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भैया दूज: यम फांस से मुक्ति के लिए हाथ पकड़कर यमुना में डुबकी लगाएंगे भाई-बहन
Mon, 16 Nov 2020 12:03 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 16 Nov 2020 12:03 AM IST
सार
दूज पर यमुना से मिलने पहुंचे थे धर्मराज, दिया था वर
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यमुना के घाट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा विश्राम घाट पर सोमवार को यम द्वितीया (भैया दूज) का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन यम की फांस से मुक्ति के लिए भाई-बहन एक-दूसरे का हाथ पकड़कर यमुना में डुबकी लगाएंगे। इसके बाद भाई-बहन के नाम से प्रसिद्ध एक मात्र यमुना-धर्मराज मंदिर में पूजन-अर्चन कर मनोकामना मांगेंगे। बहनें भाइयों के टीका कर उनकी दीर्घायु की कामना करेंगी।
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बताते हैं कि सूर्य नारायण व संध्या की संतान यम-यमी दोनों भाई-बहन हैं। यमी अर्थात यमुना द्वारा सतयुग में की गई तपस्या से प्रसन्न होकर नारायण ने कहा कि मैं द्वापर में श्रीकृष्ण के रूप में अवतरित होकर आपका वरण करूंगा। यही कारण है कि श्रीकृष्ण को वसुदेव द्वारा गोकुल ले जाते समय यमुना जी ने श्रीकृष्ण के चरणों को स्पर्श किया। प्रतिवर्ष यम द्वितीया पर लाखों श्रद्धालु विश्राम घाट पर स्नान करने के पश्चात इस मंदिर के दर्शन करते हैं।
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दूज पर यमुना से मिलने पहुंचे थे धर्मराज, दिया था वर
बहन यमुना के निमंत्रण पर भाई धर्मराज संयोगवश दिवाली के बाद आने वाली दूज के दिन अपनी बहन से मिलने आए। यमुना ने भाई धर्मराज का सादर सत्कार कर टीका कर उन्हें छप्पन भोग ग्रहण कराया। बहन के आतिथ्य से प्रसन्न होकर धर्मराज ने उन्हें वर मांगने को कहा। यमुना ने वर मांगा कि यम द्वितीया पर्व पर जो भी भाई-बहन हाथ पकड़ कर विश्राम घाट पर स्नान करके इस मंदिर के दर्शन करेंगे वह मृत्यु के पश्चात यमलोक को नहीं जाएं। यमुना जी द्वारा मांगे गए इस वरदान को धर्मराज ने सहर्ष स्वीकार किया। - राजेंद्र चतुर्वेदी, सेवायत यमुना धर्मराज मंदिर
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