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UP: कार बेची, दूसरी चाबी बनवाई और फिर करवाई चोरी! भाजपा मंडल अध्यक्ष ने किया बड़ा कांड; कोर्ट में किया सरेंडर
Fri, 12 Jun 2026 10:17 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 12 Jun 2026 10:17 AM IST
सार
अपनी ही बेची गई कार को साजिश के तहत चोरी कराने के आरोप में भाजपा मंडल अध्यक्ष देवकी नंदन उर्फ सोनू शर्मा ने अदालत में समर्पण कर दिया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस जांच में दूसरी चाबी, फास्टैग और टोल रिकॉर्ड के जरिए कथित साजिश का खुलासा हुआ।
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भाजपा मंडल अध्यक्ष देवकी नंदन उर्फ सोनू शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपनी ही कार बेचकर चोरी कराने के आरोपी जगनेर क्षेत्र के भाजपा मंडल अध्यक्ष देवकी नंदन उर्फ सोनू शर्मा ने बृहस्पतिवार को एसीजेएम-11 आशीष कम्मोज की अदालत में समर्पण कर दिया। उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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गांव पहला पाड़ा निवासी देवकी नंदन शर्मा ने वर्ष 2021 में जगनेर निवासी दीपक कुमार को अपनी कार बेची थी। उसको ट्रांसफर नहीं किया। 22 मार्च 2024 की रात दीपक के घर के बाहर से कार चोरी हो गई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद दीपक के भाई के मोबाइल पर कार का टोल टैक्स कटने का मैसेज आया।
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इस पर उन्होंने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। पुलिस ने 24 अगस्त 2025 को कार जयपुर हाईवे से बरामद कर ली। बुलंदशहर निवासी पुनीत सिरोही को पकड़ा। उसने बताया कि देवकी नंदन शर्मा के भाई मनमोहन शर्मा को दो लाख रुपये देकर कार खरीदी थी। बाद में पता चला था कि भाई मनमोहन शर्मा उर्फ छोटू के साथ मिलकर भाजपा नेता ने साजिश की थी।
इसके लिए दूसरी चाबी बनवाई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद 400 पन्नों की चार्जशीट लगाई थी। इसमें दोनों भाइयों को आरोपी बनाया गया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद न्यायालय ने समन और नोटिस जारी किए। आरोपी पक्ष के न्यायालय में उपस्थित न होने पर अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए थे।
पीड़ित ने चुकाई थीं 19 किस्त
आरोपी देवकी नंदन शर्मा ने जगनेर के दीपक और उसके भाई मंगल को कार 5.65 लाख रुपये में बेची थी। इसकी सात किस्त बकाया बताई थीं। किस्त पूरी होने के बाद कार ट्रांसफर करने को कहा था। सात की जगह 12 किस्त और बकाया निकलीं। 22 मार्च 2024 की आधी रात कार चोरी हो गई। दीपक ने देवकी नंदन से ही जगनेर थाने में कार चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 11 जुलाई 2025 को बाराबंकी टोल पर कार का टोल टैक्स कटा था। दीपक की शिकायत पर विवेचना जगनेर से कागारौल थाने स्थानांतरित की गई।
आरोपी देवकी नंदन शर्मा ने जगनेर के दीपक और उसके भाई मंगल को कार 5.65 लाख रुपये में बेची थी। इसकी सात किस्त बकाया बताई थीं। किस्त पूरी होने के बाद कार ट्रांसफर करने को कहा था। सात की जगह 12 किस्त और बकाया निकलीं। 22 मार्च 2024 की आधी रात कार चोरी हो गई। दीपक ने देवकी नंदन से ही जगनेर थाने में कार चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 11 जुलाई 2025 को बाराबंकी टोल पर कार का टोल टैक्स कटा था। दीपक की शिकायत पर विवेचना जगनेर से कागारौल थाने स्थानांतरित की गई।
दूसरी कार का लगा रखा था फास्टैग
दो लाख रुपये में कार खरीदने वाले पुनीत सिरोही ने राजस्थान की आरजे-14 नंबर की गाड़ी का फास्टैग लगा दिया था। टोल पर फास्टैग इसी नंबर से कटता था। 11 जुलाई 2025 को बाराबंकी टोल पर वाहन नंबर यूपी 80 ईटी 1679 से टोल टैक्स कट गया। दीपक के भाई पवन ने फास्टैग में गाड़ी नंबर को अटैच किया था। जो कि उनके बैंक खाते से लिंक था।
दो लाख रुपये में कार खरीदने वाले पुनीत सिरोही ने राजस्थान की आरजे-14 नंबर की गाड़ी का फास्टैग लगा दिया था। टोल पर फास्टैग इसी नंबर से कटता था। 11 जुलाई 2025 को बाराबंकी टोल पर वाहन नंबर यूपी 80 ईटी 1679 से टोल टैक्स कट गया। दीपक के भाई पवन ने फास्टैग में गाड़ी नंबर को अटैच किया था। जो कि उनके बैंक खाते से लिंक था।
गति अधिक होने पर कटा था चालान
पुलिस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर पड़ने वाले टोल पर कार नंबर के बारे में पता करते हुए बिहार की सीमा तक पहुंच गई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के एक टोल पर कार की गति निर्धारित से अधिक होने पर चालान कटा था। दीपक और साथ गई पुलिस ने टोल से निकलने वाले वाहनों का डाटा चेक किया, पता चला कि उनकी कार पर राजस्थान की आरजे-14 नंबर का फास्टैग लगा हुआ था। फास्टैग की डिटेल निकालने पर पूरा मामला खुल गया।
पुलिस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर पड़ने वाले टोल पर कार नंबर के बारे में पता करते हुए बिहार की सीमा तक पहुंच गई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के एक टोल पर कार की गति निर्धारित से अधिक होने पर चालान कटा था। दीपक और साथ गई पुलिस ने टोल से निकलने वाले वाहनों का डाटा चेक किया, पता चला कि उनकी कार पर राजस्थान की आरजे-14 नंबर का फास्टैग लगा हुआ था। फास्टैग की डिटेल निकालने पर पूरा मामला खुल गया।
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