

अमर उजाला फाउंडेशन: एक अक्तूबर को लगेंगे रक्तदान के शिविर, दूसरों की जिंदगी बचाने को बढ़ाएं कदम
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed