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हाईवे के किनारे बंद नहीं होंगे बार
अमर उजाला ब्यूरो आगरा।
Updated Mon, 27 Mar 2017 01:09 AM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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हाईवे किनारे स्थित होटलों के लिए राहत भरी खबर है। वह बेखौफ होकर बार का संचालन कर सकते हैं। अब सिर्फ राष्ट्रीय और राज्य हाईवे किनारे स्थित शराब की दुकानों को ही बंद किया जाएगा। बार मालिकों को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। उनको भी इस दायरे से बाहर रखा गया है।
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे किनारे शराब की बिक्री पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। इस पर आबकारी विभाग ने राष्ट्रीय और राज्य हाईवे किनारे स्थिति शराब की दुकानों बंद करने का नोटिस दिया। साथ ही होटल में संचालित बार और सिर्फ बार के संचालकों को भी अपने बार बंद करने का आदेश दिया। इसमें शहर के कई फाइव स्टार होटल भी शामिल थे। इससे होटल इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया। दरअसल, होटल प्रबंधकों का तर्क था कि वह शराब की ओपन सेल नहीं करते। उनके ठहरने वाले लोग ही बार का प्रयोग करते हैं। पर्यटन जगत ने भी इसका विरोध किया। इसके बाद आबकारी विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की फिर से समीक्षा कराई। पिछले दिनों लखनऊ में इसको लेकर अधिकारियों की बैठक भी हुई। इसमें तय किया कि होटलों और बार को इससे दूर रखा जाएगा। होटल प्रबंधन अपने यहां बार संचालित कर सकते हैं। इसके अलावा एक अप्रैल से हाईवे किनारे स्थित शराब की दुकानें बंद करा दी जाएंगी। बता दें कि पिछले दिनों आबकारी विभाग ने शराब के नए लाइसेंस और पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण किया था। इस दौरान हाईवे किनारे के लिए शराब की बिक्री का एक भी न तो नया लाइसेंस जारी किया गया और न ही पुराने का नवीनीकरण किया।
इनसेट
तलाश रहे नई जगह
हाईवे किनारे स्थित पौने दो सौ से अधिक शराब की दुकानें हैं। इनमें से अधिकांश ने नये ठिकाने तलाश लिए हैं, फिर भी कई लाइसेंस धारक अभी रह गए हैं। इन्होंने अब तक किसी प्रकार का कोई आवेदन नहीं दिया है। एक अप्रैल से इनकी दुकानें बंद होना तय है। हालांकि शराब के लिए नई दुकानें मिलने भी काफी दिक्कत आ रही है। शहर में शराब की बिक्री को लेकर कई क्षेत्रों में विरोध चल रहा है। इसके चलते तमाम लाइसेंस धारकों को दुकान खोलने के लिए जगह ही नहीं मिल पा रही है। ऐसे में हाइवे किनारे स्थित तमाम दुकानदारों के सामने भी यही मुश्किल खड़ी हो रही है।
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क्या है आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय और राज्य हाईवे किनारे से 500 मीटर के दायरे में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि इससे पहले स्कूल-कालेज, धार्मिक स्थल, अस्पताल के आसपास भी शराब की दुकानें के लिए लाइसेंस जारी न करने का निर्देश है।
एक अप्रैल से हाईवे किनारे स्थित शराब की दुकानें बंद कर दी जाएंगी। जिन लोगों ने हाईवे से 500 मीटर अंदर दूसरी दुकान ले ली है, उन्हें इस कार्रवाई से दूर रखा जाएगा। साथ ही होटलों के बार और सिर्फ बार को छूट दी गई है।
- एलबी यादव, जिला आबकारी यादव
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पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे किनारे शराब की बिक्री पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। इस पर आबकारी विभाग ने राष्ट्रीय और राज्य हाईवे किनारे स्थिति शराब की दुकानों बंद करने का नोटिस दिया। साथ ही होटल में संचालित बार और सिर्फ बार के संचालकों को भी अपने बार बंद करने का आदेश दिया। इसमें शहर के कई फाइव स्टार होटल भी शामिल थे। इससे होटल इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया। दरअसल, होटल प्रबंधकों का तर्क था कि वह शराब की ओपन सेल नहीं करते। उनके ठहरने वाले लोग ही बार का प्रयोग करते हैं। पर्यटन जगत ने भी इसका विरोध किया। इसके बाद आबकारी विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की फिर से समीक्षा कराई। पिछले दिनों लखनऊ में इसको लेकर अधिकारियों की बैठक भी हुई। इसमें तय किया कि होटलों और बार को इससे दूर रखा जाएगा। होटल प्रबंधन अपने यहां बार संचालित कर सकते हैं। इसके अलावा एक अप्रैल से हाईवे किनारे स्थित शराब की दुकानें बंद करा दी जाएंगी। बता दें कि पिछले दिनों आबकारी विभाग ने शराब के नए लाइसेंस और पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण किया था। इस दौरान हाईवे किनारे के लिए शराब की बिक्री का एक भी न तो नया लाइसेंस जारी किया गया और न ही पुराने का नवीनीकरण किया।
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तलाश रहे नई जगह
हाईवे किनारे स्थित पौने दो सौ से अधिक शराब की दुकानें हैं। इनमें से अधिकांश ने नये ठिकाने तलाश लिए हैं, फिर भी कई लाइसेंस धारक अभी रह गए हैं। इन्होंने अब तक किसी प्रकार का कोई आवेदन नहीं दिया है। एक अप्रैल से इनकी दुकानें बंद होना तय है। हालांकि शराब के लिए नई दुकानें मिलने भी काफी दिक्कत आ रही है। शहर में शराब की बिक्री को लेकर कई क्षेत्रों में विरोध चल रहा है। इसके चलते तमाम लाइसेंस धारकों को दुकान खोलने के लिए जगह ही नहीं मिल पा रही है। ऐसे में हाइवे किनारे स्थित तमाम दुकानदारों के सामने भी यही मुश्किल खड़ी हो रही है।
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क्या है आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय और राज्य हाईवे किनारे से 500 मीटर के दायरे में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि इससे पहले स्कूल-कालेज, धार्मिक स्थल, अस्पताल के आसपास भी शराब की दुकानें के लिए लाइसेंस जारी न करने का निर्देश है।
एक अप्रैल से हाईवे किनारे स्थित शराब की दुकानें बंद कर दी जाएंगी। जिन लोगों ने हाईवे से 500 मीटर अंदर दूसरी दुकान ले ली है, उन्हें इस कार्रवाई से दूर रखा जाएगा। साथ ही होटलों के बार और सिर्फ बार को छूट दी गई है।
- एलबी यादव, जिला आबकारी यादव