फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   BJP never won from Mant assembly constituency in Mathura

यूपी चुनाव 2022: मथुरा की इस विधानसभा सीट पर भाजपा की हर लहर रही बेअसर, कभी नहीं खिला 'कमल'

Mon, 31 Jan 2022 12:09 AM IST
मुकेश कुमार राजेश भाटिया, अमर उजाला मथुरा
राजेश भाटिया, अमर उजाला मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 31 Jan 2022 12:09 AM IST
सार

मथुरा के मांट विधानसभा क्षेत्र से अब तक के विधानसभा चुनावों में भाजपा कभी नहीं जीत सकी है। इस सीट से श्याम सुंदर शर्मा ने राम और मोदी लहर को भी फीका कर दिया था। श्याम सुंदर शर्मा आठ बार यहां से विधायक बने हैं। 

विज्ञापन
BJP never won from Mant assembly constituency in Mathura
भाजपा। - फोटो : amar ujala

विस्तार

भाजपा के लिए राजनीतिक दृष्टि से मथुरा के मांट विधानसभा क्षेत्र अब तक बंजर भूमि रही है। आजादी से लेकर अब तक यहां किसी भी विधानसभा चुनाव में कमल नहीं खिल सका है। यहां तक कि राम और मोदी लहर भी भाजपा को मांट में जीत नहीं दिला सकी। यहां पहले लक्ष्मीरमण आचार्य का जादू चला था, अब श्यामसुंदर शर्मा का कब्जा है। हालांकि राजनीतिक माहौल को भांपते हुए वर्तमान विधायक समय-समय पर दलों को बदलते रहे हैं।  

विज्ञापन

अतीत के पन्नों को पलटकर देखें तो आजादी के बाद पहले चुनाव में मांट और गोकुल एक ही विधानसभा क्षेत्र हुआ करते थे। 1952 के पहले चुनाव में यहां की जनता ने लक्ष्मीरमण आचार्य को अपना नेता चुनकर विधानसभा भेजा था। कांग्रेस विधायक के रूप में वह 1962 के चुनाव को छोड़कर चार बार विधायक बने। 
विज्ञापन

1962 में कांग्रेस ने दर्ज की जीत
1962 में सोशलिस्ट पार्टी से राधेश्याम शर्मा ने कांग्रेस के इस गढ़ में सेंध लगाई तो 1974 के चुनाव में कांग्रेस से इसी सीट को लोकदल के चंदन सिंह ने छीन लिया था। इसके बाद यहां से तीसरे विधानसभा चुनाव में प्रतिनिधित्व कर चुके राधेश्याम शर्मा जनता पार्टी के विधायक बन गए। कांग्रेस ने एक बार फिर 1980 में लोकमणि शर्मा के रूप में यहां कब्जा किया, लेकिन चुनाव 1985 में इंदिरा गांधी की लहर के बावजूद कांग्रेस इस सीट को नहीं बचा सकी। ठा. कुशलपाल सिंह लोकदल के विधायक बन गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद शुरू हुआ श्याम सुंदर शर्मा की जीत का सिलसिला 2012 के चुनाव में रालोद मुखिया जयंत चौधरी ने तोड़ दिया। लेकिन जयंत चौधरी द्वारा सीट छोड़े जाने पर छह माह बाद ही हुए उपचुनाव में श्याम सुंदर शर्मा फिर काबिज हो गए। पिता लोकमणि शर्मा की विरासत को संभालते हुए श्याम सुंदर शर्मा शुरुआती दौर में तो कांग्रेस का हाथ पकड़ कर चले। राम लहर को भी उन्होंने निष्प्रभावी करते हुए यहां कमल नहीं खिलने दिया। लेकिन, पिछले तीन चुनाव में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और हाथी की सवारी कर अपनी कामयाबी को बरकरार रखा है। 
 
जब-जब विधायक चुने गए, आचार्य बने सरकार में मंत्री
लक्ष्मीरमण आचार्य जब-जब विधायक चुने गए, तब-तब प्रदेश सरकार में मंत्री बने। कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में शुमार लक्ष्मीरमण आचार्य पर चार बार मंत्री बनने के साथ ही न्याय मंत्रालय उन्हें दिया गया। कारण यह है वरिष्ठ अधिवक्ता होने के साथ ही पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और संजय गांधी के वह वकील भी थे। प्रदेश सरकार में परिवहन और वित्त मंत्री जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय लक्ष्मीरमण आचार्य के पास रहे थे। 

दो बार से कम अंतर से जीत रहे हैं पूर्वमंत्री
2012 और 2017 में पूर्वमंत्री श्यामसुंदर शर्मा काफी कम अंतर से विधानसभा पहुंचे। रालोद की टिकट पर चुनाव लड़े योगेश नौहवार ने कड़ी टक्कर दी। 2017 में केवल 432 वोटों के अंतर से वह विधानसभा पहुंच सके। अबकी बार बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं भाजपा ने राजेश चौधरी को मैदान में उतारा है तो सपा से संजय लाठर ताल ठोंक रहे हैं। 

यह चुने गए विधायक 
1952- लक्ष्मीरमण आचार्य (कांग्रेस)
1957- लक्ष्मीरमण आचार्य (कांग्रेस)
1962- राधेश्याम शर्मा (सोशलिस्ट पार्टी)
1967- लक्ष्मीरमण आचार्य (कांग्रेस)
1969- लक्ष्मीरमण आचार्य (कांग्रेस)
1974- चंदन सिंह (लोकदल)
1977- राधेश्याम शर्मा (जनता पार्टी)
1980- लोकमणि शर्मा (कांग्रेस)
1985- ठा. कुशलपाल सिंह (लोकदल)
1989- श्यामसुंदर शर्मा (कांग्रेस) से 2012 तक 
1991- श्याम सुंदर शर्मा कांग्रेस
1993-  श्याम सुंदर शर्मा कांग्रेस
1996- श्याम सुंदर शर्मा कांग्रेस
2002- श्याम सुंदर शर्मा कांग्रेस
2007- श्याम सुंदर शर्मा तृणमूल कांग्रेस
2012- जयंत चौधरी (रालोद)
2012- श्यामसुंदर शर्मा (उप चुनाव, बसपा)
2017- श्यामसुंदर शर्मा (बसपा) 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed