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भारतीय किसान यूनियन भानु का धरना प्रदर्शन आश्वासन के बाद समाप्त
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टूंडला के रिजावली में किसान नेता योगेश प्रताप सिंह से वार्ता करते एसडीएम राजेश कुमार वर्मा
- फोटो : TUNDLA
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टूंडला (फिरोजाबाद)। बिजली, नहर में पानी के मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) का मंगलवार को शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन बुधवार को समाप्त हो गया। 15 घंटे विद्युत आपूूर्ति और 15 दिन में नहर में पानी आने के आश्वासन के बाद यूनियन के पदाधिकारी माने। लगातार 30 घंटे तक रोड जाम रहने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसानों की बिजली, नहर में पानी न आने से सूख रहीं फसलों व अन्य समस्याओं को लेकर दो महीने पहले भारतीय किसान यूनियन (भानु) के प्रदेश अध्यक्ष ठा. योगेश प्रताप सिंह ने नेतृत्व में विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया था। तब प्रशासन ने एक माह का समय लेकर धरना-प्रदर्शन समाप्त करा दिया था। उपचुनाव से पूर्व किसानों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति कराई जाती रही, लेकिन नहर में पानी नहीं आया। चुनाव समाप्त होते ही विद्युत आपूर्ति मात्र पांच-छह घंटे कर देने से किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया।
पूर्व मुद्दों को लेकर पुन: मंगलवार को किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (भानु) के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में रजावली चौराहे पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। जो लगातार 30 घंटे तक चला। इस दौरान सीओ टूंडला देवेन्द्र कुमार, एसडीएम राजेश कुमार वर्मा से हुई वार्ता का कोई हल नहीं निकला। एसडीएम राजेश कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत निगम लोकेन्द्र बहादुर सिंह आदि ने लगातार 15 घंटे विद्युत आपूर्ति व 15 दिन के अंदर नहर में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) के पदाधिकारियों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त किया।
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...तो होगा उग्र आंदोलन
टूंडला। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ठा. योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि अगर इस बार भी वादाखिलाफी हुई तो किसान यूनियन अबकी बार विद्युत निगम के एमडी ऑफिस पर तालाबंदी करेगी। इतना ही नहीं, इस बार उग्र आंदोलन होगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
लगी रही वाहनों की कतार
टूंडला। मंगलवार दोपहर से शुरू धरना-प्रदर्शन बुधवार दोपहर तीन बजे के करीब समाप्त हुआ। टूंडला, एटा, फिरोजाबाद, जलेसर मार्ग पर एंबुलेंस के अलावा किसी भी वाहन का आवागमन नहीं हो सका। इस दौरान वाहनों की कतार लगी रही।
पगडंडियों का सहारा लिया
टूंडला। टूंडला-एटा मार्ग पर धरने के चलते सैंकड़ों वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। इस दौरान कई वाहन चालकों ने आवागमन के लिए गांव की पगडंडियों का सहारा लिया, तो कुछ लोगों ने पैदल ही सफर तय किया।
सड़कों पर रात गुजारी
टूंडला। लगातार 30 घंटे तक चले धरने के दौरान किसानों ने प्रशासन की अनदेखी के चलते सड़कों पर ही रात गुजारी। इतना ही नहीं अपनी मांगों के लिए वहीं बैठकर खाना भी खाया।
ग्रामीणों ने की मदद
टूंडला। सर्दी के कारण रात में मौसम खराब होने लगा था। इस दौरान ग्रामीणों ने अपने घरों से कंबल और रजाई लाकर किसानों की मदद की। वहीं कुछ किसानों ने लकड़ियां जलाकर आग के सहारे रात गुजारी।
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किसानों की बिजली, नहर में पानी न आने से सूख रहीं फसलों व अन्य समस्याओं को लेकर दो महीने पहले भारतीय किसान यूनियन (भानु) के प्रदेश अध्यक्ष ठा. योगेश प्रताप सिंह ने नेतृत्व में विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया था। तब प्रशासन ने एक माह का समय लेकर धरना-प्रदर्शन समाप्त करा दिया था। उपचुनाव से पूर्व किसानों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति कराई जाती रही, लेकिन नहर में पानी नहीं आया। चुनाव समाप्त होते ही विद्युत आपूर्ति मात्र पांच-छह घंटे कर देने से किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया।
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पूर्व मुद्दों को लेकर पुन: मंगलवार को किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (भानु) के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में रजावली चौराहे पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। जो लगातार 30 घंटे तक चला। इस दौरान सीओ टूंडला देवेन्द्र कुमार, एसडीएम राजेश कुमार वर्मा से हुई वार्ता का कोई हल नहीं निकला। एसडीएम राजेश कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत निगम लोकेन्द्र बहादुर सिंह आदि ने लगातार 15 घंटे विद्युत आपूर्ति व 15 दिन के अंदर नहर में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) के पदाधिकारियों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त किया।
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...तो होगा उग्र आंदोलन
टूंडला। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ठा. योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि अगर इस बार भी वादाखिलाफी हुई तो किसान यूनियन अबकी बार विद्युत निगम के एमडी ऑफिस पर तालाबंदी करेगी। इतना ही नहीं, इस बार उग्र आंदोलन होगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
लगी रही वाहनों की कतार
टूंडला। मंगलवार दोपहर से शुरू धरना-प्रदर्शन बुधवार दोपहर तीन बजे के करीब समाप्त हुआ। टूंडला, एटा, फिरोजाबाद, जलेसर मार्ग पर एंबुलेंस के अलावा किसी भी वाहन का आवागमन नहीं हो सका। इस दौरान वाहनों की कतार लगी रही।
पगडंडियों का सहारा लिया
टूंडला। टूंडला-एटा मार्ग पर धरने के चलते सैंकड़ों वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। इस दौरान कई वाहन चालकों ने आवागमन के लिए गांव की पगडंडियों का सहारा लिया, तो कुछ लोगों ने पैदल ही सफर तय किया।
सड़कों पर रात गुजारी
टूंडला। लगातार 30 घंटे तक चले धरने के दौरान किसानों ने प्रशासन की अनदेखी के चलते सड़कों पर ही रात गुजारी। इतना ही नहीं अपनी मांगों के लिए वहीं बैठकर खाना भी खाया।
ग्रामीणों ने की मदद
टूंडला। सर्दी के कारण रात में मौसम खराब होने लगा था। इस दौरान ग्रामीणों ने अपने घरों से कंबल और रजाई लाकर किसानों की मदद की। वहीं कुछ किसानों ने लकड़ियां जलाकर आग के सहारे रात गुजारी।