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Basant Panchami 2024: बच्चे का पढ़ाई में नहीं लगता है मन, तो वसंत पंचमी के दिन करें ये उपाय; जानें पूजा विधि
Tue, 13 Feb 2024 01:17 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 13 Feb 2024 01:17 PM IST
सार
Basant Panchami 2024: वसंत पंचमी का दिन विद्यार्थियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन विद्या और ज्ञान की देवी माता सरस्वती की आराधना की जाती है।
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Basant Panchami 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वसंत पंचमी बुधवार को है। इसी दिन ज्ञान की देवी सरस्वती की आराधना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का अवतरण हुआ। ब्रह्मांड में सात रंगों की आभा में पीला रंग सर्वप्रथम आया इसलिए मां को पीला रंग अतिप्रिय है। मां के एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक, तीसरे में माला है। चौथे हाथ से मां वरदान देती नजर आती हैं।
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बन रहे हैं शुभ योग
ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि बुधवार को रेवती नक्षत्र, गजकेसरी योग, शुक्ल योग, शुभ योग कुंभ राशि में और चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे। पंचांग के अनुसार पंचमी तिथि 13 तारीख को 2:44 से प्रारंभ होगी, जो 14 तारीख को 12:10 तक रहेगी। उदया तिथि 14 फरवरी को है इसलिए इस साल वसंत पंचमी 14 फरवरी को ही मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त काल सुबह 7:16 से लेकर 12 बजे तक रहेगा। प्राचीन काल में वसंत पंचमी के दिन ही विद्या आरंभ और मां सरस्वती का पूजन कराया जाता था। मान्यता है कि इस दिन मां पूजन करने से विद्यार्थियों को आशीर्वाद देती हैं।
ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि बुधवार को रेवती नक्षत्र, गजकेसरी योग, शुक्ल योग, शुभ योग कुंभ राशि में और चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे। पंचांग के अनुसार पंचमी तिथि 13 तारीख को 2:44 से प्रारंभ होगी, जो 14 तारीख को 12:10 तक रहेगी। उदया तिथि 14 फरवरी को है इसलिए इस साल वसंत पंचमी 14 फरवरी को ही मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त काल सुबह 7:16 से लेकर 12 बजे तक रहेगा। प्राचीन काल में वसंत पंचमी के दिन ही विद्या आरंभ और मां सरस्वती का पूजन कराया जाता था। मान्यता है कि इस दिन मां पूजन करने से विद्यार्थियों को आशीर्वाद देती हैं।
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पूजा विधि
पुरोहित पं. सुभाष शास्त्री ने बताया कि वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराके पीले वस्त्र या पीली चुन्नी, गेंदे के फूल की माला से सजा दें। पीला चंदन और अक्षत से तिलक करें। मां सरस्वती की वंदना एवं मंत्र पाठ करें घर में छोटे बच्चों से भी माता की पूजा करवाएं। कॉपी या स्लेट पर ओम लिखवा दें। मां सरस्वती को पीले रंग की मिठाई, केसर वाले मीठे चावल, केला, लड्डू आदि का भोग अर्पित करें। हवन-यज्ञ करें। अंत में आरती उतारें।
पुरोहित पं. सुभाष शास्त्री ने बताया कि वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराके पीले वस्त्र या पीली चुन्नी, गेंदे के फूल की माला से सजा दें। पीला चंदन और अक्षत से तिलक करें। मां सरस्वती की वंदना एवं मंत्र पाठ करें घर में छोटे बच्चों से भी माता की पूजा करवाएं। कॉपी या स्लेट पर ओम लिखवा दें। मां सरस्वती को पीले रंग की मिठाई, केसर वाले मीठे चावल, केला, लड्डू आदि का भोग अर्पित करें। हवन-यज्ञ करें। अंत में आरती उतारें।
वीणा, माला और किताब में छिपे हैं संकेत
- वीणा की ध्वनि से सृष्टि को वाणी और संगीत की प्राप्ति हुई और ज्ञान का प्रकाश मिला।
- पुस्तक वेद हैं जो कि विद्या, ज्ञान, तेज, बुद्धि, साहित्य, शिक्षा, कला के प्रतीक हैं।
- माला सभी को जोड़ने और मानसिक तत्परता को बनाए रखने का प्रतीक है।
- माता सरस्वती पीले वस्त्र धारण करती हैं जो ऊर्जा, वैभव, सुख-संपदा, शक्ति समृद्धि एवं सौभाग्य का प्रतीक है। इसलिए पीले वस्त्र पहनकर ही माता की पूजा वसंत पंचमी के दिन करनी चाहिए।
- वीणा की ध्वनि से सृष्टि को वाणी और संगीत की प्राप्ति हुई और ज्ञान का प्रकाश मिला।
- पुस्तक वेद हैं जो कि विद्या, ज्ञान, तेज, बुद्धि, साहित्य, शिक्षा, कला के प्रतीक हैं।
- माला सभी को जोड़ने और मानसिक तत्परता को बनाए रखने का प्रतीक है।
- माता सरस्वती पीले वस्त्र धारण करती हैं जो ऊर्जा, वैभव, सुख-संपदा, शक्ति समृद्धि एवं सौभाग्य का प्रतीक है। इसलिए पीले वस्त्र पहनकर ही माता की पूजा वसंत पंचमी के दिन करनी चाहिए।
यदि बच्चा पढ़ाई से चुराता है जी तो करें ये उपाय
अगर आपका बच्चा पढ़ाई से जी चुराता है या उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता तो वसंत पंचमी के दिन अपने बच्चे के हाथ से हरे रंग के फल अर्पित करवाएं। अगर विद्यार्थी का मन पढ़ाई में नहीं लगता है तो उन्हें मां सरस्वती के मूल मंत्र ॐ ऎं सरस्वत्यै ऎं नमः का जाप करना चाहिए। इसके अलावा माता सरस्वती का एक चित्र बच्चे के स्टडी रूम में स्टडी टेबल के पास लगाएं।
अगर आपका बच्चा पढ़ाई से जी चुराता है या उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता तो वसंत पंचमी के दिन अपने बच्चे के हाथ से हरे रंग के फल अर्पित करवाएं। अगर विद्यार्थी का मन पढ़ाई में नहीं लगता है तो उन्हें मां सरस्वती के मूल मंत्र ॐ ऎं सरस्वत्यै ऎं नमः का जाप करना चाहिए। इसके अलावा माता सरस्वती का एक चित्र बच्चे के स्टडी रूम में स्टडी टेबल के पास लगाएं।