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UP News: अवैध अस्पताल के बेसमेंट में भर्ती थे मरीज, प्रसव कक्ष में भीषण गंदगी; बिना जांच चल रहा था इलाज

Mon, 23 Sep 2024 07:39 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 23 Sep 2024 07:39 PM IST
सार

फतेहाबाद में क्लीनिक की आड़ में बीएचएमएस एलोपैथी अस्पताल चला रहे थे। बिना जांच मरीजों का इलाज चल रहा था। बेसमेंट में मरीज भर्ती थे। प्रसव कक्ष में गंदगी फैली थी।

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BHMS running an allopathy hospital under guise of clinic In Agra Patients being treated without examination
अवैध अस्पताल के बेसमेंट में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में फतेहाबाद स्थित श्रीराम क्लीनिक एंड मेडिकेयर सेंटर में मरीजों का अजब ढंग से इलाज चलता मिला। यहां भर्ती तीन मरीजों के इलाज के पर्चे, जांच रिपोर्ट नहीं मिली। इनको ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था। इलाज खुद को बीएचएमएस डिग्रीधारक बताने वाले विनीत कुमार कर रहे थे। बेसमेंट में मरीज भर्ती थे। प्रसव कक्ष भी बना हुआ था, जिसमें गंदगी थी। क्लीनिक की आड़ में अवैध अस्पताल चलाते पाए गए। मरीज भर्ती पर रोक लगाते हुए नोटिस देकर रिकॉर्ड तलब किए गए हैं।

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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के डॉ. जितेंद्र लवानियां की टीम ने फतेहाबाद में श्रीराम क्लीनिक एंड मेडिकेयर सेंटर पर छापा मारा। यहां बेसमेंट में छह और भूतल पर बने वार्ड में तीन बेड पड़े थे। बेसमेंट में तीन मरीज भर्ती थे, जिनमें से एक बालक था। 

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पूछने पर बताया कि वायरल फीवर, उल्टी-दस्त की दिक्कत है। मौके पर विनीत कुमार मिले, वह खुद को बीएचएमएस बता रहे थे। बाहर की ओर दुकान में क्लीनिक है और अंदर अस्पताल चल रहा था। वह मरीज के पर्चे, जांच और क्या इलाज चल रहा है, इसकी जानकारी नहीं दे पाए।

बस इतना कहा कि ग्लूकोज दिया जा रहा है। टीम ने कहा कि पर्चे न फाइल और जांच, कैसे इलाज दे रहे हो। ऐलोपैथी से क्या आप प्रैक्टिस कर सकते हो। इस पर वह कुछ जवाब नहीं दे पाए। छापे को देख तीमारदार अपने मरीजों को दूसरे अस्पताल लेकर चले गए। 
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टीम ने उनसे अस्पताल का लाइसेंस, अग्निशमन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी, बॉयोमेडिकल वेस्ट का पंजीकरण, चिकित्सकीय स्टाफ के रिकॉर्ड समेत अन्य प्रमाणपत्र मांगे तो वह दिखा नहीं पाए। नोटिस देकर इनसे चिकित्सकीय डिग्री समेत अन्य प्रमाणपत्र मांगे हैं। मरीज भर्ती पर रोक लगा दी है।

प्रसव कक्ष में जंगे लगे उपकरण, गर्भपात की भी आशंका

सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में प्रसव कक्ष भी बना था, यहां निरीक्षण किया तो गंदगी थी। बॉयोमेडिकल वेस्ट बिखरा था। डिलीवरी टेबल पर गंदा कपड़ा बिछा था, प्रसव और गर्भपात कराने वाले उपकरण मिले, ये गंदे थे। ट्रे और कुछ उपकरण में जंग लगी हुई थी। यही हाल वार्ड का था, इनमें गंदगी फैली थी, घुटन थी और इंजेक्शन, सिरिंज समेत अन्य मेडिकल वेस्ट बिखरा हुआ था।

बोर्ड पर दर्ज है डॉ. जितेंद्र कुमार का नाम

अस्पताल के बाहर दीवार पर लगे बोर्ड पर एक ओर डॉ. विनीत कुमार बीएससी, बीएचएमएस और दूसरी ओर डॉ. जितेंद्र कुमार जनरल सर्जन का नाम दर्ज है। इनकी शैक्षणिक योग्यता एमबीबीएस एमएस लिखी है। इनका आगरा में राजेश्वर मंदिर के पास अस्पताल बताया गया है। इसकी भी जांच कराई जा रही है।

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