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Agra News: अंजुमन मोहम्मदिया ट्रस्ट ने दाखिल किया जवाब, अब प्रशासन करेगा फैसला

Tue, 15 Sep 2026 02:18 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Tue, 15 Sep 2026 02:18 AM IST
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Anjuman Mohammadiya Trust has filed its response; the administration will now make a decision.
आगरा। कलेक्ट्रेट परिसर की करीब 10 हजार वर्ग मीटर जमीन पर कब्जे के आरोप में घिरे अंजुमन मोहम्मदिया ट्रस्ट ने सोमवार को एसीएम तृतीय की कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया। जवाब के साथ ट्रस्ट ने 1997 में जिलाधिकारी रहे दुर्गा शंकर मिश्र के साथ हुए समझौते की प्रति भी लगाई है, जिसमें आधी जमीन पर कलेक्ट्रेट के रहने और किराएदारी का जिक्र भी है।
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वहीं, तहसील की एक रिपोर्ट भी लगाई गई है जिसमें तहसील कर्मियों ने जमीन नजूल की न होने की बात लिखी है। ट्रस्ट के इस जवाब का अब प्रशासन ने उसका अध्ययन शुरू कर दिया है। अध्ययन के बाद दोनों पक्षों की दलीलों को सुना जाएगा और उसके बाद एसीएम तृतीय की अदालत मामले में फैसला सुनाएगी। बता दें कि आगरा कलेक्ट्रेट परिसर के पास सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय न्यायालय ने अंजुमन मोहम्मदिया ट्रस्ट के प्रतिनिधि जमील उद्दीन को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का आदेश दिया था।
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मामला सदर तहसील क्षेत्र के कलेक्ट्रेट कचहरी स्थित खसरा संख्या 431क (रकबा लगभग 12 से 16 बीघा) का है। नोटिस के मुताबिक, ट्रस्ट पर कलेक्ट्रेट से सदर भट्टी रोड और महात्मा गांधी रोड के बीच की 9080 वर्गमीटर सार्वजनिक भूमि पर बीते 25 सालों से अवैध रूप से निर्माण और कब्जा करने का आरोप है। प्रशासन ने उत्तर प्रदेश सार्वजनिक भू-गृहादि अधिनियम के तहत नोटिस भेजकर ट्रस्ट से 14 सितंबर तक जवाब मांगा था। नोटिस में पूछा गया है कि अवैध कब्जा हटाने के लिए बेदखली की कार्रवाई क्यों न की जाए।
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इसके अलावा, अवैध कब्जे पर 30 करोड़ रुपये का जुर्माना और कब्जा हटने तक 1.20 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की दर से क्षतिपूर्ति (हर्जाना) वसूलने की बात भी कही गई है। हालांकि, ट्रस्ट के सहायक सचिव हाजी जमील उद्दीन ने दावा किया है कि जमीन कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें मिली है। ट्रस्ट ने कोई अवैध कब्जा नहीं किया है। दस्तावेज में यह जमीन जमीदारी की है, न की नजूल की। उधर, प्रशासन का दावा है कि कलेक्ट्रेट दस्तावेज में लगभग 30 हजार वर्गमीटर जमीन दर्ज है लेकिन मौके पर करीब 20 हजार वर्गमीटर पर ही कब्जा है। यही वजह है कि जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला रिकॉर्ड के आधार पर पूरी जमीन पर कब्जा लेने की तैयारी में है।
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