{"_id":"65aa205c25c38571b50cacf3","slug":"beat-constable-got-new-responsibility-from-police-verification-to-monitoring-of-criminals-2024-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"नया सिस्टम लागू: पुलिस सत्यापन से लेकर अपराधियों की निगरानी तक... बीट सिपाही को मिली ये जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नया सिस्टम लागू: पुलिस सत्यापन से लेकर अपराधियों की निगरानी तक... बीट सिपाही को मिली ये जिम्मेदारी
Fri, 19 Jan 2024 12:40 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 19 Jan 2024 12:40 PM IST
सार
बीट प्रणाली को मजबूत करने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब पुलिस सत्यापन से लेकर अपराधियों की निगरानी में सिपाहियों को लगाया जाएगा।
विज्ञापन
जे. रविंद्र गौड़
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
आगरा के पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ ने बीट प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया है। पुलिस सत्यापन से लेकर अपराधियों की निगरानी में सिपाहियों को लगाया जाएगा। इसके बाद सिपाहियों की कार्यप्रणाली की जानकारी फीडबैक सेल के माध्यम से ली जाएगी। लापरवाही और रिश्वत की शिकायत पर जोन पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि देहात में 3-4 हजार और शहर में 5-6 हजार आबादी वाले इलाकों में एक सिपाही को तैनात कर बीट बनाई जाएगी। सिपाही अपनी बीट पर सत्यापन का कार्य करेंगे। इसमें पासपोर्ट से लेकर चरित्र सत्यापन शामिल होगा। इसके साथ हिस्ट्रीशीटर, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में अहम योगदान निभाएंगे। थाना प्रभारी से लेकर सर्किल के अधिकारी बीट सिपाही से रिपोर्ट लिया करेंगे।
उनके कार्यालय में एक फीडबैक सेल बनाई जाएगी। सेल में तैनात पुलिसकर्मी रोजाना कार्रवाई की जानकारी लेंगे। जिन लोगों के सत्यापन किए गए होंगे, उनका डाटा लिया जाएगा। इसके बाद लोगों से बात कर पुलिसकर्मी के व्यवहार से लेकर यह पता किया जाएगा कि किसी तरह के कार्य के लिए किसी तरह के धन की मांग तो नहीं की गई। अगर, रिश्वत का आरोप लगता है तो जोन पुलिस अधिकारी को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा। इसके साथ ही सत्यापन के दौरान देरी और गलत व्यवहार पर भी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस आयुक्त ने बताया कि देहात में 3-4 हजार और शहर में 5-6 हजार आबादी वाले इलाकों में एक सिपाही को तैनात कर बीट बनाई जाएगी। सिपाही अपनी बीट पर सत्यापन का कार्य करेंगे। इसमें पासपोर्ट से लेकर चरित्र सत्यापन शामिल होगा। इसके साथ हिस्ट्रीशीटर, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में अहम योगदान निभाएंगे। थाना प्रभारी से लेकर सर्किल के अधिकारी बीट सिपाही से रिपोर्ट लिया करेंगे।
विज्ञापन
उनके कार्यालय में एक फीडबैक सेल बनाई जाएगी। सेल में तैनात पुलिसकर्मी रोजाना कार्रवाई की जानकारी लेंगे। जिन लोगों के सत्यापन किए गए होंगे, उनका डाटा लिया जाएगा। इसके बाद लोगों से बात कर पुलिसकर्मी के व्यवहार से लेकर यह पता किया जाएगा कि किसी तरह के कार्य के लिए किसी तरह के धन की मांग तो नहीं की गई। अगर, रिश्वत का आरोप लगता है तो जोन पुलिस अधिकारी को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा। इसके साथ ही सत्यापन के दौरान देरी और गलत व्यवहार पर भी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन