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अमृत कुंभ का पहला स्नान आज, तीर्थनगरी में उमड़ेगी आस्था
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कासगंज अमृत कुंभ का पहला स्नान आज खबर से संबंधित फोटो सोरोंजी की हरि की पौड़ी
- फोटो : KASGANJ
सोरोंजी (कासगंज)। तीर्थनगरी के वार्षिक अमृत कुंभ का पहला स्नानपर्व आज है। भगवान वराह की मोक्षस्थली में स्नान के लिए एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना जताई गई है। पुलिस और प्रशासन ने पार्किंग के अलावा रूट डायवर्ट करने की व्यवस्था बनाई गई है।
एकादशी पर्व के स्नान के लिए सोमवार को ही राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित कई प्रांतों के श्रद्धालु पहुंच गए थे। उन्होंने शाम से ही डेरा डाल दिया है। सुदूर इलाकों के श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। मंगलवार की भोर हरिपदी गंगा में स्नान कर श्रद्धालु पुण्य लाभ कमाएंगे। स्नान के लिए दूरदराज इलाकों के साधू संत भी पहुंचे हैं। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने मेलाग्राउंड का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं। सोरोंजी में मेला ग्राउंड से दूर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा एक प्लाटून फ्लड पीएसी, एक प्लाटून पीएसी बल और कोतवाली सोरोंजी का पुलिसबल तैनात रहेगा।
मोक्षदा एकादशी का महत्व
मोक्षदा एकादशी का अपना अलग महत्व है। आज के दिन भगवान वराह ने पाताल लोक से पृथ्वी को बाहर निकाला था। उसके बाद हिरण्यकक्ष्यप और अन्य राक्षसों का वध करने के बाद एकादशी के दिन व्रत रखा था और हरिपदी गंगा में स्नान किया। उसके अगले दिन द्वादशी पर भगवान वराह मोक्षधाम के लिए चले गए। पंडित रामबल्लभ बताते हैं कि उस समय नारद जी ने भगवान वराह से पूछा कि कलियुग में आपके महत्व का क्या प्रमाण होगा तो भगवान वराह ने कहा कि जो भी व्यक्ति अपने पूर्वजों की अस्थियां हरिपदी में विसर्जित करेगा, मैं उन अस्थियों को 72 घंटे में विलीन कर लूंगा ।
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आज रहेगा सार्वजनिक अवकाश
मार्गशीर्ष एकादशी स्नान पर्व पर मंगलवार को जिले में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। मेले को लेकर अधीनस्थों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे व्यवस्थाएं बनाए रखें। सीडीओ मेले के नोडल अधिकारी हैं। मेले में सुरक्षा की व्यवस्था पुलिस संभाल रही है। हर्षिता माथुर, डीएम
मेले में सुरक्षा की दृष्टि से एक प्लाटून पीएसी, सौ पुलिसकर्मी, एक फ्लड यूनिट के अलावा अन्य जनपदों का फोर्स भी लगाया गया है। मेला थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि वे चाक-चौबंद व्यवस्थाएं बनाए रखें। रोहन प्रमोद बोत्रे, एसपी।
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एकादशी पर्व के स्नान के लिए सोमवार को ही राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित कई प्रांतों के श्रद्धालु पहुंच गए थे। उन्होंने शाम से ही डेरा डाल दिया है। सुदूर इलाकों के श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। मंगलवार की भोर हरिपदी गंगा में स्नान कर श्रद्धालु पुण्य लाभ कमाएंगे। स्नान के लिए दूरदराज इलाकों के साधू संत भी पहुंचे हैं। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने मेलाग्राउंड का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं। सोरोंजी में मेला ग्राउंड से दूर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा एक प्लाटून फ्लड पीएसी, एक प्लाटून पीएसी बल और कोतवाली सोरोंजी का पुलिसबल तैनात रहेगा।
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मोक्षदा एकादशी का महत्व
मोक्षदा एकादशी का अपना अलग महत्व है। आज के दिन भगवान वराह ने पाताल लोक से पृथ्वी को बाहर निकाला था। उसके बाद हिरण्यकक्ष्यप और अन्य राक्षसों का वध करने के बाद एकादशी के दिन व्रत रखा था और हरिपदी गंगा में स्नान किया। उसके अगले दिन द्वादशी पर भगवान वराह मोक्षधाम के लिए चले गए। पंडित रामबल्लभ बताते हैं कि उस समय नारद जी ने भगवान वराह से पूछा कि कलियुग में आपके महत्व का क्या प्रमाण होगा तो भगवान वराह ने कहा कि जो भी व्यक्ति अपने पूर्वजों की अस्थियां हरिपदी में विसर्जित करेगा, मैं उन अस्थियों को 72 घंटे में विलीन कर लूंगा ।
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आज रहेगा सार्वजनिक अवकाश
मार्गशीर्ष एकादशी स्नान पर्व पर मंगलवार को जिले में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। मेले को लेकर अधीनस्थों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे व्यवस्थाएं बनाए रखें। सीडीओ मेले के नोडल अधिकारी हैं। मेले में सुरक्षा की व्यवस्था पुलिस संभाल रही है। हर्षिता माथुर, डीएम
मेले में सुरक्षा की दृष्टि से एक प्लाटून पीएसी, सौ पुलिसकर्मी, एक फ्लड यूनिट के अलावा अन्य जनपदों का फोर्स भी लगाया गया है। मेला थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि वे चाक-चौबंद व्यवस्थाएं बनाए रखें। रोहन प्रमोद बोत्रे, एसपी।