{"_id":"5c2dc6cbbdec2257216b9064","slug":"banks-blocks-magnetic-atm-cards","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बैंकों ने बंद किए इस तरह के एटीएम कार्ड, आठ लाख से ज्यादा खाताधारक परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों ने बंद किए इस तरह के एटीएम कार्ड, आठ लाख से ज्यादा खाताधारक परेशान
Thu, 03 Jan 2019 01:54 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 03 Jan 2019 01:54 PM IST
विज्ञापन
atm card
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंकों ने 31 दिसंबर से मैग्नेटिक एटीएम कार्ड बंद कर दिए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश के मुताबिक एक जनवरी से केवल चिपयुक्त नए डेबिट कार्ड
ही एटीएम में काम कर रहे हैं। इससे आगरा जिले में 8 लाख से ज्यादा बैंक खाताधारक परेशान हैं। अभी तक जिले में केवल 65 फीसदी खाताधारकों के पास ही नए चिपयुक्त कार्ड पहुंचे हैं। जिले में 22 लाख खाताधारक हैं। 14 लाख तक ही नए एटीएम कार्ड पहुंचे हैं।
चार महीने से बैंक अपने ग्राहकों को मैग्नेटिक डेबिट कार्ड बदलने के काम में लगी हैं। कई बैंकों ने खाताधारकों को उनके घर के पते पर ही नए चिपयुक्त एटीएम/डेबिट कार्ड भेजे हैं तो कइयों ने बैंक में ग्राहक को बुलाकर नए कार्ड सौंपने की व्यवस्था की है। ज्यादातर ग्राहकों ने बैंक जाकर कार्ड बदलने की जहमत नहीं उठाई तो उनके कार्ड 31 दिसंबर की रात से बंद हो गए।
ऐसे ग्राहकों की संख्या 8 लाख से ज्यादा है। बैंकों में दो दिन से एटीएम कार्ड लेने वालों का तांता लगा हुआ है। ज्यादातर बैंकों ने अपने खाताधारकों के कार्ड शाखाओं में भेज दिए हैं। ग्राहकों को उन्हें लेने के लिए शाखा तक जाना पड़ रहा है। इससे केवाईसी तो पूरी हो रही है, वहीं ओटीपी की जगह पिन नंबर सीधे ग्राहक को ही पता चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ही एटीएम में काम कर रहे हैं। इससे आगरा जिले में 8 लाख से ज्यादा बैंक खाताधारक परेशान हैं। अभी तक जिले में केवल 65 फीसदी खाताधारकों के पास ही नए चिपयुक्त कार्ड पहुंचे हैं। जिले में 22 लाख खाताधारक हैं। 14 लाख तक ही नए एटीएम कार्ड पहुंचे हैं।
चार महीने से बैंक अपने ग्राहकों को मैग्नेटिक डेबिट कार्ड बदलने के काम में लगी हैं। कई बैंकों ने खाताधारकों को उनके घर के पते पर ही नए चिपयुक्त एटीएम/डेबिट कार्ड भेजे हैं तो कइयों ने बैंक में ग्राहक को बुलाकर नए कार्ड सौंपने की व्यवस्था की है। ज्यादातर ग्राहकों ने बैंक जाकर कार्ड बदलने की जहमत नहीं उठाई तो उनके कार्ड 31 दिसंबर की रात से बंद हो गए।
विज्ञापन
ऐसे ग्राहकों की संख्या 8 लाख से ज्यादा है। बैंकों में दो दिन से एटीएम कार्ड लेने वालों का तांता लगा हुआ है। ज्यादातर बैंकों ने अपने खाताधारकों के कार्ड शाखाओं में भेज दिए हैं। ग्राहकों को उन्हें लेने के लिए शाखा तक जाना पड़ रहा है। इससे केवाईसी तो पूरी हो रही है, वहीं ओटीपी की जगह पिन नंबर सीधे ग्राहक को ही पता चल रहा है।
विज्ञापन
एटीएम कार्ड से फ्रॉड के लिए मांग रहे पिन नंबर
मैग्नेटिक एटीएम कार्ड बंद होने के बाद बैंक ग्राहकों को चिपयुक्त नए एटीएम कार्ड दिए गए हैं। इस मौके का फायदा उठाते हुए फ्रॉड करने वालों ने नया पैंतरा अपनाया है। वह एटीएम कार्ड धारकों को फोन कर बताते हैं कि उनका कार्ड बंद हो चुका है।
जो नया कार्ड लिया है, वो चालू तभी होगा, जब वह उसके पीछे लिखा तीन अंकों को सीवीवी नंबर या फोन पर आया ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) बताएंगे।
देहात में इस तरह की घटनाएं अधिक सामने आई हैं। ज्यादातर बैंकों ने घर पर ही नए कार्ड भेज दिए हैं। इससे उनके अधिकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भी
भेजा गया। वही ओटीपी पूछकर बैंक कार्ड से फ्रॉड किया जा रहा है।
बैंकों ने एसएमएस भेज किया सावधान
बैंकों ने एटीएम पिन, सीवीवी और ओटीपी पूछकर फ्रॉड करने वालों से ग्राहकों को सावधान कि या है। बैंकों ने ग्राहकों को एसएमएस भेजे हैं, जिनमें साफ कहा है कि बैंक किसी भी एटीएम कार्ड के लिए खाताधारक से पिन नंबर नहीं पूछता। ओटीपी या सीवीवी नंबर कभी नहीं पूछा जाता। अगर बैंक एटीएम में कोई समस्या है तो अपने ब्रांच मैनेजर से संपर्क करें। फोन पर किसी से भी अपना पासवर्ड या ओटीपी शेयर न करें।
जो नया कार्ड लिया है, वो चालू तभी होगा, जब वह उसके पीछे लिखा तीन अंकों को सीवीवी नंबर या फोन पर आया ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) बताएंगे।
देहात में इस तरह की घटनाएं अधिक सामने आई हैं। ज्यादातर बैंकों ने घर पर ही नए कार्ड भेज दिए हैं। इससे उनके अधिकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भी
भेजा गया। वही ओटीपी पूछकर बैंक कार्ड से फ्रॉड किया जा रहा है।
बैंकों ने एसएमएस भेज किया सावधान
बैंकों ने एटीएम पिन, सीवीवी और ओटीपी पूछकर फ्रॉड करने वालों से ग्राहकों को सावधान कि या है। बैंकों ने ग्राहकों को एसएमएस भेजे हैं, जिनमें साफ कहा है कि बैंक किसी भी एटीएम कार्ड के लिए खाताधारक से पिन नंबर नहीं पूछता। ओटीपी या सीवीवी नंबर कभी नहीं पूछा जाता। अगर बैंक एटीएम में कोई समस्या है तो अपने ब्रांच मैनेजर से संपर्क करें। फोन पर किसी से भी अपना पासवर्ड या ओटीपी शेयर न करें।
हर दिन फ्रॉड की 50 से 60 शिकायतें
एटीएम का पासवर्ड पूछकर फ्रॉड की शिकायतें छुट्टियों के दिनों में ज्यादा होती हैं। हर दिन एटीएम कार्ड फ्रॉड की 50 से 60 शिकायतें तक बैंकों के पास आ रही हैं। यह उन दिनों में ज्यादा बढ़ती हैं, जब बैंकों की लगातार चार से पांच दिन की छुट्टियां होती हैं।
इससे फ्रॉड होने पर या मोबाइल पर नकदी निकासी का मैसेज आने पर भी ग्राहक कार्ड को बंद नहीं करा सकता। नए एटीएम कार्ड से जुड़ी कोई भी जानकारी ग्राहकों को किसी से भी शेयर न करने की अपील बैंक प्रबंधन ने की है।
इससे फ्रॉड होने पर या मोबाइल पर नकदी निकासी का मैसेज आने पर भी ग्राहक कार्ड को बंद नहीं करा सकता। नए एटीएम कार्ड से जुड़ी कोई भी जानकारी ग्राहकों को किसी से भी शेयर न करने की अपील बैंक प्रबंधन ने की है।