{"_id":"266a06973003b8b157ffe9b41aaafd96","slug":"bed-counseling-this-time-may-be-empty-seats-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएड काउंसलिंग: इस बार भी खाली रह सकती हैं सीटें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएड काउंसलिंग: इस बार भी खाली रह सकती हैं सीटें
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 13 Jun 2015 02:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएड की सीटें इस बार भी खाली रहने के आसार हैं। पूरे प्रदेश में चल रही काउंसलिंग में अब तक 45 हजार ही अभ्यर्थी शामिल हुए हैं, जबकि 85 हजार अभ्यर्थियों को बुलाया गया था।
2015-16 में डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध 411 बीएड कॉलेज में 43 हजार सीट हैं। पांच जून से अब तक 50 फीसदी सीटों पर ही काउंसलिंग हुई है। काउंसलिंग 17 जून को खत्म होगी। वहीं प्रदेश में करीब 1550 बीएड कालेज हैं। इनमें 1.85 लाख बीएड सीट हैं। जानकार डा. संजीव शर्मा ने बताया कि इन स्थितियों को देखते हुए बीएड में 55 फीसदी तक सीट खाली रहने की उम्मीद है। दरअसल, 2010 से बीएड कॅरियर के लिए पहली पसंद रहा। तत्कालीन सरकार ने 72 हजार शिक्षकों की भर्ती की तो बूम आ गया। अन्य प्रोफेशनल कोर्सों को छोड़कर अभ्यर्थी बीएड करने लगे थे। लेकिन अब शिक्षक भर्ती अटक गई है। ऐसे में इसका असर दिख रहा है। इसी कारणों से 2014-15 में 26 हजार में से 17 हजार ही सीट भरी जा सकीं। वहीं शुक्रवार को 1074 में से महज 503 अभ्यर्थी ही आए। शनिवार को 85 हजार से एक लाख रैंक वाले अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।
थोक के भाव कालेज
- डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से 411 बीएड कॉलेज संबद्ध है। बीएड प्रवेश परीक्षा होने तक इनकी संख्या 191 थी। चंद महीनाें में ही इनकी संख्या इतनी बढ़ गई। ऐसे में सीटें खाली रहने के लिए ये भी बड़ा कारण है।
विज्ञापन
विज्ञापन
2015-16 में डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध 411 बीएड कॉलेज में 43 हजार सीट हैं। पांच जून से अब तक 50 फीसदी सीटों पर ही काउंसलिंग हुई है। काउंसलिंग 17 जून को खत्म होगी। वहीं प्रदेश में करीब 1550 बीएड कालेज हैं। इनमें 1.85 लाख बीएड सीट हैं। जानकार डा. संजीव शर्मा ने बताया कि इन स्थितियों को देखते हुए बीएड में 55 फीसदी तक सीट खाली रहने की उम्मीद है। दरअसल, 2010 से बीएड कॅरियर के लिए पहली पसंद रहा। तत्कालीन सरकार ने 72 हजार शिक्षकों की भर्ती की तो बूम आ गया। अन्य प्रोफेशनल कोर्सों को छोड़कर अभ्यर्थी बीएड करने लगे थे। लेकिन अब शिक्षक भर्ती अटक गई है। ऐसे में इसका असर दिख रहा है। इसी कारणों से 2014-15 में 26 हजार में से 17 हजार ही सीट भरी जा सकीं। वहीं शुक्रवार को 1074 में से महज 503 अभ्यर्थी ही आए। शनिवार को 85 हजार से एक लाख रैंक वाले अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।
विज्ञापन
थोक के भाव कालेज
- डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से 411 बीएड कॉलेज संबद्ध है। बीएड प्रवेश परीक्षा होने तक इनकी संख्या 191 थी। चंद महीनाें में ही इनकी संख्या इतनी बढ़ गई। ऐसे में सीटें खाली रहने के लिए ये भी बड़ा कारण है।
विज्ञापन