अनामिका शुक्ला के बाद दीप्ति सिंह का नाम चर्चा में, अब मैनपुरी में सामने आया फर्जीवाड़ा
- कस्तूरबा विद्यालय की शिक्षिका कर रही अनुदेशक के अभिलेखों से नौकरी
- वेतन रोककर बर्खास्तगी की तैयारी में जुट शिक्षा विभाग
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अनामिका शुक्ला के नाम से फर्जीवाड़े का मामला उजागर होने के बाद मैनपुरी जिले में एक फर्जी शिक्षिका का मामला सामने आया है। कस्तूरबा गांधी विद्यालय करहल में तैनात शिक्षिका दीप्ति बेवर विकास खंड में तैनात अनुदेशक के अभिलेखों से नौकरी कर रही है। इसकी शिकायत अनुदेशक ने की तो जांच शुरू करा दी गई है। प्रथम जांच में आरोप सही पाए गए हैं।
बेवर विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात अनुदेशक दीप्ति सिंह ने करहल कस्तूरबा गांधी विद्यालय में तैनात शिक्षिका दीप्ति सिंह के अभिलेख फर्जी होने की शिकायत पूर्व में की थी। शिकायतकर्ता ने बाद में शिकायत वापस ले ली।
अनामिका शुक्ला प्रकरण चर्चा में आया तो शिक्षिका दीप्ति सिंह ने डाक से अपना इस्तीफा विभाग को भेज दिया। इस्तीफा आते ही विभाग सक्रिय हो गया और पूर्व में की गई शिकायत के आधार पर दीप्ति सिंह को फोन से सूचना देकर अभिलेखों सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए, लेकिन शिक्षिका उपस्थित नहीं हुई।
प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए
शिक्षिका के विरुद्ध होगी एफआईआर
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षिका को नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुईं। प्रथम जांच में भी यह साबित हुआ है कि शिक्षिका अनुदेशक के अभिलेखों से नौकरी कर रही हैं।
शिक्षिका का वेतन रोकते हुए उसके खिलाफ एफआईआर की तैयारी शुरू कर दी गई है। दो सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट आते ही शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। शिक्षिका की बर्खास्तगी को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
अनुदेशक का मानदेय रोका
दूसरी तरफ विभाग ने अनुदेशक दीप्ति सिंह को भी प्रथम जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाया है। जांच रिपोर्ट से ये साबित हुआ है कि अनुदेशक ने स्वयं ही शिक्षिका को अपने अभिलेख दिए थे और बाद में मनमाफिक धनराशि न मिलने पर शिकायत कर दी। फिर जब मनमाफिक धनराशि मिल गई तो शिकायत वापस भी ले ली। अनुदेशक का मानदेय रोका गया है।
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम जांच में शिक्षिका के अभिलेख फर्जी पाए गए हैं। फिर भी दो सदस्यी जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रथम जांच में ये भी साबित हुआ है कि अनुदेशक ने स्वयं ही अपने अभिलेख शिक्षिका को दिए थे।
इसके आधार पर अनुदेशक का भी मानदेय रोका गया है। वहीं शिक्षिका का वेतन रोकने के साथ ही बर्खास्तगी और एफआईआर की तैयारी शुरू कर दी गई है।