अमर उजाला फाउंडेशन: एक अक्तूबर को लगेंगे रक्तदान के शिविर, दूसरों की जिंदगी बचाने को बढ़ाएं कदम
आगरा और फिरोजाबाद में डेंगू, वायरल बुखार और अन्य मरीजों के उपचार के लिए ब्लड बैंकों में रक्त की कमी हो रही है। ऐसे हालातों में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर एक अक्तूबर को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में एकत्रित रक्त को मरीजों के इलाज में उपयोग किया जाएगा।
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आगरा में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर एक अक्तूबर को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रक्तदान शिविर अमर उजाला कार्यालय गुरुद्वारा गुरु का ताल, एसएन मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक, जिला अस्पताल ब्लड बैंक में सुबह नौ से तीन बजे तक लगाए जाएंगे।
रक्तदाताओं को फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि रक्तदान करते वक्त मलेरिया, एचआईवी, सिफलिस, हेपेटाइटिस बी और सी की निशुल्क जांच हो जाती है। ब्लड ग्रुप का भी पता चलता है।
ये लोग कर सकते हैं रक्तदान
- 18 से 60 साल के स्वस्थ लोग।
- वजन 45 किलो से अधिक हो।
- कोरोना टीकाकरण के 14 दिन बाद।
- संक्रमण से ठीक होने के 28 दिन बाद।
- डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड के ठीक होने के छह महीने बाद।
फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज में लगेगा शिविर
फिरोजाबाद में रक्तदान शिविर का आयोजन राजकीय मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक में किया जाएगा। जिले के सामाजिक संगठनों ने रक्तदान करने के लिए सहमति जताई है। प्लेटलेट्स दान की सुविधा भी ब्लड कैंप में रहेगी। यह प्लेट्लेट्स सुहागनगरी में फैले डेंगू से पीड़ित गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए काम आएगा।
मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक में शिविर सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर तीन बजे तक चलेगा। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. गरिमा सिंह ने कहा कि इस समय रक्त की आवश्यकता सामान्य समय के मुकाबले अधिक है। उन्होंने बताया कि लखनऊ, कानपुर, नोएडा आगरा और अन्य जिलों से प्लेटलेट्स मंगाई जा रही हैं। इसके बाद भी प्लेटलेट्स कम पड़ रही हैं। समय एक यूनिट रक्त तीन मरीजों की जान बचाने का काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति रक्तदान करता है उसकी आपूर्ति शरीर में 24 घंटे में अपने आप हो जाती है। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने वाले महादानियों के स्वास्थ्य की चार महत्वपूर्ण जांच भी की जाएंगी। इसमें एचआईवी, सिफलिस, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी शामिल हैं। इनमें से किसी भी बीमारी के संकेत मिलने पर रक्तदान करने वाले को गोपनीय तरीके से सूचित किया जाएगा।