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UP: निजी कर्मी से वसूली कराते असिस्टेंट कमिश्नर, पत्नी के खाते में भेजा जाता पैसा; एंटी करप्शन टीम ने दबोचा
Sun, 21 Jan 2024 10:08 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 21 Jan 2024 10:08 AM IST
सार
आगरा में असिस्टेंट कमिश्नर निजी कर्मी से वसूली कराते थे। यह पैसा पत्नी और रिश्तेदारों के खाते में भेजा जाता था। एंटी करप्शन टीम ने कर्मी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में राज्य कर विभाग में एक निजी कर्मचारी पकड़ा गया है। वह असिस्टेंट कमिश्नर के ऑफिस में काम करता था। इसकी आड़ में वह वसूली कर रहा था। एंटी करप्शन टीम ने निजी कर्मचारी मनीष कुमार को शनिवार को मेरठ कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया। मुकदमे में असिस्टेंट कमिश्नर प्रवेश कुमार भी आरोपी बनाए गए हैं।
शमसाबाद रोड पर कहरई के पास रहने वाले अमरचंद का जीएसटी नंबर निरस्त हो गया था। उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से री-वोकेशन फाइल किया। राज्य कर विभाग के कार्यालय में कई चक्कर लगाने के बाद भी उनका काम नहीं हुआ। यह कार्य राज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर प्रवेश कुमार के ऑफिस से होना था। इसलिए वे लगातार वहां संपर्क कर रहे थे।
असिस्टेंट कमिश्नर के ऑफिस में सिकंदरा क्षेत्र में रहने वाला निजी कर्मचारी मनीष कुमार कार्यरत था। वह मूल रूप से बिहार के जमुई में बहादुरपुर गांव का रहने वाला है। एंटी करप्शन टीम ने मनीष कुमार को शुक्रवार को 5000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।
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आरोपी ने बताया कि वह तीन वर्ष से असिस्टेंट कमिश्नर के कार्यालय में काम कर रहा था। असिस्टेंट कमिश्नर के कहने पर वह निजी व सरकारी कार्य करता था। उनके लिए रिश्वत भी लेता था। वसूली जाने वाली रिश्वत को वह असिस्टेंट कमिश्नर प्रवेश कुमार को देता था। उसमें से 500 रुपये या एक हजार रुपये उसे मिलता था। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर संजय यादव ने बताया कि मनीष नकद में रिश्वत लेकर असिस्टेंट कमिश्नर की पत्नी व अन्य रिश्तेदारों के खाते में ऑनलाइन भेजता था। इसके साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं।
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शमसाबाद रोड पर कहरई के पास रहने वाले अमरचंद का जीएसटी नंबर निरस्त हो गया था। उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से री-वोकेशन फाइल किया। राज्य कर विभाग के कार्यालय में कई चक्कर लगाने के बाद भी उनका काम नहीं हुआ। यह कार्य राज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर प्रवेश कुमार के ऑफिस से होना था। इसलिए वे लगातार वहां संपर्क कर रहे थे।
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असिस्टेंट कमिश्नर के ऑफिस में सिकंदरा क्षेत्र में रहने वाला निजी कर्मचारी मनीष कुमार कार्यरत था। वह मूल रूप से बिहार के जमुई में बहादुरपुर गांव का रहने वाला है। एंटी करप्शन टीम ने मनीष कुमार को शुक्रवार को 5000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।
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आरोपी ने बताया कि वह तीन वर्ष से असिस्टेंट कमिश्नर के कार्यालय में काम कर रहा था। असिस्टेंट कमिश्नर के कहने पर वह निजी व सरकारी कार्य करता था। उनके लिए रिश्वत भी लेता था। वसूली जाने वाली रिश्वत को वह असिस्टेंट कमिश्नर प्रवेश कुमार को देता था। उसमें से 500 रुपये या एक हजार रुपये उसे मिलता था। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर संजय यादव ने बताया कि मनीष नकद में रिश्वत लेकर असिस्टेंट कमिश्नर की पत्नी व अन्य रिश्तेदारों के खाते में ऑनलाइन भेजता था। इसके साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं।