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प्रो. अशोक बने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति, सामने होंगी पांच बड़ी चुनौतियां
Wed, 12 Feb 2020 10:51 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 12 Feb 2020 10:51 AM IST
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प्रो. अशोक
- फोटो : अमर उजाला
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी(एएमयू) के अर्थशास्त्र विभाग के शिक्षक प्रो. अशोक मित्तल डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के कुलपति बनने वाले अलीगढ़ के दूसरे शिक्षक होंगे। इनसे पहले प्रो. शांति स्वरूप (एसएस) गुप्ता कुलपति रह चुके हैं। संयोग से दोनों शिक्षक डीएस कॉलेज में अर्थशास्त्र भी पढ़ा चुके हैं।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का पांच बड़ी समस्याओं से सामना होगा। ये समस्याएं पिछले कई सत्रों से चली आ रही हैं, इनका स्थायी समाधान नहीं हो पाया और ये अभी तक बनी हुई हैं।
विश्वविद्यालय से 1098 कॉलेज संबद्ध हैं और इनमें करीब पांच लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। मार्कशीट में त्रुटियां ठीक कराने और डिग्री के करीब 40 हजार प्रार्थना पत्र हैं। कई बार आवेदन करने पर भी इनका समाधान नहीं हो पाया।
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शैक्षणिक सत्र भी देरी से है, इसको नियमित करने के लिए भी प्रयास करने होंगे। परीक्षा शुल्क जमा कराने में निजी कॉलेजों की ढिलाई से अभी इनके फार्म नहीं भरे गए हैं। फर्जी मार्कशीट प्रकरण के दोषियों पर भी अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं छात्र संघ चुनाव कराने के लिए छात्र संगठन आंदोलन किए हुए हैं। ऐेसे में छात्र संगठन चुनाव पर भी उनका सामना छात्रों से होगा।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का पांच बड़ी समस्याओं से सामना होगा। ये समस्याएं पिछले कई सत्रों से चली आ रही हैं, इनका स्थायी समाधान नहीं हो पाया और ये अभी तक बनी हुई हैं।
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विश्वविद्यालय से 1098 कॉलेज संबद्ध हैं और इनमें करीब पांच लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। मार्कशीट में त्रुटियां ठीक कराने और डिग्री के करीब 40 हजार प्रार्थना पत्र हैं। कई बार आवेदन करने पर भी इनका समाधान नहीं हो पाया।
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शैक्षणिक सत्र भी देरी से है, इसको नियमित करने के लिए भी प्रयास करने होंगे। परीक्षा शुल्क जमा कराने में निजी कॉलेजों की ढिलाई से अभी इनके फार्म नहीं भरे गए हैं। फर्जी मार्कशीट प्रकरण के दोषियों पर भी अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं छात्र संघ चुनाव कराने के लिए छात्र संगठन आंदोलन किए हुए हैं। ऐेसे में छात्र संगठन चुनाव पर भी उनका सामना छात्रों से होगा।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद तय करेंगे कार्ययोजना: प्रो. अशोक मित्तल नवनियुक्त कुलपति प्रो. अशोक मित्तल से फोन पर हुई बातचीत पर उन्होंने बताया कि अभी वह दिल्ली में हैं। यहां से 14 को अलीगढ़ लौटेंगे। विश्वविद्यालय के कार्यभार ग्रहण करने और प्राथमिकता की अभी उन्होंने कोई तिथि नहीं बताई। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय का कार्यभार ग्रहण के बाद कार्ययोजना तय करेंगे।
पांच बड़ी चुनौतियां:
- बीएड की फर्जी मार्कशीट प्रकरण में दोषियों पर कार्रवाई।
- 40 हजार लंबित डिग्री-मार्कशीट डिस्पैच कराना।
- 83 प्राइवेट कॉलेजों से परीक्षा शुल्क जमा कराना।
- लेट चल रहे शैक्षणिक सत्र को नियमित करना।
- विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव पर निर्णय लेना।
पांच बड़ी चुनौतियां:
- बीएड की फर्जी मार्कशीट प्रकरण में दोषियों पर कार्रवाई।
- 40 हजार लंबित डिग्री-मार्कशीट डिस्पैच कराना।
- 83 प्राइवेट कॉलेजों से परीक्षा शुल्क जमा कराना।
- लेट चल रहे शैक्षणिक सत्र को नियमित करना।
- विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव पर निर्णय लेना।