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UP: STF और औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई...ढाई करोड़ की दवा जब्त, कारोबारी ने बचने के लिए दिया नोटों से भरा बैग
Sun, 24 Aug 2025 12:34 AM IST
अरुन पाराशर
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 24 Aug 2025 12:34 AM IST
सार
कार्रवाई को रोकने के लिए कारोबारी ने टीम को एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की। कारोबारी 500-500 रुपये के नोटों से भरा बैग लेकर पहुंचा। टीम ने कारोबारी को रंग हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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रंगे हाथ पकड़ा कारोबारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम ने फव्वारा स्थित बंसल मेडिकल एजेंसी और हेमा मेडिकल स्टोर समेत 4 गोदामों पर छापा मारा। जांच में हेमा मेडिको और इसके गोदाम से 2.43 करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त की हैं। बीते दिन 80 लाख रुपये की दवाएं जब्त की थीं। अभी दो गोदाम और स्टोर पर रविवार को जांच होगी। कार्रवाई रोकने के लिए हेमा मेडिकल स्टोर के संचालक ने एसटीएफ निरीक्षक और सहायक आयुक्त औषधि बस्ती को एक करोड़ रुपये की रिश्वत दी। रकम कम लगने पर दोगुना करने की भी बात कही। इस पर टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। दवा कारोबारी को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। देर रात तक तीन और केस दर्ज किए जा रहे हैं।
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चार नामी कंपनी के नाम पर नकली दवाओं की बिक्री की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची थी। उनके निर्देश पर एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश, एफएसडीए के आयुक्त राजेश कुमार और अपर आयुक्त रेखा एस.चौहान के नेतृत्व में औषधि विभाग और एसटीएफ के आलाधिकारियों की टीम बनाई गई। टीम ने शुक्रवार को फव्वारा स्थित बंसल मेडिकल एजेंसी और हेमा मेडिकल स्टोर समेत चार गाेदामों पर छापा मारा।
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दवाओं का भंडारण और सीमित स्टाफ को देखते हुए इनको सील कर दिया था। शनिवार को आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, मथुरा, कानपुर, मेरठ, लखनऊ के औषधि विभाग के अधिकारियों को बुलाया। टीम को फव्वारा स्थित हेमा मेडिकल स्टोर और इसके सैयद गली, मोती कटरा स्थित गोदाम में छापा मारकर 2.43 करोड़ रुपये की नकली दवाएं मिली हैं।
टीम ने शुक्रवार को 80 लाख रुपये की दवाएं जब्त की थीं। टीम इनको जब्त कर कोतवाली थाना लेकर आई। कार्रवाई को रोकने के लिए हेमा मेडिकल स्टोर के संचालक कर्मयोगी एन्क्लेव कमला नगर निवासी हिमांशु अग्रवाल ने एसटीएफ निरीक्षक यतेंद्र शर्मा और सहायक आयुक्त औषधि बस्ती नरेश मोहन को एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की। कारोबारी 500-500 रुपये के नोटों से भरा बैग लेकर पहुंचा।
ये भी कहा कि कार्रवाई रोकने के लिए रकम कम लगने पर दोगुना कर देंगे। टीम ने इसकी जानकारी एसपी एसटीएफ राकेश यादव और अधिकारियों को देने के साथ रंगे हाथ कारोबारी को पकड़ लिया। 500-500 रुपये से भरे बैग को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
रिश्वत देते हुए दवा कारोबारी को किया है गिरफ्तार
दवा कारोबारी की फर्म पर छापा मारकर कार्रवाई की गई। इस दौरान कार्रवाई रोकने के लिए संचालक ने टीम को एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की। आरोपी को रुपयों के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। मुकदमा दर्ज किया है। - राकेश कुमार यादव, एसपी एसटीएफ आगरा यूनिट
दवा कारोबारी की फर्म पर छापा मारकर कार्रवाई की गई। इस दौरान कार्रवाई रोकने के लिए संचालक ने टीम को एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की। आरोपी को रुपयों के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। मुकदमा दर्ज किया है। - राकेश कुमार यादव, एसपी एसटीएफ आगरा यूनिट
आगरा कैंट से गोदाम जाते वक्त दवाएं पकड़ी
एसटीएफ ने आगरा कैंट से गोदाम के लिए भेजी जा रही दवाओं को भी पकड़ लिया है। ये लोडिंग वाहन में लादकर गोदाम पहुंचाई जा रही थीं। मुखबिर की सूचना पर लोडिंग वाहन को पकड़ लिया है। इसे कोतवाली थाना लेकर आए। इसमें 15 कट्टों में दवाएं भरी हुई थीं।
एसटीएफ ने आगरा कैंट से गोदाम के लिए भेजी जा रही दवाओं को भी पकड़ लिया है। ये लोडिंग वाहन में लादकर गोदाम पहुंचाई जा रही थीं। मुखबिर की सूचना पर लोडिंग वाहन को पकड़ लिया है। इसे कोतवाली थाना लेकर आए। इसमें 15 कट्टों में दवाएं भरी हुई थीं।
दो सप्ताह से रेकी
नकली दवाओं की कालाबाजारी की शिकायत मिलने के बाद एसटीएफ बीते दो सप्ताह से दोनों मेडिकल स्टोर और गोदाम की रेकी कर रहे थे। इसमें दवा कंपनी के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। इसमें दवाएं कहां से आती हैं, कितने लोग कार्य करते हैं। कौन सी दवाएं हैं, इन सभी की जानकारी जुटा ली। यहां तक कि एसटीएफ और कंपनी के प्रतिनिधि मरीज बनकर इन दोनों मेडिकल स्टोरों से दवा खरीदने भी गए। उनकी कंपनी के नाम की दवा मिलने पर जानकारी पुख्ता होने पर टीम ने बीते शुक्रवार को छापा मारा।
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नकली दवाओं की कालाबाजारी की शिकायत मिलने के बाद एसटीएफ बीते दो सप्ताह से दोनों मेडिकल स्टोर और गोदाम की रेकी कर रहे थे। इसमें दवा कंपनी के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। इसमें दवाएं कहां से आती हैं, कितने लोग कार्य करते हैं। कौन सी दवाएं हैं, इन सभी की जानकारी जुटा ली। यहां तक कि एसटीएफ और कंपनी के प्रतिनिधि मरीज बनकर इन दोनों मेडिकल स्टोरों से दवा खरीदने भी गए। उनकी कंपनी के नाम की दवा मिलने पर जानकारी पुख्ता होने पर टीम ने बीते शुक्रवार को छापा मारा।
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