{"_id":"5fa3d4936218f6410c17247a","slug":"bateshwar-mela-will-not-be-held-in-this-year-agra-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना: 374 साल के इतिहास में पहली बार नहीं लगेगा उत्तर भारत का प्रमुख बटेश्वर मेला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना: 374 साल के इतिहास में पहली बार नहीं लगेगा उत्तर भारत का प्रमुख बटेश्वर मेला
Fri, 06 Nov 2020 12:22 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 06 Nov 2020 12:22 AM IST
विज्ञापन
बटेश्वर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के बटेश्वर में 374 साल के इतिहास में उत्तर भारत का प्रमुख मेला श्री बटेश्वरनाथ इस साल नहीं लगेगा। मेले में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है। वैश्विक महामारी कोरोना के मद्देनजर जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। इससे स्थानीय लोग ही नहीं व्यापारी भी मायूस हैं।
विज्ञापन
दिवाली से दो दिन पहले शुरू होने वाला मेला अगहन मास की पंचमी तक चलता है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) जे. रीभा ने जिला पंचायत प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि कोरोना से संबंधी गाइडलाइन के चलते इस मेले को अनुमति नहीं दी सकती है, क्योंकि मेले में लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। ऐसे में इस बार बटेश्वर मेला आयोजित नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
यह है इतिहास
1646 में तत्कालीन भदावर नरेश बदन सिंह ने बटेश्वर में एक कोस लंबा अर्द्धचंद्राकार बांध बनवाकर यमुना का बहाव मोड़ा था। इसी बांध पर 101 शिव मंदिर श्रृंखला बनी है। तभी उन्होंने उत्तर भारत के प्रमुख मेला श्री बटेश्वरनाथ का आगाज किया था। जिला पंचायत द्वारा आयोजित बटेश्वर मेले के पहले चरण में बैल, गाय, दूसरे चरण में घोडे़, ऊंट, गधे, खच्चर का मेला लगता है।
विज्ञापन
तीसरे चरण में लोक मेले का आयोजन होता है। जिसमें एकादशी, पूर्णिमा दौज को महामंडलेश्वर बाबा बालक दास के नेतृत्व में नागा शाही स्नान करते हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों लोग यमुना में डुबकी लगाकर भोले के दर पर मत्था टेकने पहुंचते है।
दौज की श्रृंगार पूजा भदावर राज घराने के प्रतिनिधि करते हैं। सीडीओ जे रीभा के जारी किए पत्र में बटेश्वर मेले में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ के मद्देनजर इसे इस साल न आयोजित करने का निर्णय जारी किया है। इससे आमजन मायूस हैं। उनका कहना है कि मेले से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।
दौज की श्रृंगार पूजा भदावर राज घराने के प्रतिनिधि करते हैं। सीडीओ जे रीभा के जारी किए पत्र में बटेश्वर मेले में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ के मद्देनजर इसे इस साल न आयोजित करने का निर्णय जारी किया है। इससे आमजन मायूस हैं। उनका कहना है कि मेले से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।