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मंडियों में नहीं बिक रहा किसानों का अनाज

Sat, 19 Nov 2016 12:09 AM IST
मंडियों में नहीं बिक रहा किसानों का अनाज
मंडियों में नहीं बिक रहा किसानों का अनाज Updated Sat, 19 Nov 2016 12:09 AM IST
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anaj mandi
मंडियों में नहीं बिक रहा किसानों का अनाज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पांच सौ व एक हजार के नोट बंद होने के बाद नए और छोटे नोटों के पर्याप्त मात्रा में न आने से किसानों की परेशानी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। एक तरफ जहां किसानों का अनाज मंडियों में नहीं बिक पा रहा है। वहीं, उन्हें फसलों में लागत लगाने के लिए बैंकों से रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। इसके चलते उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 
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शुक्रवार को बाह के गांव गुुगावली निवासी वीरेन्द्र सिंह और रजपुरा के सुरेन्द्र अपने ट्रैक्टरों से बाजरा की खेप लेकर जरार मंडी पहुंचे। गल्ला व्यवसायियों के चक्कर लगाए लेकिन नये नोट न होने के कारण उनका बाजरा नहीं बिक सका। मजबूरी में शाम को बाजरा की खेप लेकर उन्हें लौटना पड़ा। उन्होंने बताया कि आलू की बुवाई के लिए खाद नहीं खरीद पा रही है। सहकारी समिति पर 500 व 1000 के नोट नहीं लिये जा रहे हैं। इससे काम पिछड़ता जा रहा है। वहीं, बाह में एसबीआई शाखा के एटीएम पर लंबी लाइन लगी रही और कैश खत्म हो गया। इस पर लोगों ने जमकर हंगामा किया। एटीएम का शटर बंद होने के बाद दोबारा खुलने की उम्मीद में लोग शुक्रवार देरशाम वहीं बैठे रहे। जैतपुर, जरार, बाह में केनरा बैंक के एटीएम भी बंद रहे। शाहपुर ब्राह्मण, बटेश्वर, भदरौली में बैंकों के बाहर लंबी लाइन लगी रही।
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किरावली की उप गल्ला मंडी शुक्रवार को 10वें दिन बंद रही। यहां किसानों के अनाज की खरीद फरोख्त पूरी तरह बंद बड़ी है। मंडी में काम करने वाले रविन्द्र और सुभाष चन्द ने बताया कि काम न मिलने के कारण रोजीरोटी का संकट गहरा गया है। आढ़तिया संघ के अध्यक्ष ने बताया कि छोटे नोटों के अभाव में मंडी अनिश्चित काल के लिए बंद है। अछनेरा में बैंकों के बाहर नए और छोटे नोटों के चक्कर में दिन भर लोगों की लंबी लाइन लगी रही।
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बरहन में सहकारी समितियों पर पुराने नोटों के बदले किसानों को खाद देना बंद कर दिया गया है। आलू की बुआई के लिए डीएपी और यूरिया नहीं मिलने से किसान खासे परेशान हैं। पंजाब नेशनल बैंक में तीन दिन से कैश नहीं है। स्टेट बैंक और ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में लोगों ने रुपये न देने की बात कही है। गांव विरूनी के किसान कान्हा सिंह ने बताया कि यूपी स्टेट एग्रो व क्रय विक्रय समिति उन्हें खाद नहीं दी जा रही है। क्रय विक्रय समिति बरहन के प्रबंधक अवधपाल सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों ने पुराने नोट लेने से इनकार किया है। इससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्टेट बैंक के प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने बताया कि किसान को 25 हजार देने और शादी वालों को ढाई लाख देने की प्रक्रिया अभी अमल में नहीं आई है। ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त के प्रबंधक आरएस विश्नोई ने बताया कि बड़े भुगतान कैश कम होने के कारण नहीं किया जा रहा है।
फतेहपुर सीकरी में शुक्रवार को बैंकों के बाहर भीड़ कम दिखाई दी। शाम चार बजे तक जो भी आए उन्हें रुपये दे दिए गए। उपभोक्ता विशाल गर्ग ने बताया कि वे नोट बदलने में उनका इंटरनेट से प्रिंट आधार कार्ड फर्जी बताकर उन्हें लौटा दिया गया। कस्बे की तमाम बैंक शाखाओं में नोट बदलने के दौरान हाथ पर स्याही लगाई गई। एत्मादपुर की बैंकों में करेंसी न होने के चलते परेशानियां खत्म नहीं हो रही हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोगों को पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। शुक्रवार को कस्बे की बैंकों में करेंसी नहीं थी। 
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फतेहाबाद में बैंक जल्दी बंद, कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप
फतेहाबाद। गांव बाजितपुर स्थित केनरा बैंक की शाखा समय से पहले बंद होने पर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। आरोप था बैंक 11 बजे के बाद खुलती है और दो बजे लेनदेन बंद कर दिया जाता है। बैंक कर्मचारी अधिक पैसे लेकर कम धनराशि बदल कर देते हैं। इस पर शुक्रवार को ग्रामीणों ने बैंक कर्मियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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बेटी की शादी के लिए रुपये न मिलने पर फूट-फूटकर रोई महिला
खेरागढ़। नई तहसील रोड निवासी त्रिवेणी देवी की बेटी नौदेवी की एक दिसंबर को शादी है। वह ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में रुपये निकालने पहुंची थीं। सुबह से लाइन में लगी त्रिवेणी देवी का तीन बजे नंबर आया तो उन्हें शादी का कार्ड दिखाने के बाद भी दो हजार रुपये से ज्यादा नहीं दिए गए। काफी मिन्नत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो वह फूट-फूटकर रोने लगीं। वहीं, बैंक कर्मचारियों की मनमानी देख लाइन में लगे लोग भड़क गए। बाद में मैनेजर ने महिला को 5000 रुपये दिलाए। ग्रामीणों ने रुपये बांटने में बैंक पर मनमानी करने का आरोप लगाया है।  

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नोट बदलने में चल रहा खेल
पिनाहट। कस्बा क्षेत्र के ग्रामीणों ने बैंक प्रबंधकों और कर्मचारियों पर सुविधा शुल्क लेकर व्यापारियों के लाखों रुपये गुपचुप तरीके से फर्जी आईडी लगाकर बदलने का आरोप लगाया है। साथ ही लाइन में लगे लोगों को रुपये देने में मनमानी की भी बात कही है। वहीं, इस काम के लिए कुछ पुलिस कर्मियों पर भी आरोप लगाया गया है। उन्होंने इस मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। 
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