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आयुष्मान योजना: सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल नहीं ले रहे हैं रुचि, गंभीर मरीज बेहाल
Wed, 04 Sep 2019 08:47 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 04 Sep 2019 08:47 AM IST
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आयुष्मान योजना
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आयुष्मान योजना सुपर स्पेशियलिटी सेंटरों की कमी से जूझ रही है। किडनी, हृदय, लिवर, कैंसर जैसे गंभीर मर्ज के इलाज में दिक्कत आ रही है। गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा सिर्फ 15 अस्पतालों में ही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के यहां 1150 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। आयुष्मान योजना की बात करें तो इसमें महज 47 चिकित्सकीय संस्थान ही जुड़े हुए हैं। योजना में हड्डी रोग में दो, कैंसर रोग में एक, हृदय रोग के तीन सुपर स्पेशियलिटी सेंटर शामिल हैं। अस्पतालों की संख्या कम होने से कूल्हा प्रत्यारोपण, स्टेंट, एंजियोप्लास्टी, कीमोथेरेपी और रेडियो थेरेपी के मरीजों को परेशानी होती है।
ये भी पढ़ें: आयुष्मान योजना: अस्पतालों की मनमानी से भटक रहे मरीज, स्वास्थ्य विभाग को मिल रहीं शिकायतें
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किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा वाला जिले में एक भी अस्पताल नहीं है। ऐसे में इसके मरीजों को आगरा में इलाज नहीं मिल पा रहा है। पैथोलॉजी लैब, रेडियो डायग्नोसिस सेंटर योजना में शामिल नहीं हैं। ऐसे में अस्पताल ही अपने पर्चे पर मरीज की जांच कराते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के यहां 1150 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। आयुष्मान योजना की बात करें तो इसमें महज 47 चिकित्सकीय संस्थान ही जुड़े हुए हैं। योजना में हड्डी रोग में दो, कैंसर रोग में एक, हृदय रोग के तीन सुपर स्पेशियलिटी सेंटर शामिल हैं। अस्पतालों की संख्या कम होने से कूल्हा प्रत्यारोपण, स्टेंट, एंजियोप्लास्टी, कीमोथेरेपी और रेडियो थेरेपी के मरीजों को परेशानी होती है।
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किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा वाला जिले में एक भी अस्पताल नहीं है। ऐसे में इसके मरीजों को आगरा में इलाज नहीं मिल पा रहा है। पैथोलॉजी लैब, रेडियो डायग्नोसिस सेंटर योजना में शामिल नहीं हैं। ऐसे में अस्पताल ही अपने पर्चे पर मरीज की जांच कराते हैं।
दो सुपर स्पेशियलिटी सेंटर समेत तीन योजना से हुए अलग
आयुष्मान योजना में पहले से ही सुपर स्पेशियलिटी सेंटरों की कमी थी, इसमें तीन अस्पताल संचालकों ने योजना से बाहर करने के लिए सीएमओ ऑफिस में प्रार्थना पत्र दिया है।
ये भी पढ़ें: आयुष्मान योजना पर लापरवाही का 'ग्रहण', अभी तक सात लाख लोगों के नहीं बने गोल्डन कार्ड
यह अस्पताल सिकंदरा स्थित सिनर्जी प्लस, रेनबो हॉस्पिटल और कमला नगर स्थित अरिहंत आई क्लीनिक एंड हॉस्पिटल है। इनमें सिनर्जी प्लस और अरिहंत आई क्लीनिक एंड हॉस्पिटल में तो इस योजना में एक भी मरीज लाभान्वित नहीं हुआ।
आयुष्मान योजना में शामिल करने के अस्पताल संचालकों को प्रेरित किया जा रहा है। आईएमए के साथ बैठक भी की थी। जिन बीमारियों का आगरा में इलाज की सुविधा न होने पर उन्हें अन्य हायर सेंटर के लिए रेफर किया जाता है। डॉ. मुकेश वत्स, सीएमओ
आयुष्मान योजना में पहले से ही सुपर स्पेशियलिटी सेंटरों की कमी थी, इसमें तीन अस्पताल संचालकों ने योजना से बाहर करने के लिए सीएमओ ऑफिस में प्रार्थना पत्र दिया है।
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यह अस्पताल सिकंदरा स्थित सिनर्जी प्लस, रेनबो हॉस्पिटल और कमला नगर स्थित अरिहंत आई क्लीनिक एंड हॉस्पिटल है। इनमें सिनर्जी प्लस और अरिहंत आई क्लीनिक एंड हॉस्पिटल में तो इस योजना में एक भी मरीज लाभान्वित नहीं हुआ।
आयुष्मान योजना में शामिल करने के अस्पताल संचालकों को प्रेरित किया जा रहा है। आईएमए के साथ बैठक भी की थी। जिन बीमारियों का आगरा में इलाज की सुविधा न होने पर उन्हें अन्य हायर सेंटर के लिए रेफर किया जाता है। डॉ. मुकेश वत्स, सीएमओ