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आयुष्मान का जान लें ये नियम: डिस्चार्ज के बाद बिगड़ी तबीयत तो नहीं मिलेगा तुरंत इलाज, खुद से करना पड़ेगा खर्च

Mon, 31 Aug 2026 09:52 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 31 Aug 2026 09:52 AM IST
सार

आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद तबीयत बिगड़ने पर मरीज को 15 दिन तक उसी उपचार के लिए दोबारा भर्ती होने में परेशानी होती है। ऐसे में कई मरीजों को इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ रहा है, जबकि आईएमए ने नियम में बदलाव की मांग की है।
 

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Ayushman Bharat's 15-Day Rule Becomes a Hurdle: Patients Can't Be Re-Admitted Immediately After Discharge
आयुष्मान कार्ड - फोटो : AI Generated

विस्तार

आयुष्मान भारत योजना...बीमारी में जरूरतमंदों के लिए बड़ा सहारा। इसका एक नियम परेशानी की वजह बन रहा है। अस्पताल से छुट्टी होने पर तकलीफ बढ़ने पर मरीज दोबारा भर्ती नहीं हो सकता है। इसके लिए उसे 15 दिन का इंतजार करना पड़ेगा। नए सिरे से प्रक्रिया करनी पड़ेगी। आईएमए ने इसमें बदलाव करने की भी मांग उठाई है।
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आयुष्मान योजना में जिले में 102 अस्पताल पंजीकृत हैं। इसमें से 80 निजी और 22 सरकारी हैं। इसमें अभी तक 1.69 लाख मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। कई ऐसे मरीज हैं, जिनको आयुष्मान योजना में अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद दोबारा भर्ती होने में परेशानी उठानी पड़ रही है। इस बीच मरीज भर्ती भी होता है तो खर्च खुद ही वहन करना पड़ रहा है।
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केस एक: 15 दिन की बाध्यता से परेशानी
कासगंज निवासी कमलेश ने बताया कि आगरा में सास का कैंसर का ऑपरेशन कराया। इसमें डिस्चार्ज होने के बाद परेशानी होने पर दो सप्ताह के बाद नए सिरे से आवेदन की बात कही। 15 दिन की बाध्यता न हो तो आसानी हो जाए।
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केस दो: खुद की कराई फिजियोथेरेपी
रामबाग निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि हड्डी के ऑपरेशन के बाद डिस्चार्ज हुआ। कुछ दिन बाद परेशानी होने पर फिजियोथेरेपी बताई। इसके लिए एक बार का 1,000 रुपये खर्च बताया। मजबूरी में घर पर ही फिजियोथेरेपी कराई।

फॉलोअप कराते, दो सप्ताह से दोबारा से आवेदन
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि मरीज के अस्पताल से जाने के बाद परेशानी होने पर फॉलोअप कराते हैं। छुट्टी के 15 दिन बाद नए सिरे से फाइल बनाकर भर्ती करा सकते हैं। इस दौरान परेशानी बढ़ने पर दूसरे अस्पताल में भर्ती होकर इलाज पा सकते हैं।



दूसरे अस्पताल में इलाज की बाध्यता नहीं
आईएमए अध्यक्ष  डॉ. पंकज नगायच ने कहा कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर 15 दिन के बाद ही भर्ती हो सकता है। इस दौरान दूसरे अस्पताल में संबंधित बीमारी के इलाज के लिए भर्ती हो सकता है। सरकार को पत्र लिखकर इस समय सीमा को समाप्त करने के लिए मांग करेंगे।

जिले में आयुष्मान भारत की ये है स्थिति:
3,18239: लाभार्थी परिवार।
2,71926: परिवारों के कार्ड बने।

1,69642: मरीज हुए लाभान्वित।
71,774: बुजुर्गाें (70 से अधिक आयु) के बने कार्ड

102: अस्पताल हैं पंजीकृत
 
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