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जांच टीम के सामने नहीं उपस्थित हुआ फर्जी पैनकार्ड धारक शिक्षक
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मैनपुरी। एक पैनकार्ड से दो जनपदों में नौकरी करने वाले शिक्षक की बर्खास्तगी लगभग तय हो गई है। दो जुलाई को जिला चयन समिति की बैठक के बाद बर्खास्तगी पर मोहर लगा दी जाएगी। शिक्षक के खिलाफ एफआईआर की भी तैयारी की जा रही हैं। यह निर्णय नोटिस के बाद भी शिक्षक जांच टीम के सामने उपस्थित न होने पर लिया गया है।
किशनी विकास खंड में तैनात शिक्षक कानपुर में कार्यरत शिक्षक के पैनकार्ड से नौकरी कर रहा है। इसकी शिकायत कानपुर में तैनात शिक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह ने की थी। तभी से इस मामले की जांच चल रही है। जांच में शिक्षक का पैनकार्ड फर्जी पाया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मैनपुरी के किशनी में तैनात शिक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह को तीन नोटिस जारी किए गए।
मंगलवार को शिक्षक को उपस्थिति होकर अपना पक्ष रखने के लिए के लिए अंतिम मौका दिया गया था, लेकिन शिक्षक उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद जांच टीम ने यह तय कर लिया है कि शिक्षक फर्जी है। शिक्षक की बर्खास्तगी के अभिलेख तैयार कर जिला चयन समिति को भेज दिए गए हैं। जिला चयन समित की बैठक दो जुलाई को बुलाई गई है। इस बैठक में शिक्षक की बर्खास्तगी के साथ एफआईआर की कार्रवाई होगी।
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यह है मामला
छह महीने पूर्व कानपुर देहात में तैनात शिक्षक धीरेंद्र कुमार सिंह ने स्थानीय बीएसए से शिकायत की थी कि उनके पैनकार्ड पर मैनपुरी में भी वेतन निकाला जा रहा है। परिषदीय स्कूल में उनकी तैनाती वर्ष 1999 से है। कानपुर देहात के बीएसए की ओर से पूरे मामले की जानकारी मैनपुरी भेजी गई। तभी से इस मामले की जांच चल रही थी। जांच में पता चला है कि किशनी विकास खंड के परिषदीय स्कूल में युवक धीरेंद्र सिंह के नाम से वर्ष 2006 से नौकरी कर रहा है।
शिक्षक की जांच पूरी कर ली गई है। जांच में शिक्षक के अभिलेख फर्जी पाए गए हैं। दो जुलाई को जिला चयन समिति की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह बीएसए
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किशनी विकास खंड में तैनात शिक्षक कानपुर में कार्यरत शिक्षक के पैनकार्ड से नौकरी कर रहा है। इसकी शिकायत कानपुर में तैनात शिक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह ने की थी। तभी से इस मामले की जांच चल रही है। जांच में शिक्षक का पैनकार्ड फर्जी पाया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मैनपुरी के किशनी में तैनात शिक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह को तीन नोटिस जारी किए गए।
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मंगलवार को शिक्षक को उपस्थिति होकर अपना पक्ष रखने के लिए के लिए अंतिम मौका दिया गया था, लेकिन शिक्षक उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद जांच टीम ने यह तय कर लिया है कि शिक्षक फर्जी है। शिक्षक की बर्खास्तगी के अभिलेख तैयार कर जिला चयन समिति को भेज दिए गए हैं। जिला चयन समित की बैठक दो जुलाई को बुलाई गई है। इस बैठक में शिक्षक की बर्खास्तगी के साथ एफआईआर की कार्रवाई होगी।
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यह है मामला
छह महीने पूर्व कानपुर देहात में तैनात शिक्षक धीरेंद्र कुमार सिंह ने स्थानीय बीएसए से शिकायत की थी कि उनके पैनकार्ड पर मैनपुरी में भी वेतन निकाला जा रहा है। परिषदीय स्कूल में उनकी तैनाती वर्ष 1999 से है। कानपुर देहात के बीएसए की ओर से पूरे मामले की जानकारी मैनपुरी भेजी गई। तभी से इस मामले की जांच चल रही थी। जांच में पता चला है कि किशनी विकास खंड के परिषदीय स्कूल में युवक धीरेंद्र सिंह के नाम से वर्ष 2006 से नौकरी कर रहा है।
शिक्षक की जांच पूरी कर ली गई है। जांच में शिक्षक के अभिलेख फर्जी पाए गए हैं। दो जुलाई को जिला चयन समिति की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह बीएसए