एटा दरगाह प्रकरणः खोदाई में मिलीं देव प्रतिमाओं की जांच शुरू, एएसआई पता लगाएगी इनकी प्राचीनता
एटा के कस्बा जलेसर स्थित बड़े मियां दरगाह परिसर की खोदाई में हनुमानजी और शनिदेव की मूर्तियां मिली थीं। इसे लेकर भाजपा विधायक ने यहां मंदिर होने का दावा किया था।
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एटा के कस्बा जलेसर की बड़े मियां दरगाह पहुंचकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने बुधवार को सर्वे किया। खोदाई वाली जगह को खंगाला। करीब एक घंटे तक रुकी तीन सदस्यीय टीम ने यहां खोदाई में निकलीं प्रतिमाओं की नापजोख की। खोदाई वाले स्थान पर गहराई और मिट्टी की परतों का विश्लेषण किया और फोटो लिए। इस पर अध्ययन कर टीम हफ्ते भर में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
बड़े मियां की दरगाह समिति के वित्तीय विवादों में आने के बाद प्रशासन ने इस दरगाह की व्यवस्थाएं अपने हाथ में ले ली हैं। जात करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए दरगाह के बाहर की ओर पुलिस चौकी निर्माण के लिए 15 अप्रैल को नींव खोदाई कराई जा रही थी। इसी दौरान वहां खोदाई में हनुमान जी और शनिदेव की पत्थर की प्रतिमाएं निकलीं। जिन्हें दरगाह के एक विश्राम स्थल में रखवा दिया गया। इनकी भी पूजा-अर्चना की जा रही है।
क्षेत्रीय लोग कर रहे मंदिर का दावा
क्षेत्रीय लोगों का दावा है कि पूर्व में यहां शनिदेव मंदिर था। प्रतिमाएं मिट्टी में दबाकर अतिक्रमण कर लिया गया। इस पर डीएम ने मूर्तियों की स्थिति पता करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को पत्र भेजा। इस आधार पर बुधवार दोपहर को आगरा से एएसआई उपाधीक्षक सुनीता तेवतिया, सहायक अधीक्षक नीरज वर्मा और संरक्षण सहायक अंकिम नामदेव पहुंचे। तहसील से एसडीएम जलेसर अलंकार अग्निहोत्री को साथ लेकर दरगाह स्थल पर पहुंचे। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक संजीव दिवाकर भी वहां पहुंच गए।
टीम ने सबसे पहले खोदाई में मूर्तियां मिलने वाले स्थान की पड़ताल की। सदस्यों ने गड्ढे में नीचे उतरकर मिट्टी को हटाते हुए परतें देखीं। साथ ही इसके फोटो लिए। दरगाह से इसकी दूरी नापी। इसके बाद पास के एक खेत में टीम पहुंची। करीब 20 फुट दूरी पर स्थित यह खेत दरगाह और खोदाई स्थल से कितना नीचा है, इसकी जांच की।
इससे पता लग सकेगा कि दरगाह पर मिट्टी की कितनी परतों से ऊंचाई हुई है। सबसे बाद में टीम निकली हुई मूर्तियों को देखने पहुंची। पैमाने से इनकी हर कोण से नाप ली। मौजूद ग्राम प्रधान व अन्य लोगों से पूछा कि कितनी बार मूर्ति पर चोला चढ़ाया है? मूर्तियों के फोटो भी लिए। पड़ताल पूरी कर करीब 1.50 बजे टीम आगरा के लिए रवाना हो गई।
बनवाई जाएगी ढाई फीट की दीवार
ग्राम प्रधान शीलेंद्र सिंह ने बताया कि मूर्तियों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जाएंगे। अभी यह विश्राम गृह के खुले चबूतरे में रखी हैं। इसके चारों ओर करीब ढाई फुट ऊंची दीवार का निर्माण कराया जाएगा। जिससे मूर्तियां सुरक्षित रहें।
एएसआई आगरा की उपाधीक्षक सुनीता तेवतिया ने बताया कि डीएम एटा का पत्र मिला था, जिसके आधार पर जलेसर में दरगाह स्थल का सर्वेक्षण किया है। वहां की भौगोलिक स्थिति, मिट्टी, आसपास के क्षेत्र, मूर्तियों आदि की जांच की। सभी के फोटो लिए हैं और लोगों से पूछताछ की है। आगरा में इन पर विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। संभवत: एक सप्ताह में हम अपनी रिपोर्ट दे देंगे।