फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Arbitration recovery investigation started for treatment in nursing home

नर्सिंग होम में इलाज के लिए मनमानी वसूली की जांच शुरू

Thu, 27 May 2021 10:52 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 27 May 2021 10:52 PM IST
विज्ञापन
Arbitration recovery investigation started for treatment in nursing home
मैनपुरी। शहर के कचहरी रोड पर संचालित सतीश नर्सिंग होम में उपचार के लिए मनमानी कीमत वसूलने की शिकायत मिली थी। शिकायत पर जिलाधिकारी ने चार अधिकारियों की समिति का गठन किया है। समिति ने नर्सिंग होम प्रबंधन को नोटिस जारी कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन

सोशल मीडिया और दूरभाष पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह से बिल्ला पांडेय नाम के युवक ने शिकायत की थी। इसमें बताया था कि 30 अप्रैल को शहर के सतीश नर्सिंग होम में गांव भोजपुरा निवासी मरीज को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। यहां उनसे उपचार के लिए 14 दिन के चार लाख 77 हजार रुपये लिए गए। इसमें 3.25 लाख रुपये तो बेड के लिए गए। शिकायत में सभी बिल भी संलग्न किए गए थे।
विज्ञापन

इसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने चार अधिकारियों की समिति जांच के लिए गठित की है। इसमें मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय, एसडीएम सदर ऋषिराज, सीओ सिटी अभय नरायन राय और डिप्टी सीएमओ डॉ. अनिल यादव को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

समिति ने सतीश नर्सिंग होम के प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बुधवार शाम को टीम ने नर्सिंग होम जाकर भी मामले की जांच की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के चार्ज आदि के बारे में जानकारी की।
परिजनों के लिए गए बयान
जांच समिति ने अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों के भी बयान दर्ज किए। उनसे पूछा गया कि कब से कब तक मरीज को भर्ती रखा गया। जो भी खर्च बिल में दर्शाए गए हैं उसके बारे में उन्हें पूर्व में बताया गया था या नहीं। इसके अलावा जांच समिति ने अन्य बिंदुओं पर भी सवाल जवाब किए।
जिलाधिकारी से सतीश नर्सिंग होम में इलाज के नाम पर अधिक वसूली की शिकायत हुई थी। उनके द्वारा जांच समित का गठन किया गया है। समिति अपनी जांच कर रही है। जल्द ही जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। -ऋषिराज, एसडीएम सदर।

मरीज की ओर से नर्सिंग होम में सिर्फ 37800 रुपये का भुगतान ही जमा किया गया है। गंभीर हालत होने पर उसे रेफर कर दिया गया था। शिकायतकर्ता का मरीज से कोई संबंध नहीं है, साजिश के तहत झूठी शिकायत की गई है। जांच समिति के समक्ष नर्सिंग होम अपना पक्ष रखेगा। -अनुपम गुप्ता, डायरेक्टर सतीश नर्सिंग होम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed