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ताजमहल समेत सभी स्मारकों में होंगे एएसआई के गाइड, पास करनी होगी ये परीक्षा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:52 PM IST
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ताजमहल
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ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी समेत केंद्रीय संरक्षित स्मारकों के अंदर अब एएसआई के गाइड होंगे। अभी तक पर्यटन मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग के गाइड भी स्मारकों में काम कर रहे थे, लेकिन अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) भी गाइडों को लिखित परीक्षा के बाद लाइसेंस देगा।
एएसआई ने इसके लिए नीति की अधिसूचना भी जारी कर दी है। एएसआई हर स्मारक के लिए विशिष्ट गाइड और स्मारक समूह के लिए विशिष्ट गाइडों के लाइसेंस जारी करेगा। ये गाइड एएसआई के संरक्षित स्मारकों के अंदर ही काम कर पाएंगे। यह स्मारक के बाहर पर्यटकों के साथ नहीं जा सकेंगे।
आईआईटीटीएम से परीक्षा पास करने वालों को ही यह लाइसेंस दिए जाएंगे। हर अभ्यर्थी को गाइड की परीक्षा पास करने के लिए तीन अवसर दिए जाएंगे। हालांकि फिलहाल एएसआई संरक्षित स्मारकों में पर्यटन मंत्रालय के क्षेत्रीय स्तर के गाइड भी काम करते रहेंगे लेकिन नए लाइसेंस एएसआई ही जारी करेगा।
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एएसआई ने इसके लिए नीति की अधिसूचना भी जारी कर दी है। एएसआई हर स्मारक के लिए विशिष्ट गाइड और स्मारक समूह के लिए विशिष्ट गाइडों के लाइसेंस जारी करेगा। ये गाइड एएसआई के संरक्षित स्मारकों के अंदर ही काम कर पाएंगे। यह स्मारक के बाहर पर्यटकों के साथ नहीं जा सकेंगे।
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आईआईटीटीएम से परीक्षा पास करने वालों को ही यह लाइसेंस दिए जाएंगे। हर अभ्यर्थी को गाइड की परीक्षा पास करने के लिए तीन अवसर दिए जाएंगे। हालांकि फिलहाल एएसआई संरक्षित स्मारकों में पर्यटन मंत्रालय के क्षेत्रीय स्तर के गाइड भी काम करते रहेंगे लेकिन नए लाइसेंस एएसआई ही जारी करेगा।
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हर स्मारक के लिए अलग बनेंगे गाइड
एएसआई ने नीति में तय किया है कि हर स्मारक के लिए अलग से गाइड होंगे और उसे केवल स्मारक के लिए ही लाइसेंस दिया जाएगा। जिस तरह से फतेहपुर सीकरी में एएसआई ने लाइसेंस दिए थे, ठीक उसी तर्ज पर ताजमहल और अन्य स्मारकों के लिए लाइसेंस दिए जाएंगे।
हर स्मारक पर कितने गाइड होंगे, इसका फैसला पर्यटकों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। लाइसेंस धारकों के लिए आईआईटीटीएम, ग्वालियर में लिखित और मौखिक परीक्षा के बाद प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इतिहास की डिग्री अब जरूरी नहीं
एएसआई के स्मारक गाइड में इतिहास की डिग्री अब जरूरी नहीं होगी। किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री वाले आवेदन कर सकेंगे। आईआईटीटीएम, ग्वालियर द्वारा इतिहास, वास्तुकला, स्मारकों के महत्व पर आधारित लिखित परीक्षा ली जाएगी।
हर स्मारक पर कितने गाइड होंगे, इसका फैसला पर्यटकों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। लाइसेंस धारकों के लिए आईआईटीटीएम, ग्वालियर में लिखित और मौखिक परीक्षा के बाद प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इतिहास की डिग्री अब जरूरी नहीं
एएसआई के स्मारक गाइड में इतिहास की डिग्री अब जरूरी नहीं होगी। किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री वाले आवेदन कर सकेंगे। आईआईटीटीएम, ग्वालियर द्वारा इतिहास, वास्तुकला, स्मारकों के महत्व पर आधारित लिखित परीक्षा ली जाएगी।
पर्यटन एवं होटल मैनेजमेंट में डिग्री, ऐतिहासिक स्मारक में गाइड का काम करने का अनुभव, एक से ज्यादा भाषा और अंग्रेजी के साथ विदेशी भाषाओं के ज्ञान वालों को वरीयता मिलेगी।
60 साल से ज्यादा उम्र के आवेदकों को लाइसेंस से पहले स्वस्थता की जांच करानी होगी और इसके लिए रिपोर्ट दाखिल करने के बाद ही नवीनीकरण किया जाएगा।
60 साल से ज्यादा उम्र के आवेदकों को लाइसेंस से पहले स्वस्थता की जांच करानी होगी और इसके लिए रिपोर्ट दाखिल करने के बाद ही नवीनीकरण किया जाएगा।