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गौरक्षा और यमुना की निर्मलता का संकल्प
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 28 Nov 2015 02:02 AM IST
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बटेश्वर को पांचवें महाकुंभ का दर्जा दिलाने के लिए संघर्षरत महामंडलेश्वर बाबा बालकदास के नेतृत्व में नागा साधुओं और विभिन्न अखाड़ों साधु संतों ने शुक्रवार को तीसरा और आखिरी शाही स्नान किया। इससे पहले सप्तकोसीय परिक्रमा की। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शाही स्नान के बाद बाबा बालकदास ने गौरक्षा और यमुना की निर्मलता का संकल्प दिलाने के साथ ही साधु संतों से जनजागरण में जुटने का आह्वान किया।
सुबह आठ बजे महामंडलेश्वर बाबा बालकदास के नेतृत्व में नागा साधुओं और साधु संतों की टोली शिव मंदिर शृंखला के घाट से सप्त कोसीय परिक्त्रस्मा के लिए निकली। बटेश्वर के विभिन्न देवालयों के दर्शन पूजन के अलावा विभिन्न संप्रदायों के अखाड़ों के भ्रमण के बाद परिक्त्रस्मा संपन्न हुई। परिक्त्रस्मा मार्ग पर संत महात्माओं के साथ महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान संत महात्माओं ने तलवारबाजी का प्रदर्शन किया। बाद में मुख्य मंदिर के घाट पर नागा साधुओं ने शाही स्नान किया। इसके बाद ब्रह्मलाल जी मंदिर में पूजा की। बाद में महामंडलेश्वर बाबा बालकदास ने साधु संतों से गौरक्षा और यमुना की निर्मलता के लिए साल भर जनजागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। अगले वर्ष इस अभियान की प्रगति के साथ फिर से बटेश्वर में मिलने की अपील की गयी।
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सुबह आठ बजे महामंडलेश्वर बाबा बालकदास के नेतृत्व में नागा साधुओं और साधु संतों की टोली शिव मंदिर शृंखला के घाट से सप्त कोसीय परिक्त्रस्मा के लिए निकली। बटेश्वर के विभिन्न देवालयों के दर्शन पूजन के अलावा विभिन्न संप्रदायों के अखाड़ों के भ्रमण के बाद परिक्त्रस्मा संपन्न हुई। परिक्त्रस्मा मार्ग पर संत महात्माओं के साथ महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान संत महात्माओं ने तलवारबाजी का प्रदर्शन किया। बाद में मुख्य मंदिर के घाट पर नागा साधुओं ने शाही स्नान किया। इसके बाद ब्रह्मलाल जी मंदिर में पूजा की। बाद में महामंडलेश्वर बाबा बालकदास ने साधु संतों से गौरक्षा और यमुना की निर्मलता के लिए साल भर जनजागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। अगले वर्ष इस अभियान की प्रगति के साथ फिर से बटेश्वर में मिलने की अपील की गयी।
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