सैंया। ग्राम पंचायत शाहपुर के ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और श्रमदान से एक ऐसा कार्य कर दिखाया है, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। लंबे समय से बदहाल पड़े कच्चे चकमार्ग की खुद मरम्मत कर ग्रामीणों ने विकास कार्यों के प्रति अपनी एकजुटता और आत्मनिर्भरता की शानदार मिसाल पेश की है।
ग्राम शाहपुर से हिरोडा माइनर तक करीब दो किलोमीटर लंबा कच्चा मार्ग है, जिसका उपयोग राहगीर ग्वालियर हाईवे तक कम समय में पहुंचने के लिए करते हैं। यह मार्ग पिछले कई वर्षों से अत्यधिक ऊबड़-खाबड़ और जर्जर स्थिति में पड़ा था। मलखान सिंह, राकेश शर्मा, ओमप्रकाश रावत, शिवचरन, खजाना सिंह और राजू मुखिया आदि ने बताया कि इस मार्ग की मरम्मत के लिए प्रशासन के साथ क्षेत्र के सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत के अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। धरातल पर काम नहीं हो सका। सरकारी मदद की आस टूटने के बाद गांव में एक पंचायत बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मार्ग की मरम्मत अब ग्रामीण खुद अपने दम पर करेंगे। इसके बाद रविवार को दर्जनों ट्रैक्टर और ग्रामीण श्रमदान करने के लिए सड़क पर उतर आए। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने इस बदहाल चकरोड को चलने योग्य बना दिया।