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बुलन्द दरवाजे में मधुक्खियों का हमला, मची भगदड
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फतेहपुर सीकरी। बुलंद दरवाजा के गुंबद में लगे छत्तों की मधुमक्खियां सोमवार की दोपहर अचानक हमलावर हो गईं। उनके हमले से वहां भगदड़ मच गई। इससे कई पर्यटक गिर चुटैल भी हो गए। मधुमक्खियों के काटने से एक पर्यटक की हालत भी बिगड़ गई।
फतेहपुर सीकरी के शेख सलीम चिश्ती के बुलंद दरवाजा, शाही जामा मस्जिद सहित कई स्मारकों में मधुमक्खियों के बड़े-बड़े छत्ते लगे हैं। पुरातत्व विभाग ने इनकी सफाई नहीं कराई है। इधर, दिन में तेज धूप के कारण मधुमक्खियां उड़ने लगी हैं। दोपहर करीब एक बजे बुलंद दरवाजा प्लेटफार्म पर मौजूद पर्यटकों व जायरीनों पर अचानक मधुमक्खियां हमलावर हो गईं। बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान बोदला निवासी रब्बान (45) की मधुमक्खियों के काटने से हालत बिगड़ गई। कई अन्य पर्यटकों को गिरने से चोटें आई हैं। इस संबंध में पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि तेज धूप के कारण मधुमक्खियां उड़ने लगी थीं। स्मारकों के ऊपरी भाग में लगे मधुमक्खियों के छत्तों को जल्द ही साफ कराया जाएगा।
बुलंद दरवाजा व शाही जामा मस्जिद के गुंबदों में लगे छत्तों से मधुमक्खियों के हमले से जायरीन व पर्यटक पहले भी घायल हो चुके हैं। स्थानीय निवासी हाजी नवाबउद्दीन ने बताया कि जनवरी 2020 में भी मधुमक्खियों के हमले से कई जायरीन व पर्यटक घायल हुए थे। उन्होंने बताया कि पुरातत्व विभाग ने दो वर्षों से सफाई का कार्य नहीं कराया है।
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फतेहपुर सीकरी के शेख सलीम चिश्ती के बुलंद दरवाजा, शाही जामा मस्जिद सहित कई स्मारकों में मधुमक्खियों के बड़े-बड़े छत्ते लगे हैं। पुरातत्व विभाग ने इनकी सफाई नहीं कराई है। इधर, दिन में तेज धूप के कारण मधुमक्खियां उड़ने लगी हैं। दोपहर करीब एक बजे बुलंद दरवाजा प्लेटफार्म पर मौजूद पर्यटकों व जायरीनों पर अचानक मधुमक्खियां हमलावर हो गईं। बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान बोदला निवासी रब्बान (45) की मधुमक्खियों के काटने से हालत बिगड़ गई। कई अन्य पर्यटकों को गिरने से चोटें आई हैं। इस संबंध में पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि तेज धूप के कारण मधुमक्खियां उड़ने लगी थीं। स्मारकों के ऊपरी भाग में लगे मधुमक्खियों के छत्तों को जल्द ही साफ कराया जाएगा।
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बुलंद दरवाजा व शाही जामा मस्जिद के गुंबदों में लगे छत्तों से मधुमक्खियों के हमले से जायरीन व पर्यटक पहले भी घायल हो चुके हैं। स्थानीय निवासी हाजी नवाबउद्दीन ने बताया कि जनवरी 2020 में भी मधुमक्खियों के हमले से कई जायरीन व पर्यटक घायल हुए थे। उन्होंने बताया कि पुरातत्व विभाग ने दो वर्षों से सफाई का कार्य नहीं कराया है।
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