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श्रीबांकेबिहारी की ग्रीष्मकालीन सेवा शुरू: मंदिर में दर्शन का समय बदला, जानिए कब खुलेंगे पट
Fri, 02 Apr 2021 08:30 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 02 Apr 2021 08:30 AM IST
सार
- मंगलवार से सुबह पौने आठ बजे मंदिर के पट खुले
- राजभोग आरती के साथ दोपहर 12 बजे बंद हुए।
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बांके बिहारी मंदिर वृंदावन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मंगलवार से श्रीबांकेबिहारी मंदिर के दर्शन का समय परिवर्तित हो गया है। अब नई व्यवस्था के तहत प्रातः7.45 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा शाम 5.30 बजे से रात 9.30 बजे तक मंदिर के पट खुले रहेंगे। मंदिर में मंगलवार से ग्रीष्मकालीन सेवा शुरू हो गई। ठाकुर बांकेबिहारी के पट सुबह एक घंटा पहले खुल रहे हैं तथा सांयकाल एक घण्टा देरी से बंद हो रहे हैं।
मंदिर में ब्रज की परम्पराओं के अनुसार ठाकुरजी के बालस्वरूप की सेवा की जाती है। इस सेवा में मौसम के अनुरूप ही दर्शन के साथ-साथ भोग-राग की सेवा में भी बदलाव होता रहता है। गर्मी का प्रभाव बढ़ने के साथ मंगलवार से सुबह पौने आठ बजे मंदिर के पट खुले और राजभोग आरती के साथ दोपहर 12 बजे बंद हुए।
पहले ठाकुर जी के पट प्रातः पौने नौ बजे खुलते थे तथा अपराह्न में एक बजे बंद होते थे। तीसरे पहर मंदिर के पट साढ़े पांच बजे खुल रहे हैं और रात में साढ़े नौ बजे ठाकुरजी को शयन कराया जा रहा है। राजभोग एवं शयनभोग दर्शन बंद होने से पांच मिनट पूर्व आरती की जाती है। सह प्रबंधक उमेश चंद्र सारस्वत ने बताया कि दीपावली तक मंदिर में दर्शनों का यही क्रम रहेगा।
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मंदिर में ब्रज की परम्पराओं के अनुसार ठाकुरजी के बालस्वरूप की सेवा की जाती है। इस सेवा में मौसम के अनुरूप ही दर्शन के साथ-साथ भोग-राग की सेवा में भी बदलाव होता रहता है। गर्मी का प्रभाव बढ़ने के साथ मंगलवार से सुबह पौने आठ बजे मंदिर के पट खुले और राजभोग आरती के साथ दोपहर 12 बजे बंद हुए।
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पहले ठाकुर जी के पट प्रातः पौने नौ बजे खुलते थे तथा अपराह्न में एक बजे बंद होते थे। तीसरे पहर मंदिर के पट साढ़े पांच बजे खुल रहे हैं और रात में साढ़े नौ बजे ठाकुरजी को शयन कराया जा रहा है। राजभोग एवं शयनभोग दर्शन बंद होने से पांच मिनट पूर्व आरती की जाती है। सह प्रबंधक उमेश चंद्र सारस्वत ने बताया कि दीपावली तक मंदिर में दर्शनों का यही क्रम रहेगा।
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