फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Banke Bihari Prakatyotsav will be celebrated in Vrindavan on 18 November

Mathura: वृंदावन में 18 नवंबर को मनाया जाएगा बांकेबिहारी का प्राकट्योत्सव, मंदिर में तैयारियां शुरू

Wed, 23 Nov 2022 12:33 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 23 Nov 2022 12:33 AM IST
सार

वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी के प्राकट्योत्सव की तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार 28 नवंबर को प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर निधिवन से बांकेबिहारी मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।  

विज्ञापन
Banke Bihari Prakatyotsav will be celebrated in Vrindavan on 18 November
बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा के वृंदावन में जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी का प्राकट्योत्सव (28 नवंबर) बिहार पंचमी को मनाया जाएगा। महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। इस दौरान ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर और निधिवनराज में अनेक धार्मिक आयोजन होंगे। 

विज्ञापन


बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि करीब 479 वर्ष पूर्व मार्गशीर्ष (अगहन) माह की शुक्लपक्ष पंचमी को निधिवनराज में संगीतज्ञ हरिदास की संगीत साधना से प्रकट हुईं श्यामश्यामा की युगल जोड़ी के समन्वित स्वरूप को ही ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के नाम से पुकारते हैं।

विज्ञापन

वृंदावन में निकलेगी भव्य शोभायात्रा 

उन्होंने बताया कि बिहार पंचमी की सुबह निधिवन में बिहारीजी के प्राकट्यस्थल पर दिव्य अभिषेक के बाद हरिदासजी की बधाई शोभायात्रा नगर भ्रमण करती हुई दोपहर में बिहारीजी मंदिर पहुंचेगी। यहां अभिषेक, भोग, टीका, बधाई, मंगलगान, विशेष आरती आदि के बाद ठाकुरजी को राजभोग धराया जाएगा। आरती के बाद सेवायतजन महोत्सव में शामिल भक्तजनों को आशीष प्रदान करेंगे। नगर के अन्य स्थानों पर भी विविध मनोरथ होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

सात दशक पूर्व शुरू हुई थी शोभायात्रा

लगभग सात दशक पहले बिहार पंचमी का परंपरागत महोत्सव साधारण तरीके से मनाया जाता था। वर्ष 1955 से 58 तक मंदिर की व्यवस्थाएं संभालने वाली प्रबंध कमेटी ने गोस्वामी छबीले वल्लभाचार्य के संयोजन में बांकेबिहारी समारोह परिषद का गठन किया। इसके बाद से महोत्सव में शोभायात्रा निकालने की परंपरा शुरू हुई। 

धीरे-धीरे विस्तार पाने वाले बिहार पंचमी महोत्सव में भक्तों के साथ बेरीवाला परिवार भी ख़ासा योगदान देता है। पर्व पर पीली पोलिस से सजे मंदिर में पीत पोशाक सहित बहुमूल्य आभूषण धारण करने वाले बिहारीजी को केसरिया पंच मेवायुक्त बादाम हलुआ और मेवा के लड्डुओं का विशेष भोग धराते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed