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ऑडिट नहीं हुआ तो प्रधानों को नहीं मिलेगा अदेय प्रमाण पत्र
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कासगंज। ग्राम पंचायतों का चुनाव के लिए कुछ माह ही शेष है, पंचायत विभाग द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। जिनमें ग्राम प्रधानों द्वारा कराए गए विकास कार्यों का शत-प्रतिशत ऑडिट कराया जाना है, जिसके लिए बीडीओ एवं एडीओ पंचायत को निर्देश जारी किए गए हैं। ऑडिट न होने पर प्रधानों को अदेय प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा।
जिला पंचायत राज अधिकारी शहनाज अंसारी ने कहा कि सचिव व प्रधान द्वारा अपनी पंचायत का अपने कार्यकाल के दौरान प्रत्येक वर्ष का ऑडिट यदि नहीं कराया गया है कि तो चरणबद्ध तरीके से सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर करा लिया जाए। ऑडिट के दौरान लेखा परीक्षक द्वारा लेखा परीक्षा प्रतिवेदन में यदि कोई अधिभार से संबंधित धनराशि इंगित की जाती है तो उस धनराशि को संबंधित सचिव व प्रधान से वसूल कर संबंधित निधि में जमा कराते हुए कैशबुक में अंकन करने के उपरांत ऑडिट आपत्ति का शतप्रतिशत संतोषजनक अनुपालन कराया जाए।
ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के उपरांत अदेय प्रमाणपत्र तभी दिया जाए जब प्रधान द्वारा ऑडिट करा लिया जाए एवं कोई गड़बड़ी की गई है तो उसकी रिकवरी ग्राम निधि के खाते में जमा कराई जाए।
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ऑडिट में शौचालय निर्माण में यदि अधोमानक, गबन या अनियमितता संबंधी कोई ऑडिट आपत्ति या वसूली आदि का बिंदु आया है तो उसका निराकरण 20 फरवरी तक अनिवार्य रूप से कराया जाए। जहां धनराशि आहरित करने के बाद भी शौचालय नहीं बने, वहां 15 दिनों के भीतर निर्माण कर पूर्ण करा कर आख्या भेजी जाए।
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जिला पंचायत राज अधिकारी शहनाज अंसारी ने कहा कि सचिव व प्रधान द्वारा अपनी पंचायत का अपने कार्यकाल के दौरान प्रत्येक वर्ष का ऑडिट यदि नहीं कराया गया है कि तो चरणबद्ध तरीके से सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर करा लिया जाए। ऑडिट के दौरान लेखा परीक्षक द्वारा लेखा परीक्षा प्रतिवेदन में यदि कोई अधिभार से संबंधित धनराशि इंगित की जाती है तो उस धनराशि को संबंधित सचिव व प्रधान से वसूल कर संबंधित निधि में जमा कराते हुए कैशबुक में अंकन करने के उपरांत ऑडिट आपत्ति का शतप्रतिशत संतोषजनक अनुपालन कराया जाए।
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ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के उपरांत अदेय प्रमाणपत्र तभी दिया जाए जब प्रधान द्वारा ऑडिट करा लिया जाए एवं कोई गड़बड़ी की गई है तो उसकी रिकवरी ग्राम निधि के खाते में जमा कराई जाए।
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ऑडिट में शौचालय निर्माण में यदि अधोमानक, गबन या अनियमितता संबंधी कोई ऑडिट आपत्ति या वसूली आदि का बिंदु आया है तो उसका निराकरण 20 फरवरी तक अनिवार्य रूप से कराया जाए। जहां धनराशि आहरित करने के बाद भी शौचालय नहीं बने, वहां 15 दिनों के भीतर निर्माण कर पूर्ण करा कर आख्या भेजी जाए।