भाजपा की प्रचंड जीत: अयोध्या के बाद अब मथुरा की बारी, धर्म नगरी की बदलेगी तस्वीर
यूपी चुनाव में ब्रजवासियों ने भाजपा को दिल खोलकर समर्थन दिया है। इसका नतीजा यह रहा है कि भाजपा ने जिले की पांचों सीटों पर जीत दर्ज की। लोगों को उम्मीद है कि अयोध्या-काशी के बाद भाजपा सरकार का फोकस अब मथुरा के विकास पर रहेगा।
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पांच हजार करोड़ से बृज चौरासी कोस परिक्रमा का अयोध्या के पैटर्न पर प्रस्तावित स्वरूप अब अगले कार्यकाल में जमीन पर उतर सकता है। चुनाव प्रचार में आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इसकी तरफ इशारा भी करके गए हैं।
भाजपा का चुनावी एजेंडा रहा मथुरा
भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीलास्थली मथुरा भाजपा का चुनावी एजेंडा रही है। पांच साल के कार्यकाल में भाजपा सरकार ने अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर खड़ा करने की कार्ययोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है तो बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई शक्ल देने में जुटे हैं। प्रदेश की इन दोनों धार्मिक नगरियों में विकास का पहिया घूमने के साथ ही भाजपा सरकार ने मथुरा के लिए भी विकास का ड्राइंग तैयार कर लिया है।वर्तमान चुनाव से पहले ही यमुना एक्सप्रेसवे पर राया निकट नया वृंदावन बसाए जाने की योजना बनाई। अब यहां से वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध श्रीबांकेबिहारी मंदिर और मथुरा में यमुना किनारे श्रीद्वारिकाधीश मंदिर तक भक्तों को पहुंचाने के लिए सिक्सलेन कॉरिडोर का खाका भी तैयार किया जा चुका है।
नितिन गडकरी कर चुके हैं ये घोषणा
इतना ही नहीं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पांच हजार करोड़ से ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा को अयोध्या की परिक्रमा के पैटर्न पर तैयार करने की घोषणा कर चुके हैं। इसी घोषणा को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी पूरा करने का भरोसा चुनाव दौरान मथुरा वासियों को दिया था। इतना ही नहीं मथुरा-बरेली मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में बदले जाने के साथ मथुरा-वृंदावन, यमुना एक्सप्रेसवे से वृंदावन, मथुरा से गोवर्धन मार्ग को फोरलेन में बदलना प्रस्तावित है।
बृहस्पतिवार को आए चुनाव परिणाम मथुरा में पूरी तरह भाजपा के पक्ष में रहे हैं। मथुरा वासियों ने पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ते हुए सभी सीटों पर भाजपा को विजयश्री दिलाई है। ऐसे में आगामी कार्यकाल में इस धर्म नगरी के विकास की प्रस्तावित योजनाएं जमीन पर उतर सकती हैं। यह स्थिति मथुरा की तस्वीर को ही बदल कर रख देंगी।