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बेटियों ने लिया नारी सशक्तिकरण का संकल्प, बोलीं- अब नारी अबला नहीं, 'अपराजिता' हैं
Sun, 15 Sep 2019 04:27 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 15 Sep 2019 04:27 PM IST
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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स
- फोटो : अमर उजाला
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एटा में अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को शांति नगर स्थित ज्ञान भारतीय इंटर कालेज में छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत रंगोली सजाई। इसमें तिरंगे के साथ बेटी बचाओ का नारा भी लिखा। वहीं हाथों में लगी मेंहंगी महिला सशक्तिकरण का संदेश दे रही थी।
बेटियों के महत्व को बताते हुए प्रधानाचार्य विवेक यादव ने कहा कि समाज बेटियों के प्रति लोगों का नजरिया तेजी से बदल रहा है। आशंकित रहने वाली माता बहिनों का भी हौसला बढ़ा है। अमर उजाला की अपराजिता पहल सोने में सुहागा बन रही है। छात्राओं को सुरक्षा का संकल्प दिलवाया।
शिक्षिका सरिता ने कहा कि बदले दौर में बेटियों के प्रति समाज जागरूक हुआ है। वे बेटी को बोझ नहीं मानते। बेटियों को भी अधिकार मिलने लगे हैं। आज बेटियां किसी से कम नहीं हैं। मिथिलेश ने कहा कि अमर उजाला की खास पहल अपराजिता अभियान से बेटियों में आत्म विश्वास बढ़ा है। उन्हें क्षमताओं एवं अधिकारों का अहसास हो रहा है।
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बेटियों के महत्व को बताते हुए प्रधानाचार्य विवेक यादव ने कहा कि समाज बेटियों के प्रति लोगों का नजरिया तेजी से बदल रहा है। आशंकित रहने वाली माता बहिनों का भी हौसला बढ़ा है। अमर उजाला की अपराजिता पहल सोने में सुहागा बन रही है। छात्राओं को सुरक्षा का संकल्प दिलवाया।
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शिक्षिका सरिता ने कहा कि बदले दौर में बेटियों के प्रति समाज जागरूक हुआ है। वे बेटी को बोझ नहीं मानते। बेटियों को भी अधिकार मिलने लगे हैं। आज बेटियां किसी से कम नहीं हैं। मिथिलेश ने कहा कि अमर उजाला की खास पहल अपराजिता अभियान से बेटियों में आत्म विश्वास बढ़ा है। उन्हें क्षमताओं एवं अधिकारों का अहसास हो रहा है।
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छात्रा बुलबुल ने कहा कि छात्राओं एवं शिक्षित महिलाओं पर अपराजिता अभियान प्रभाव छोड़ रहा है। इससे समाज में ही नहीं महिलाओं की स्थिति में भी बदलाव हो रहा है। स्वाति ने बताया कि हर क्षेत्र में नाम कमा रही बेटियों के हौसले और बढ़ रहे हैं। अब वे किसी भी काम को असंभव नहीं मान रहीं।
ये भी चाहती हैं बेटियां
मेंहदी रंगोली की प्रतिभागी छात्राओं मानसी, प्रतिज्ञा, खुशी, नेहा एवं दिव्या का कहना है कि सुरक्षा के साथ बेटियों को सुविधाएं नहीं मिल रहीं। सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों में महिलाओं के लिए आरक्षण होना चाहिए। पूजा यादव, रिचा, खुशबू, मिंकल ने कहा कि जागरूकता के अभाव में आज भी ग्रामीण अभिभावक बेटियों को लेकर संकीर्ण हैं। ऐसे में आयोजनों के माध्यम से उन्हें भी जागरूक करना होगा।
ये भी चाहती हैं बेटियां
मेंहदी रंगोली की प्रतिभागी छात्राओं मानसी, प्रतिज्ञा, खुशी, नेहा एवं दिव्या का कहना है कि सुरक्षा के साथ बेटियों को सुविधाएं नहीं मिल रहीं। सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों में महिलाओं के लिए आरक्षण होना चाहिए। पूजा यादव, रिचा, खुशबू, मिंकल ने कहा कि जागरूकता के अभाव में आज भी ग्रामीण अभिभावक बेटियों को लेकर संकीर्ण हैं। ऐसे में आयोजनों के माध्यम से उन्हें भी जागरूक करना होगा।