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नर्सिंग होम में इलाज के लिए मनमानी वसूली की जांच शुरू
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मैनपुरी। शहर के कचहरी रोड पर संचालित सतीश नर्सिंग होम में उपचार के लिए मनमानी कीमत वसूलने की शिकायत मिली थी। शिकायत पर जिलाधिकारी ने चार अधिकारियों की समिति का गठन किया है। समिति ने नर्सिंग होम प्रबंधन को नोटिस जारी कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया और दूरभाष पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह से बिल्ला पांडेय नाम के युवक ने शिकायत की थी। इसमें बताया था कि 30 अप्रैल को शहर के सतीश नर्सिंग होम में गांव भोजपुरा निवासी मरीज को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। यहां उनसे उपचार के लिए 14 दिन के चार लाख 77 हजार रुपये लिए गए। इसमें 3.25 लाख रुपये तो बेड के लिए गए। शिकायत में सभी बिल भी संलग्न किए गए थे।
इसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने चार अधिकारियों की समिति जांच के लिए गठित की है। इसमें मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय, एसडीएम सदर ऋषिराज, सीओ सिटी अभय नरायन राय और डिप्टी सीएमओ डॉ. अनिल यादव को शामिल किया गया है।
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समिति ने सतीश नर्सिंग होम के प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बुधवार शाम को टीम ने नर्सिंग होम जाकर भी मामले की जांच की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के चार्ज आदि के बारे में जानकारी की।
परिजनों के लिए गए बयान
जांच समिति ने अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों के भी बयान दर्ज किए। उनसे पूछा गया कि कब से कब तक मरीज को भर्ती रखा गया। जो भी खर्च बिल में दर्शाए गए हैं उसके बारे में उन्हें पूर्व में बताया गया था या नहीं। इसके अलावा जांच समिति ने अन्य बिंदुओं पर भी सवाल जवाब किए।
जिलाधिकारी से सतीश नर्सिंग होम में इलाज के नाम पर अधिक वसूली की शिकायत हुई थी। उनके द्वारा जांच समित का गठन किया गया है। समिति अपनी जांच कर रही है। जल्द ही जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। -ऋषिराज, एसडीएम सदर।
मरीज की ओर से नर्सिंग होम में सिर्फ 37800 रुपये का भुगतान ही जमा किया गया है। गंभीर हालत होने पर उसे रेफर कर दिया गया था। शिकायतकर्ता का मरीज से कोई संबंध नहीं है, साजिश के तहत झूठी शिकायत की गई है। जांच समिति के समक्ष नर्सिंग होम अपना पक्ष रखेगा। -अनुपम गुप्ता, डायरेक्टर सतीश नर्सिंग होम।
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सोशल मीडिया और दूरभाष पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह से बिल्ला पांडेय नाम के युवक ने शिकायत की थी। इसमें बताया था कि 30 अप्रैल को शहर के सतीश नर्सिंग होम में गांव भोजपुरा निवासी मरीज को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। यहां उनसे उपचार के लिए 14 दिन के चार लाख 77 हजार रुपये लिए गए। इसमें 3.25 लाख रुपये तो बेड के लिए गए। शिकायत में सभी बिल भी संलग्न किए गए थे।
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इसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने चार अधिकारियों की समिति जांच के लिए गठित की है। इसमें मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय, एसडीएम सदर ऋषिराज, सीओ सिटी अभय नरायन राय और डिप्टी सीएमओ डॉ. अनिल यादव को शामिल किया गया है।
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समिति ने सतीश नर्सिंग होम के प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बुधवार शाम को टीम ने नर्सिंग होम जाकर भी मामले की जांच की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के चार्ज आदि के बारे में जानकारी की।
परिजनों के लिए गए बयान
जांच समिति ने अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों के भी बयान दर्ज किए। उनसे पूछा गया कि कब से कब तक मरीज को भर्ती रखा गया। जो भी खर्च बिल में दर्शाए गए हैं उसके बारे में उन्हें पूर्व में बताया गया था या नहीं। इसके अलावा जांच समिति ने अन्य बिंदुओं पर भी सवाल जवाब किए।
जिलाधिकारी से सतीश नर्सिंग होम में इलाज के नाम पर अधिक वसूली की शिकायत हुई थी। उनके द्वारा जांच समित का गठन किया गया है। समिति अपनी जांच कर रही है। जल्द ही जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। -ऋषिराज, एसडीएम सदर।
मरीज की ओर से नर्सिंग होम में सिर्फ 37800 रुपये का भुगतान ही जमा किया गया है। गंभीर हालत होने पर उसे रेफर कर दिया गया था। शिकायतकर्ता का मरीज से कोई संबंध नहीं है, साजिश के तहत झूठी शिकायत की गई है। जांच समिति के समक्ष नर्सिंग होम अपना पक्ष रखेगा। -अनुपम गुप्ता, डायरेक्टर सतीश नर्सिंग होम।